8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग के रिपोर्ट सौंपने के कितने दिन बाद आएगी एंप्लॉयीज के अकाउंट में बढ़ी हुई सैलरी?

आठवें वेतन आयोग का गठन करीब एक साल पहले हुआ था। इस बीच, आयोग के सदस्य देश के अलग-अलग शहरों में एंप्लॉयीज यूनियंस और पेंशनर्स एसोसिएशंस के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर उनकी राय जानने की कोशिश कर रहे हैं। अनुमान है कि आयोग अगले साल मई तक केंद्र सरकार को एंप्लॉयीज के बेसिक पे, अलान्सेज आदि में बदलाव के बारे में अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। सवाल है कि रिपोर्ट सौंपने के कितने दिन बाद एंप्लॉयीज के अकाउंट में बढ़ी हुई सैलरी और पेंशनर्स के अकाउंट में बढ़ी हुई पेंशन आएगी?

अगले साल मई तक आयोग सौंप सरकार है रिपोर्ट

आठवां वेतन आयोग अगर अगले साल मई में केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देता है तो मामला सरकार के पाले में आ जाएगा। सरकार बारीकी से आयोग की सिफारिशों का अध्ययन करेगी। वह फैसला करेगी की आयोग की रिपोर्ट में शामिल किन प्रस्तावों को लागू करना है और किसे लागू नहीं करना है। सरकार नए वेतनमान लागू करने से आने वाले वित्तीय बोझ को भी ध्यान में रखेगी। इस बारे में वह वित्त मंत्रालय सहित दूसरे मंत्रालयों से व्यापक बातचीत करेगी।

फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी सैलरी में वृद्धि

एंप्लॉयीज की सैलरी में होने वाले संशोधन में सबसे बड़ा रोल फिटमेंट फैक्टर का होगा। केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का नया बेसिक पे फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा। छठे वेतन आयोग ने 1.86 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की थी। सातवें आयोग ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की थी। इस बार एंप्लॉयीज यूनियंस ने 4 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की सैलरी उतनी ज्यादा बढ़ेगी।

सरकार अंतिम फैसला लेने में कई बातों का ध्यान रखेगी

इस मामले की समझ रखने वाले लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार फिटमेंट फैक्टर को लागू करने में सावधानी बरतेगी। इसकी वजह यह है कि इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिकी और ईरान के बीच शुरू लड़ाई से क्रूड की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। इससे सरकार का इंपोर्ट बिल काफी बढ़ गया है। दरअसल, भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी ऑयल का इंपोर्ट करता है, जिसकी कीमत उसे डॉलर में चुकानी पड़ती है। इंपोर्ट बिल बढ़ने से सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ा है।

अगले साल के आखिर तक सरकार के रिपोर्ट पर फैसला लेने की उम्मीद 

केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर विचार करने के बाद फिटमेंट फैक्टर और दूसरे प्रस्तावों के बारे में अंतिम फैसला लेगी। उसके बाद केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट्स एंप्लॉयीज की सैलरी में रिवीजन के लिए कैलकुलेशन शुरू कर देंगे। जानकारों का कहना है कि अगले साल के आखिर तक ही सरकार के इस बारे में अंतिम फैसला लेने की उम्मीद है। इस बारे में सातवें आयोग की सिफारिशों के लेकर कुछ संकेत मिलते हैं।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने में लगा था कई महीनों का वक्त

सातवें वेतन आयोग का गठन 28 फरवरी, 2014 को हुआ था। आयोग ने 19 नवंबर, 2015 को सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। सरकार ने करीब 6 महीने बाद जून 2016 में इसकी सिफारिशों को मंजूरी दी थी। लेकिन, इसे 1 जनवरी, 20216 से लागू किया गया था। इसका मतलब है कि सरकार ने आयोग की सिफारिशों को पूर्व की तारीख से लागू किया था। इससे केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज को रिवाइज्ड सैलरी के हिसाब से एरियर्स मिला था। यह देखना होगा कि सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को किस तारीख से लागू करने का फैसला लेती है।