Jio Platforms IPO : निवेशकों के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर गजब की दीवानगी है। निवेशक पैसा तो लगा रहे हैं लेकिन कंफ्यूज भी हैं कि किस कोटा में निवेश किया जाए। रिटेल, NII और QIB कैटेगरी के अलावा कई अलग-अलग कैटेगरी हैं। RIL शेयरधारक का कोटा रिजर्व है। इसमें 14 अक्टूबर तक निवेशक होना जरूरी है। RIL और Jio प्लेटफॉर्म के कर्मचारियों का कोटा भी अलग है। शेयरधारकों और कर्मचारी के पास आवेदन के 15 अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं। अगर कोई RIL का शेयरहोल्डर है, कंपनी का कर्मचारी भी है और IPO में पैसा लगाना चाहता है तो उसके पास क्या विकल्प मौजूद हैं, यह एक बड़ा सवाल है। यहां हम इन्ही बातों को समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं।
निवेशक अपनी बोली के आकार और अलग-अलग कटेगरी में अपनी पात्रता के आधार पर, इस IPO के लिए कई तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। सामान्य रिटेल,नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (NII)और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर (QIB)कैटेगरी के अलावा,जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के साथ-साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL)और जियो प्लेटफॉर्म्स के कर्मचारियों के लिए भी हिस्सा रिजर्व रखा गया है।
इसकी वजह से इस इश्यू के लिए आवेदन करने वाले पात्र शेयरधारकों और कर्मचारियों के सामने कई तरह के विकल्प हैं, जिसमें निवेश के 15 अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं।

शेयर होल्डरों की कटेगरी
शेयरहोल्डर कोटा के तहत, किसी कंपनी के IPO का एक हिस्सा उस कंपनी के पात्रता प्राप्त शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित रखा जाता है। जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू में कंपनी ने अपने कुल 30,213 करोड़ रुपये के इश्यू में से 2,500 करोड़ रुपये रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित किए हैं। इस कैटेगरी के लिए बोली (बिड) की अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये है, जबकि न्यूनतम सीमा के बारे में कोई उल्लेख नहीं है।
जो लोग रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयर होल्डर कटेगरी के तहत आवेदन करने की योजना बना रहे थे उन्हें 13 अक्टूबर तक RIL के शेयर खरीदने थे। यह तारीख कंपनी द्वारा घोषित एलिजबिलिटी कट-ऑफ तिथि (14 अक्टूबर) से एक दिन पहले की थी।
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कर्मचारी कटेगरी
रिलायंस इंडस्ट्रीज,जियो प्लेटफॉर्म्स और जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए इस इश्यू में 500 करोड़ रुपये का हिस्सा आरक्षित है। हालांकि,RIL ग्रुप की अन्य कोई भी कंपनी इस श्रेणी के तहत आवेदन करने के लिए पात्र नहीं है।
पात्र कर्मचारी आवेदन करते समय ‘कर्मचारी कटेगरी’ (employee category) चुन सकते हैं, जो IPO की शर्तों के अधीन होगा। इस कटेगरी के लिए बोली (bid) की अधिकतम राशि 5 लाख रुपये है, जबकि न्यूनतम राशि के बारे में कोई सीमा तय नहीं की गई है।
रिटेल या NII?
सेबी (SEBI) निवेशकों को रिटेल और NII,दोनों श्रेणियों में बोली लगाने की अनुमति नहीं देता है। इसलिए, निवेशकों को रिटेल (2 लाख रुपये से कम) और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (NII) (जब बोली 2 लाख रुपये से अधिक हो) कटेगरी में से किसी एक को चुनना होता है।
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