Persistent Systems की हो जाएगी जर्मनी की Nagarro, खरीदेगी सारे शेयर; स्टॉक में दिख सकता है बड़ा उछाल

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जर्मनी की डिजिटल इंजीनियरिंग फर्म Nagarro SE के सभी बकाया शेयर 81 यूरो प्रति शेयर की कैश डील में खरीदना चाहती है। इसके लिए कंपनी एक वॉलंटरी पब्लिक टेकओवर ऑफर दे रही है। यह खरीद सब्सिडियरी गैलेक्सी जर्मनी होल्डिंग के जरिए करने का प्लान है। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का कहना है कि डील के अक्टूबर-दिसंबर 2026 या जनवरी-मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। पर्सिस्टेंट को पहले ही Nagarro की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर, Lantano Beteiligungen GmbH का साथ मिल चुका है, जिसने कंपनी में अपनी पूरी 21 प्रतिशत हिस्सेदारी पर्सिस्टेंट को बेचने पर सहमति जताई है।

Nagarro का मैनेजमेंट और सुपरवाइजरी बोर्ड भी इस ट्रांजेक्शन के सपोर्ट में है। फाइनल ऑफर डॉक्यूमेंट का रिव्यू करने के बाद उस पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। इस ट्रांजेक्शन पर अभी रेगुलेटरी मंजूरियां और जर्मनी के फाइनेंशियल रेगुलेटर BaFin की मंजूरी लिया जाना भी बाकी है। प्रस्तावित अधिग्रहण से Persistent की AI-बेस्ड इंजीनियरिंग और क्लाउड क्षमताएं, Nagarro की यूरोपियन डिजिटल इंजीनियरिंग, ERP और कस्टमर एक्सपीरियंस विशेषज्ञता के साथ आएंगी। इससे एक ऐसी कंपनी बनेगी, जिसका सालाना रेवेन्यू रन रेट लगभग 2.9 अरब डॉलर होगा। इसके 40 से अधिक देशों में 46,000 से अधिक कर्मचारी होंगे।

इस सौदे के लिए फंडिंग बार्कलेज (Barclays) से कमिटेड फाइनेंसिंग के जरिए की जाएगी। यह अधिग्रहण यूरोप में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की मौजूदगी को काफी मजबूत करेगा। इस ट्रांजेक्शन के बाद बनने वाली कंपनी के रेवेन्यू में यूरोप की हिस्सेदारी लगभग 22 प्रतिशत की होगी। नॉर्थ अमेरिका का योगदान लगभग 62 प्रतिशत रहेगा।

Nagarro डीलिस्ट होगी

जर्मनी के म्यूनिख में हेडक्वार्टर वाली Nagarro ने कैलेंडर वर्ष 2025 में लगभग 1 अरब यूरो का रेवेन्यू कमाया। इसके 40 से अधिक देशों में लगभग 18,500 कर्मचारी हैं। कंपनी की ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल, कंज्यूमर, टेलीकॉम और BFSI सेक्टर में अच्छी मौजूदगी है। डील पूरी होने के बाद पर्सिस्टेंट की योजना नगारो को फ्रैंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज के प्राइम स्टैंडर्ड सेगमेंट से डीलिस्ट करने की है। हालांकि, सौदा पूरा होने के बाद कम से कम दो साल तक डोमिनेशन और प्रॉफिट एंड लॉस ट्रांसफर एग्रीमेंट (DPLTA) करने का कोई इरादा नहीं है।

Persistent Systems का कहना है कि डील के अक्टूबर-दिसंबर 2026 या जनवरी-मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। 

सोमवार को चढ़ सकता है Persistent Systems का शेयर

इस नए डेवलपमेंट से सोमवार, 29 जून को Persistent Systems के शेयर में उछाल आ सकता है। शेयर की वर्तमान कीमत बीएसई पर 4840.45 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 24 प्रतिशत गिरा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 30.29 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मार्केट कैप 76300 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

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