भारत-पोलैंड के बीच गहरी हुई दोस्ती: पीएम मोदी बोले- रक्षा, स्पेस और ट्रेड में बढ़ेंगे नए अवसर

भारत-पोलैंड के बीच गहरी हुई दोस्ती: पीएम मोदी बोले- रक्षा, स्पेस और ट्रेड में बढ़ेंगे नए अवसर

pm modi with pm donald tusk

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत आए पोलैंड के प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और व्यापार जैसे अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने का ऐलान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की मजबूत होती आर्थिक ताकत और रणनीतिक सहयोग आने वाले समय में नए अवसरों के द्वार खोलेंगे।

 

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बढ़ती आर्थिक ताकत ने भारत-पोलैंड साझेदारी के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। भारत-यूरोपियन यूनियन Free Trade Agreement ने इन अवसरों को और व्यापक बनाया है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि पोलैंड के प्रधानमंत्री का भारत में हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। 2024 में मेरी पोलैंड यात्रा के दौरान उन्होंने मेरा और मेरे डेलिगेशन का आत्मीय स्वागत किया था। उस यात्रा में हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया। इसी मजबूत आधार पर पिछले 2 वर्षों में हमारी साझेदारी ने नई गति पकड़ी है। आज प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

 

इस समझौते के लागू होने पर भारत से पोलैंड को मशीनरी, केमिकल्स, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यात के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही रेलवे, मोबेलिटी एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और बॉयोटेक जैसे क्षेत्रों में हम पोलैंड से नए निवेश आकर्षित करेंगे।

 

पीएम मोदी ने कहा कि आज हमने रक्षा, स्पेस और परमाणु ऊर्जा में संबंधों को प्रगाढ़ करने पर सहमति बनाई है। इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में हम पोलैंड की कंपनियों को भारत के साथ Co-Development और Co-Production करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

 

भारत और पोलैंड, दोनों लोकतांत्रिक मूल्यों और Rule of Law में विश्वास रखते हैं। हमारा मानना है कि Global Governance Institutions को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए Reform आवश्यक है। यूक्रेन हो या पश्चिमी एशिया, भारत शांति की दिशा में किये गए हर सार्थक प्रयास का समर्थन करता रहेगा।

 

उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड की मित्रता केवल कूटनीतिक संबंधों पर नहीं, बल्कि मानवता और संवेदना की साझी विरासत पर आधारित है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जामनगर और कोल्हापुर के राज परिवारों ने पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को भारत में आश्रय दिया था। आज भी पोलैंड के लोग जाम साहब को Dobry Maharadża (‘द गुड महाराजा’) के नाम से याद करते हैं।