UPI पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव! जानिए कितना लगेगा MDR और किसे मिलेगी राहत

UPI पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव! जानिए कितना लगेगा MDR और किसे मिलेगी राहत

upi payment rules change

भारत के डिजिटल भुगतान में 15 अक्टूबर से एक बड़ा बदलाव आने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन के नियमों में बदलाव किया गया है। इस नए फ्रेमवर्क के तहत व्यापारियों को 2000 रुपए से ऊपर के भुगतानों पर MDR लागू करने का ऐलान किया गया है। आइए बहुत ही आसान भाषा में जानते हैं कि इस बदलाव से आम आदमी, दुकानदारों और देश की डिजिटल इकोनॉमी पर क्या असर पड़ेगा। ALSO READ: RBI ने बताए MDR के फायदे, लेकिन आम लोगों की जेब पर पड़ेगा कितना असर?

 

1. आम जनता पर क्या असर होगा?

पूरी तरह मुफ्त रहेगा UPI: आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई पहले की तरह ही सुरक्षित और पूरी तरह मुफ्त रहेगा। यदि आप अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों या अपने ही दूसरे बैंक खाते में पैसे (P2P) भेजते हैं, तो इस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रहेगी।

कोई हिडन या प्लेटफॉर्म फीस नहीं: यूपीआई ऐप प्रोवाइडर्स (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) को यह अनुमति नहीं है कि वे ग्राहकों पर कोई भी प्लेटफॉर्म फीस या हिडन चार्ज थोप सकें। ALSO READ: UPI Payment Rules : आम यूजर के लिए UPI रहेगा फ्री, किन ट्रांजेक्शन पर लगेगा चार्ज, जान लीजिए सरकार के नए नियम

 

UPI transection rules

2. MDR नियम और किसे देना होगा चार्ज?

नए नियमों के मुताबिक, MDR केवल मर्चेंट (व्यापारियों) भुगतानों (P2M) पर ही लागू होगा और वह भी कुछ शर्तों के साथ:
2,000 से कम के ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री: 2,000 रुपये से कम के सभी मर्चेंट भुगतान पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। आंकड़े बताते हैं कि कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन का 95% हिस्सा इसी दायरे में आता है, यानी आम लोगों की रोजमर्रा की छोटी खरीदारी (जैसे सब्जी, दूध या चाय) पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

2,000 रुपए से ज्यादा के भुगतान पर 0.4% MDR: यदि कोई ग्राहक किसी मर्चेंट को 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान सीधे यूपीआई से करता है, तो उस पर 0.4% की दर से MDR लगेगा।

 

upi payment rules

इन सेक्टरों पर विशेष MDR : रेलवे, टेलीकॉम, बीमा (इन्श्योरेंस), पेट्रोल-डीजल और सरकारी यूटिलिटी बिलों (बिजली-पानी) के लिए 2,000 रुपये से ऊपर के भुगतानों पर प्रतिशत के बजाय फ्लैट 5 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन MDR तय किया गया है। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़े निवेश प्लेटफॉर्म्स पर यह चार्ज 0.02% (अधिकतम 300 रुपए कैप के साथ) रहेगा।  

मर्चेंट ही देंगे चार्ज, ग्राहक नहीं: स्पष्ट निर्देश हैं कि यह शुल्क व्यापारियों (दुकानदारों) को अपनी तरफ से देना होगा। व्यापारी इस चार्ज को ग्राहकों से वसूल नहीं सकते और न ही बिल में अलग से जोड़ सकते हैं। यानी आप जितने का सामान खरीदेंगे, उतना ही भुगतान करेंगे।

अधिकतम सीमा : 75,000 रुपए या उससे अधिक के बड़े ट्रांजैक्शन पर MDR को अधिकतम 300 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन पर सीमित (Capped) कर दिया गया है।

3. छोटे दुकानदारों के लिए क्या नियम हैं?

जो छोटे वेंडर (P2PM मर्चेंट) यूपीआई QR कोड के जरिए महीने में 1 लाख रुपये तक का कारोबार करते हैं, वे इस चार्ज से पूरी तरह मुक्त रहेंगे। शून्य MDR का लाभ लेने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी जरूरी नहीं है।