केरल की अरुंधति ने CM योगी आदित्यनाथ को भेजा शादी का न्योता, बताया कैसे बदली जिंदगी, बोलीं- भावुक होना कमजोरी नहीं

केरल की अरुंधति ने CM योगी आदित्यनाथ को भेजा शादी का न्योता, बताया कैसे बदली जिंदगी, बोलीं- भावुक होना कमजोरी नहीं

Yogi adityanath

केरल की रहने वाली अरुंधति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी शादी में शामिल होने का न्योता दिया है। अरुंधति की शादी 20 दिसंबर को केरल के अलुवा स्थित ग्रीन पार्क कन्वेंशन सेंटर में राहुल के साथ होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बताया कि उनकी एक बात ने जीवन के प्रति उनका नजरिया बदल दिया। अरुंधति के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ से प्रेरित होकर उन्होंने समझा कि भावुक होना या रोना कमजोरी की निशानी नहीं है।

 

योगी आदित्यनाथ को बड़ा भाई मानती हैं अरुंधति

अरुंधति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे भावुक पत्र में उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह योगी आदित्यनाथ को केवल एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह देखती हैं। उनके जीवन का सफर अरुंधति के लिए साहस और प्रेरणा का स्रोत रहा है।

 

अरुंधति ने अपने पत्र में लिखा कि वह अपनी जिंदगी के सबसे खास अवसरों में से एक, यानी अपनी शादी में मुख्यमंत्री को आमंत्रित करना चाहती हैं। उनके मुताबिक, योगी आदित्यनाथ की यात्रा और उनके व्यक्तित्व ने उन्हें खुद पर भरोसा करना सिखाया।

 

बचपन में लोग कहते थे- भावुक होना कमजोरी है

अरुंधति ने पत्र में अपने बचपन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उन्हें किसी बात से चोट पहुंचती थी या वह भावुक हो जाती थीं, तो रोने लगती थीं। उनके कुछ दोस्त उन्हें कहते थे कि भावुक होना कमजोरी है और उन्हें मजबूत बनना चाहिए।

 

धीरे-धीरे अरुंधति को भी लगने लगा कि अपनी भावनाएं जाहिर करना शर्मिंदगी की बात है। वह सोचने लगी थीं कि क्या आसानी से रो पड़ने वाला व्यक्ति कभी मजबूत बन सकता है।

 

योगी आदित्यनाथ का वीडियो देखकर बदला नजरिया

 

अरुंधति के मुताबिक, एक दिन उनके चचेरे भाई ने उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो दिखाया। वीडियो में योगी आदित्यनाथ अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए भावुक हो गए थे और उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे।

 

अरुंधति ने बताया कि उनके भाई ने उनसे कहा कि भावुक होने या रोने से कोई व्यक्ति कमजोर नहीं बन जाता। उन्होंने योगी आदित्यनाथ का उदाहरण देते हुए समझाया कि व्यक्ति को अपने काम से जवाब देना चाहिए।

 

अरुंधति के अनुसार, यह बात उनके मन में बस गई और पहली बार उन्हें एहसास हुआ कि मजबूत होने का मतलब यह नहीं है कि इंसान कभी भावनाएं महसूस ही न करे।

 

‘मजबूत होने का मतलब भावनाएं छिपाना नहीं’

 

अरुंधति ने अपने पत्र में लिखा कि इस सीख ने उनके सोचने का तरीका बदल दिया। उन्होंने समझा कि मजबूती का अर्थ अपनी भावनाओं को दबाना नहीं, बल्कि उन्हें स्वीकार करने का साहस रखना और मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ते रहना है। उन्होंने कहा कि जब भी वह आत्म-संदेह से घिरती थीं, तो खुद को याद दिलाती थीं कि मजबूती का मतलब यह छिपाना नहीं है कि हम कौन हैं। असली बात यह है कि हम अपने जीवन, जिम्मेदारियों और चुनौतियों का सामना किस तरह करते हैं।

 

शादी से पहले योगी आदित्यनाथ को क्यों याद किया?

 

अरुंधति ने कहा कि जिंदगी के नए अध्याय की शुरुआत से पहले वह उस व्यक्ति को आमंत्रित करना चाहती थीं, जो अनजाने में ही उनके आत्मविश्वास और खुद को मजबूत बनाने के सफर का हिस्सा बन गया।

 

उन्होंने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व में अनुशासन, दृढ़ निश्चय, साहस और जिम्मेदारी लेने की भावना को अपने लिए प्रेरणादायक बताया।

 

अरुंधति ने यह भी स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहता है। यदि वह व्यक्तिगत रूप से शादी में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो उनके शुभकामना संदेश और आशीर्वाद भी अरुंधति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

 

एक सीख के लिए जताया आभार

 

अरुंधति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी एक सीख ने उन्हें अपनी भावनाओं को कमजोरी समझने के बजाय स्वीकार करना सिखाया। उनके लिए यह सीख आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने में मददगार रही है।