Ketan Agarwal: एक हुडी ने खोल दिया सारा राज, कैसे सिया ने प्रेमी संग रची होने वाले पति के कत्‍ल की साजिश?

महाराष्ट्र के पुणे से सामने आई एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना ने पूरे देश को हैरान कर दिया है। एक खुशहाल भविष्य के सपने देख रहे 26 वर्षीय केतन विशाल अग्रवाल की मौत की कहानी अब एक ऐसे खौफनाक सच में बदल चुकी है, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है। जैसे-जैसे इस मामले की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि भरोसे, रिश्तों और प्यार के नाम पर रची गई कथित साजिश की कहानी बनती जा रही है। पुलिस के अनुसार, जिस लड़की के साथ केतन अपनी नई जिंदगी शुरू करने का सपना देख रहे थे, उसी मंगेतर सिया गोयल पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

पुणे के एक बड़े कारोबारी परिवार से जुड़े 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक हादसा माना गया था। बताया गया था कि लोहागढ़ किले पर घूमने के दौरान वह गिर गए, जिससे उनकी जान चली गई। लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी तो मामला एक खौफनाक साजिश में बदल गया। पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान एक युवक पर शक हुआ, जो तेज गर्मी के बावजूद हुडी पहनकर घूम रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की। बाद में उसकी पहचान 22 वर्षीय चेतन चौधरी के रूप में हुई।

जांच में सामने आया कि चेतन चौधरी का कथित तौर पर केतन की मंगेतर सिया गोयल से संबंध था। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। पूछताछ और जुटाए गए सबूतों के आधार पर पुलिस को शक हुआ कि केतन की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश का हिस्सा हो सकती है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिनसे हत्या की साजिश के संकेत मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले को हादसे के बजाय संदिग्ध मौत मानते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कर दीं।

सिया के साथ थे लोग फिर खुला ये राज

पुणे पुलिस के अधीक्षक संदीप गिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने इस कथित हत्या की साजिश का खुलासा कैसे किया। न्होंने कहा कि शुरुआत में इस मामले को एक दुर्घटना माना गया था और आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया था। उस समय लोगों की सहानुभूति 26 वर्षीय सिया गोयल के साथ थी, क्योंकि उनके मंगेतर केतन अग्रवाल की शादी से कुछ दिन पहले लोहागढ़ किले पर फोटो खिंचवाने के दौरान खाई में गिरने से मौत हो गई थी।

लेकिन जांच के दौरान पुलिस को सिया के बयानों में कई विरोधाभास और गड़बड़ियां नजर आईं। इससे अधिकारियों को शक हुआ और मामले की गहराई से जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने किले तक जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक युवक लगातार केतन और सिया की गाड़ी के पीछे-पीछे जाता दिखाई दिया। यह बात पुलिस को संदिग्ध लगी और इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। बाद में पुलिस ने उस युवक की पहचान की और उससे जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की, जिसके बाद मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे होने लगे।

एक हुडी बिगाड़ा सारा खेल

पुलिस अधिकारियों को उस युवक की मौजूदगी शुरू से ही संदिग्ध लगी। सबसे ज्यादा शक इस बात पर हुआ कि भीषण गर्मी के बावजूद उसने हुडी पहन रखी थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखनी शुरू कर दी। जांच के दौरान किले और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में वही युवक उस जगह के आसपास भी दिखाई दिया, जहां केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। इससे पुलिस का शक और गहरा हो गया।

पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि उस युवक और सिया गोयल के बीच संपर्क था। इस सुराग के मिलने के बाद जांच टीम ने दोनों से गहन पूछताछ शुरू की। पूछताछ और जुटाए गए सबूतों के आधार पर पुलिस का दावा है कि सिया गोयल ने इस मामले में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। जांच अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज और हुडी पहने युवक की संदिग्ध गतिविधियां ही इस कथित हत्या की साजिश का खुलासा करने में सबसे अहम सबूत साबित हुईं। पुलिस का कहना है कि इन्हीं सुरागों की मदद से मामले की परतें खुलती गईं और एक कथित दुर्घटना के पीछे छिपी साजिश का पर्दाफाश हो सका।

शादी को लेकर सिया नहीं थी खुश

पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और केतन अग्रवाल की शादी परिवारों की सहमति से तय हुई थी। शुरुआत में दोनों इस रिश्ते के लिए तैयार भी थे। शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। मेहमानों के लिए विशेष फ्लाइट्स बुक की गई थीं और राजस्थान के जयपुर में शादी का भव्य आयोजन तय किया गया था। हालांकि, जांच अधिकारियों का दावा है कि सिया का किसी दूसरे युवक के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक, समय के साथ वह इस शादी को लेकर असहज हो गई थी और शादी नहीं करना चाहती थी।

