
Ambedkarnagar Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में जहां कभी बंजर और खेती-किसानी की ज़मीन हुआ करती थी, वहाँ अब 1100 बीघा में एक विशाल औद्योगिक गलियारा आकार ले रहा है। इस कॉरिडोर में सबसे पहले रिलायंस समूह का कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट शुरू होने जा रहा है, जिससे प्रदूषण फैलाने वाली धान की पराली, पत्तियाँ और गन्ने की खोई से बायो गैस बनाई जाएगी। इससे न केवल पर्यावरण की सुरक्षा होगी, बल्कि किसानों की आय में भी ज़बरदस्त इजाफ़ा होगा।
औद्योगिक गलियारे की मुख्य झलकियां
- रिलायंस बायो एनर्जी कॉम्प्लेक्स : यह प्लांट रिलायंस के 11 प्रमुख प्लांट्स में से एक है, जिसमें उत्पादन शुरू करने की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
- प्रमुख राष्ट्रीय कंपनियां : टाटा मोटर्स, अशोक लीलैंड और अदाणी एनर्जी जैसी दिग्गज कंपनियाँ यहाँ अपने संयंत्र स्थापित करने के लिए यूपीडा (UPEIDA) के पोर्टल पर आवेदन कर रही हैं।
- स्थानीय व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग: श्याम इंडस्ट्रीज, यशोदा फूड्स, जय भवानी नमकीन, इट्रास फार्मास्यूटिकल और श्रेया एनवायरनमेंटल जैसी कई स्थानीय व मध्यम इकाइयाँ भी यहाँ निवेश कर रही हैं।
- 80% भूमि अधिग्रहण पूरा : अकबरपुर ब्लॉक के बेवाना ग्रामीण क्षेत्र में यूपीडा द्वारा अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है।
- सिंगल विंडो सिस्टम : जिला उद्योग उपायुक्त संदीप केसरवानी के अनुसार, 'इन्ववेस्टर्स यूपी' और सिंगल विंडो क्लियरेंस के चलते सभी NOC और स्वीकृतियाँ तेज़ी से जारी की जा रही हैं।
रोजगार और स्थानीय विकास का नया दौर
- अजमलपुर, नूरपुर कला, गौरी बड़ाह, जगदीशपुर मुस्लिम और सस्पना जैसे आस-पास के गाँवों में भारी उत्साह है।
- बेकार ज़मीन का मिला सही दाम : किसानों को अपनी बंजर ज़मीन का उचित मुआावज़ा मिला है।
- स्वरोजगार के अवसर : कारखाने शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों के साथ-साथ दुकान और ढाबे जैसे छोटे व्यवसायों (स्वरोजगार) के नए रास्ते खुल रहे हैं।


