Viral Video: कनाडा की हाई डाइवर मौली कार्लसन ने न्यूफाउंडलैंड के पास अटलांटिक महासागर में एक तैरते हुए आइसबर्ग (बर्फ के विशाल टुकड़े) से छलांग लगाकर इतिहास रच दिया है। वेटसूट पहने हुए वह फिसलन भरी बर्फ पर चढ़ीं और फिर बर्फीले पानी में लगभग 15 मीटर की ऊंचाई से पीछे की ओर (बैकवर्ड) छलांग लगाई।
इस साहसिक कारनामे को ‘रेड बुल क्लिफ डाइविंग’ और विशेषज्ञों की एक टीम की मदद से पूरा किया गया। कार्लसन के करियर में यह छलांग एक बहुत बड़ा पल तो थी ही, लेकिन उन्होंने इसे अपने अब तक के सबसे डरावने अनुभवों में से एक बताया।
रेड बुल ने कार्लसन की इस डाइव का एक वीडियो शेयर किया और बताया कि वह किसी तैरते हुए आइसबर्ग से छलांग लगाने वाली पहली महिला बन गई हैं। फुटेज में दिख रहा है कि कार्लसन, कनाडाई क्लाइंबर और पैराग्लाइडर पायलट विल गैड के साथ आइसबर्ग पर चढ़ती हैं। फिर उसके किनारे तक पहुंचकर समुद्र में छलांग लगा देती हैं।
यूट्यूब पर अपनी डॉक्यूमेंट्री में कार्लसन ने कहा- “आइसबर्ग बेहद खतरनाक होते हैं। यह यकीनन अब तक का मेरा सबसे डरावना अनुभव है।” यह डाइव एक ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा थी, जिसमें उनकी हाई डाइविंग की विशेषज्ञता और समुद्र में तैर रहे बर्फ के विशाल टुकड़े पर चढ़ने के लिए जरूरी कौशल का मेल था।
कार्लसन का कहना है कि इस डाइव का मकसद डर का सामना करना था
कार्लसन के लिए यह चुनौती सिर्फ एक रिकॉर्ड बनाने से कहीं बढ़कर थी। उन्होंने कहा कि आइसबर्ग उन्हें उन डरों और चिंताओं की याद दिलाते हैं, जिन्हें लोग अक्सर छिपाकर रखते हैं। एथलीट ने बताया- “आइसबर्ग में कुछ बहुत ही प्रभावशाली बात होती है। आपको सतह के ऊपर सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा दिखता है, जबकि इसका बहुत बड़ा हिस्सा पानी के नीचे छिपा होता है। मुझे लगता है कि कई मायनों में हमारी चिंताओं और डरों के साथ भी ऐसा ही है।”
उन्होंने आगे कहा- “मैं यह उन सभी लोगों के लिए कर रही हूं, जो शायद अपने अंदर छिपी बातों को सामने लाने से डरते हैं।”
विशेषज्ञ ने कार्लसन को आइसबर्ग पर चढ़ना सिखाया
छलांग लगाने से पहले कार्लसन को यह सीखना था कि आइसबर्ग पर सुरक्षित तरीके से कैसे चढ़ा जाए। उन्होंने गैड के साथ ट्रेनिंग ली, जिन्होंने उन्हें क्रैम्पॉन (बर्फ पर चलने के लिए जूतों में लगने वाले कांटे) और बर्फ पर काम आने वाले औजारों का इस्तेमाल करना, जमी हुई सतह पर ऊपर चढ़ना और बर्फ पर खुद को स्थिर रखना सिखाया।
गैड ने उन्हें इस चढ़ाई से जुड़े सबसे बड़े खतरे के बारे में भी आगाह किया। “सबसे बड़ा खतरा यह है कि आइसबर्ग पलट सकते हैं। जब वे पलटते हैं तो यह बहुत ही खतरनाक होता है।” गैड के मार्गदर्शन और बाकी टीम की मदद से कार्लसन ने एक सही आइसबर्ग खोजा और छलांग लगाने की तैयारी की।
हाई डाइवर ने पानी में गिरने के उस पल को याद किया
रेड बुल ने एक बयान में कहा- “कार्लसन ने बर्फीले पानी में लगभग 15 मीटर की बैकवर्ड डाइव (पीछे की ओर छलांग) लगाई। ऐसा करने वाली वह पहली महिला बन गईं, जिन्होंने किसी अकेले खड़े आइसबर्ग से डाइव लगाई हो। कार्लसन ने बताया कि छलांग लगाने के बाद कितनी जल्दी ठंडे पानी का असर उन पर होने लगा। “मुझे याद है कि जब मैं पानी से बाहर आई तो मैंने सोचा, ‘तैर कर यहां से दूर निकलो! तुम्हें यहां से जल्दी जाना होगा।'”
खतरे और डर के बावजूद उन्होंने इस अनुभव को बहुत ही संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा- “यह यकीनन मेरी ज़िंदगी का सबसे बेहतरीन दिन था।” इस चुनौती को याद करते हुए कार्लसन ने आगे कहा- “कभी-कभी मुश्किल दिन आते हैं, आप बेचैन हो सकते हैं, डर सकते हैं, या आपके मन में बहुत सारा डर हो सकता है। लेकिन दिन के आखिर में खुद को यह दिखाना कि आप वाकई कुछ बहुत शानदार कर सकते हैं। बहुत खास होता है। इसलिए मुझे खुद पर बहुत गर्व है।”

