उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में 3 फीट हिस्सा और दुकान हटाने पर बनी सहमति, हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद फैसला

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में 3 फीट हिस्सा और दुकान हटाने पर बनी सहमति, हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद फैसला

ujjain masjid case

उज्जैन की मस्जिद से जुड़े निर्माण विवाद पर इंदौर हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हुआ। अब करीब 3 फीट विवादित हिस्सा और एक दुकान हटाई जाएगी। कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया।

बता दें कि उज्‍जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए बाधा बन रहे शाही मस्‍जिद के हिस्‍से को हटाने के दौरान जमकर बवाल हुआ। पत्‍थरबाजी हुई तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि अब इस विवाद को लेकर एक रास्‍ता निकलकर सामने आया है।

इंदौर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई : बता दें कि इंदौर हाईकोर्ट में सोमवार को उज्जैन की शाही मस्जिद से जुड़े निर्माण विवाद को लेकर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवाद का समाधान हो गया। इसके बाद न्यायालय ने समझौते की शर्तों को स्वीकार करते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से विवादित निर्माण के करीब साढ़े 9 फीट हिस्से को हटाने की मांग की गई थी। निर्माण को लेकर विवाद सामने आने के बाद संबंधित पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

सोमवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई। पक्षकारों ने न्यायालय के समक्ष आपसी सहमति से विवाद का समाधान करने का प्रस्ताव रखा। चर्चा के बाद दोनों पक्ष एक समझौते पर पहुंचे। समझौते के तहत करीब तीन फीट विवादित हिस्से को हटाने और एक दुकान को तोड़े जाने पर सहमति बनी।

क्‍या सहमति बनी दोनों पक्षों में : दोनों पक्षों की सहमति से तय शर्तों को न्यायालय के समक्ष रखा गया। कोर्ट ने समझौते की शर्तों को स्वीकार करते हुए याचिका का निराकरण कर दिया। अब संबंधित पक्ष समझौते के अनुसार विवादित हिस्से को हटाने और दुकान को तोड़ने की कार्रवाई करेंगे। मामले में शाही मस्जिद की ओर से अधिवक्ता कुलदीप पाठक ने पक्ष रखा। उन्होंने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति और विवाद के समाधान की स्थिति से न्यायालय को अवगत कराया।

मस्जिद के निर्माण से जुड़े हिस्से को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी विवाद के चलते मामला हाई कोर्ट पहुंचा था। याचिका में करीब साढ़े 9 फीट निर्माण हटाने की मांग की गई थी, लेकिन सुनवाई के दौरान आपसी सहमति से करीब तीन फीट हिस्सा हटाने और एक दुकान तोड़ने पर सहमति बनी। अदालत द्वारा याचिका का निराकरण किए जाने के बाद अब समझौते के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।