
अदालत ने बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को सौरव राजपूत की हत्या का दोषी करार दे दिया। जिला जज की अदालत में फैसले को सुनने के परिवार पहुंचा, लंबे इंतजार के बाद परिवार ने कुछ राहत जरूर महसूस की है, लेकिन यह राहत आंसुओं के बीच थी। घर में सुकून का माहौल नहीं दिखाई दिया, मां, भाई और अन्य परिजन एक-दूसरे को देखते रहे और सौरव को याद कर भावुक होते रहे। परिवार के लिए यह फैसला न्याय की दिशा में एक कदम है, लेकिन उनकी निगाहें अब 14 अक्टूबर पर टिक गई हैं, जब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी।
सौरव के परिजनों ने कहा कि अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना, परिवार चाहता था कि दोषसिद्धि के साथ ही आज उन्हें ऐसी सजा सुनाई जाती जो आने वाले समय के लिए नजीर बन जाती। परिवार का कहना है कि अब अगली सुनवाई तक एक बार फिर से उन्हें सिसकना पड़ेगा, कलेजे को ठंडक मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा मिलने पर ही पड़ेगी। पही मिलेगी। सौरव की बुआ ने भावुक होकर कहा कि जिस तरह उनके बच्चे के साथ घटना हुई, उसे याद कर आज भी कलेजा कांप जाता है। जिस तरह से इन दोनों ने जिगर के टुकड़े-टुकड़े कर.दिये है उसी तरह सज इननन दोनों के टुकड़े होने चाहिए। सौरव.की मां रेनछ और भाई बबलू दोनों दोषियों के लिए कठोरतम सजा फांसी की मांग कर रहें है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पूछा, दोनों ने कुछ कहने से किया इनकार
जिला जज की अदालत में दोषसिद्धि के बाद दोनों आरोपियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछा गया कि क्या वे सजा के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता के.के. चौबे के अनुसार, दोनों ने कुछ कहने से इनकार कर दिया। अदालत ने इसके बाद सजा पर सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की।
अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता के.के. चौबे और उनकी टीम ने कहा है कि अगली सुनवाई में दोनों दोषियों के लिए अधिकतम सजा, यानी मृत्युदंड की मांग की जाएगी। हालांकि, अंतिम निर्णय अदालत मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए करेगी।
अदालत ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों में माना दोषी
अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मुस्कान और साहिल को हत्या सहित साक्ष्य मिटाने से जुड़े आरोपों में दोषी माना। अभियोजन के अनुसार, 3 मार्च 2025 को सौरव की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से भर दिया गया था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न साक्ष्य जुटाए। सुनवाई में नीला ड्रम, ट्रॉली बैग, कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन समेत कई साक्ष्यों का उल्लेख हुआ। पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की और कई गवाहों के बयान अदालत में दर्ज हुए। अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।
परिवार के लिए फैसला सिर्फ कागज पर नहीं, सौरव की यादों से जुड़ा है
अदालत में दोषी करार दिए जाने की खबर भले ही कानूनी प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव हो, लेकिन सौरव के परिवार के लिए यह फैसला उनके उस दर्द से जुड़ा है, जिसे वे घटना के बाद से लगातार झेल रहे हैं। घर में सौरव की यादें हैं और उसके साथ बिताए पलों की टीस भी।
परिजनों का कहना है कि वे अदालत पर पूरा भरोसा रखते हैं और उन्हें उम्मीद है कि अगली सुनवाई में न्याय मिलेगा। अब परिवार 14 अक्टूबर का इंतजार कर रहा है। उस दिन अदालत दोनों दोषियों को सजा सुनाने से पहले सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। फिलहाल, दोषसिद्धि के बाद भी सौरव के घर की खामोशी नहीं टूटी है। आंखों में आंसू हैं, दिल में बेटे की याद है और एक बार फिर से सजा के लिए नई तारीख 14 अक्टूबर 2026।


