
Yogi Govt Zero Poverty Campaign: उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने के संकल्प के साथ शुरू किए गए योगी सरकार के 'जीरो पावर्टी अभियान' ने प्रतापगढ़ जनपद में रफ्तार पकड़ ली है। जिले में कराए गए व्यापक सर्वे के बाद 32,000 अति-गरीब (वंचित) परिवारों की पहचान की गई है। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए आवेदनों का पुन: सत्यापन कराया गया है, ताकि बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक सरकारी मदद पहुंच सके। अब इन पात्र परिवारों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने का काम शुरू हो चुका है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य और कवरेज
- विस्तार : जिले के 17 ब्लॉकों की 1,148 ग्राम पंचायतों में यह सर्वे पूरा किया गया।
- लक्ष्य : प्रत्येक ग्राम पंचायत से सबसे गरीब 20 से 25 परिवारों को चिन्हित कर उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना।
- मूल संकल्प : कोई भी परिवार भोजन, पक्का आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।
किन सरकारी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ?
वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत पंचायत सहायकों और सचिवों द्वारा चिन्हित इन 32,000 परिवारों को अब निम्नलिखित योजनाओं से आच्छादित किया जा रहा है:
- आवास योजना : बेघर परिवारों को पक्के मकान की सुविधा।
- खाद्य सुरक्षा : छूटे हुए पात्र परिवारों के लिए तत्काल राशन कार्ड।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन : विधवा और असहाय महिलाओं को पेंशन का लाभ।
- बाल सेवा व श्रम योजनाएं : बच्चों के संरक्षण और परिवारों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु सहायता।
वंचित समुदायों और महिलाओं पर विशेष जोर
- इस अभियान के तहत समाज के अंतिम पायदान पर खड़े समुदायों को प्राथमिकता पर रखा गया है:
- विशेष प्राथमिकता वाले वर्ग : मुसहर, कोल, थारू और सहरिया जनजाति/समुदाय।
- सशक्तिकरण: विधवा, एकल और अत्यंत निसहाय महिलाओं को विशेष रूप से सूची में शामिल कर आत्मनिर्भर बनाने की पहल।
जिला विकास अधिकारी (DDO) आलोक आर्य के अनुसार, सभी पात्र लाभार्थियों को त्वरित गति से योजनाओं का लाभ ट्रांसफर किया जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में टिकाऊ सुधार देखने को मिलेगा।