जांच में जुटी टीम का कहना है कि सिया अपने प्रेम संबंध को जारी रखना चाहती थी और केतन के साथ होने वाली शादी को अपने रास्ते की सबसे बड़ी बाधा मानने लगी थी। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से उसने कथित तौर पर एक ऐसी साजिश रची, जिससे यह बाधा हमेशा के लिए खत्म हो जाए।

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महाराष्ट्र के पुणे के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत के मामले में मंगलवार (23 जून) को सनसनीखेज खुलासा हुआ। पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान हुई एक युवक की मौत को पहले हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला हत्या की साजिश निकला। पुणे ग्रामीण पुलिस ने 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। 26 वर्षीय केतन अग्रवाल एक रियल एस्टेट कंपनी में निदेशक थे। 18 जून को ट्रेकिंग के दौरान वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे।

इस घटना के बाद सिया ने पुलिस को बताया था कि तेज हवा और फोटो खींचते समय बैलेंस बिगड़ने की वजह से केतन खाई में गिर गए। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदल गई। पुलिस की तकनीकी जांच, मोबाइल रिकॉर्ड और पूछताछ में पता चला कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी। जांच में सामने आया कि सिया और चेतन के बीच प्रेम संबंध थे और दोनों केतन को रास्ते से हटाना चाहते थे। पुलिस को यह भी पता चला कि केतन की हत्या की कई बार कोशिश की गई थी, लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी थी।

शादी से पहले रची गई साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे मामले की सबसे बड़ी वजह तय की गई शादी का विरोध था। केतन अग्रवाल एक बड़े कारोबारी परिवार से जुड़े थे और उनकी शादी नवंबर में सिया गोयल से होने वाली थी। दोनों परिवारों ने शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। यहां तक कि राजस्थान के उदयपुर में एक ऐतिहासिक महल भी समारोह के लिए बुक किया जा चुका था। लेकिन इसी बीच सिया का लंबे समय से चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि चेतन का परिवार भी सिया के परिवार की तरह ड्राइ फ्रुट्स के कारोबार से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन केतन उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा थे। वहीं, परिवार की ओर से तय शादी को लेकर भी सिया पर काफी दबाव था। जांच में सामने आया है कि इसी वजह से सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि दोनों ने हत्या को एक सामान्य दुर्घटना दिखाने के लिए ट्रेकिंग के दौरान हुई घटना का सहारा लिया, ताकि यह मामला एक हादसा लगे और किसी को उन पर शक न हो।

पहले भी की गई थीं हत्या की कोशिशें

सूत्रों के अनुसार, 18 जून को केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देने की घटना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसके पीछे कई हफ्तों से चल रही साजिश थी। जून की शुरुआत में केतन और सिया का प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने था। आरोप है कि इस यात्रा को रुकवाने के लिए सिया ने चुपके से केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया और एयरपोर्ट जाते समय रास्ते में एक होटल में फेंक दिया। पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण दोनों को फॉरेंन ट्रिप कैंसिल कर पुणे लौटना पड़ा।

पहले नहीं हो पाई कामयाब

फॉरेन ट्रिप कैंसिल  होने के बाद सिया ने केतन को आसपास की जगहों पर घूमने के लिए मनाया और प्री-वेडिंग आउटिंग के बहाने उसे लोहागढ़ किले की सुनसान चट्टानों तक ले जाने लगी। पुलिस जांच में पता चला है कि घटना से पहले भी वह कई बार केतन को किले पर लेकर गई थी। जांच के मुताबिक, 31 मई को पहली बार केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद 14 जून को सिया और चेतन ने कथित तौर पर एक और साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने सांप दिखाई देने का नाटक कर केतन को डराने और उसे चट्टान से गिराने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास भी नाकाम रहा। जब दोनों कोशिशें सफल नहीं हुईं, तो सिया ने 18 जून को अपने आने वाले जन्मदिन का जश्न मनाने के बहाने एक और ट्रिप की योजना बनाई। इसी यात्रा के दौरान केतन की मौत हुई।

हादसों के पीछे छिपी थी साजिश

जांच में सामने आया है कि पहले की गई कोशिशों को सामान्य हादसों जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी। कभी जंगली जानवर के अचानक सामने आने का माहौल बनाया गया, तो कभी फिसलन और तेज हवा वाली जगहों का सहारा लिया गया। इसी वजह से केतन ने इन घटनाओं को ट्रेकिंग के दौरान होने वाले सामान्य जोखिम के रूप में देखा। उसे लगा कि ये सिर्फ हादसा है, न कि कोई सोची-समझी योजना। केतन को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस लड़की के साथ वह अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रहा था, उसी पर उसके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगेगा। पुलिस के अनुसार, सुनसान और कम भीड़भाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की गई, जिससे किसी को शक न हो।