Mallikarjun Kharge: “चुप रहो, बैठ जाओ!” कांग्रेस कार्यक्रम में ‘डीके-डीके’ नारे लगाने पर भड़के खड़गे, कार्यकर्ताओं को लगाई फटकार

Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हंगामा करने वाले कार्यकर्ताओं को जमकर फटकार लगाई। दरअसल, कार्यक्रम के बीच कुछ कार्यकर्ता कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में “डीके-डीके” के नारे लगाने लगे, जिससे खड़गे नाराज हो गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को डांटते हुए कहा कि यह कांग्रेस का कार्यक्रम है, किसी एक नेता का नहीं। उन्होंने गुस्से में कहा, “चुप रहो! बैठ जाओ। ऐसा लग रहा है जैसे पूरा देश तुम्हारे हाथ में आ गया हो। बेकार लोग!”

खड़गे ने चिल्लाते हुए कहा, “यह कांग्रेस पार्टी की बैठक है। यह किसी एक व्यक्ति के लिए आयोजित कार्यक्रम नहीं है। हम सभी लोग यहां पार्टी को मजबूत और एकजुट करने के लिए इकट्ठा हुए हैं। अगर एक व्यक्ति एक नाम का नारा लगाता है और दूसरा किसी और नाम का, तो क्या बाकी लोग यहां सिर्फ कचरा साफ करने आए हैं?”

खड़गे ने कार्यकर्ताओं को दी चेतावनी

राजनीति में अपने 58 साल के लंबे करियर का जिक्र करते हुए, उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी ही उनकी पहचान का आधार है और उन्हें चेतावनी दी कि उनके अनुशासनहीन व्यवहार पर कार्रवाई जरूर होगी। उन्होंने कहा, “याद रखिए… पार्टी के लिए अनुशासन हमेशा जरूरी है। जो भी यहां शोर मचा रहा है, उसका फुटेज होगा। फुटेज देखने के बाद मैं अनुशासनात्मक कार्रवाई करूंगा।”

वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा कार्यकर्ताओं को फटकार लगाने पर बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस घटना से कांग्रेस के भीतर सत्ता के लिए चल रही खींचतान उजागर हो गई है। वल्लभ ने आरोप लगाया कि खड़गे खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते थे।

इसके अलावा, बीजेपी नेता ने कांग्रेस के नेतृत्व पर भी तंज कसते हुए कहा कि पार्टी तीन “होल्डिंग कंपनियों” द्वारा नियंत्रित है – सोनिया गांधी के लिए “कांग्रेस M”, प्रियंका गांधी के लिए “कांग्रेस P” और राहुल गांधी के लिए “कांग्रेस R”, जबकि खड़गे वाली “कांग्रेस K” केवल उनकी सहायक कंपनी के रूप में काम करती है।

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अमेरिका ने सबसे बड़े सैन्य कमांड से ‘इंडो’ शब्द हटाया:चीन के खिलाफ भारत को अहमियत देने के लिए ट्रम्प ने ही नाम बदला था

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि US इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) का नाम बदलकर फिर से US पैसिफिक कमांड (USPACOM) कर दिया गया है। अब इस कमांड से ‘इंडो’ शब्द हटा दिया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने 2018 में कमांड के नाम में बदलाव किया था। उस समय अमेरिका ने कहा था कि हिंद महासागर (इंडियन ओशियन) क्षेत्र का रणनीतिक महत्व बढ़ रहा है और यह क्षेत्र प्रशांत महासागर (पैसिफिक ओशियन) की सुरक्षा व्यवस्था से पहले की तुलना में ज्यादा जुड़ गया है। इसलिए कमांड के नाम में इंडो (हिंद महासागर) को भी शामिल किया गया था। यूएस-पैसिफिक कमांड क्या है? अमेरिकी सेना पूरी दुनिया को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर चलती है। इनके लिए 11 कमांड हैं। इनमें से 6 स्ट्रैटेजिक और 5 फंक्शनल कमांड हैं। यूएस पैसिफिक स्ट्रैटेजिक कमांड का हिस्सा है। यह अमेरिका की सबसे बड़ी और सबसे अहम सैन्य कमांडों में से एक है। यह कमांड एशिया और प्रशांत महासागर इलाके में एक्टिव है।
अब नाम बदलने पर चर्चा क्यों है? अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूएस पैसिफिक कमांड नाम बहुत पुराना और ऐतिहासिक है। इसे वापस लाने से सैनिकों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस होगा। यह नाम कई बड़े युद्धों और महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़ा रहा है, इसलिए इसे फिर से अपनाया गया है। पेंटागन ने यह भी कहा कि कमांड का सिर्फ नाम बदला है, रणनीति और जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंडो शब्द हटने से यह मैसेज जा सकता है कि अमेरिका हिंद महासागर और भारत को पहले जितना प्रमुख महत्व नहीं दिखाना चाहता। अपने पहले कार्यकाल में ट्रम्प चीन को सबसे बड़ा खतरा मानते थे। तब वे दिखाना चाहते थे कि भारत उसकी एशिया रणनीति का अहम हिस्सा है और चीन को काउंटर करने में भारत की अहम भूमिका है। उन्होंने यह भी जताने की कोशिश की थी कि हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को एक ही रणनीतिक क्षेत्र हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब शायद ट्रम्प की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। थरूर ने क्वाड के भविष्य पर जताई चिंता कमांड का नाम फिर से बदले जाने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमेरिकी आदेश की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, क्या यह क्वाड के ताबूत में एक और कील है? ————————- ये खबर भी पढ़ें… दुनिया के 16 नेताओं से छोटे हैं ट्रम्प:91% नेताओं से ज्यादा उम्रदराज, उनसे 10 साल ज्यादा सऊदी किंग की उम्र डोनाल्ड ट्रम्प इस हफ्ते 14 जून को 80 साल के हो गए। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए 80 साल की उम्र देखने वाले वे अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति हैं। उनसे पहले राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नवंबर 2022 में अपना 80वां जन्मदिन मनाया था। ट्रम्प दुनिया के सबसे उम्रदराज नेताओं में जरूर शामिल हो गए हैं, लेकिन वे दुनिया के सबसे बुजुर्ग शासक नहीं हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के 186 देशों के नेताओं में 16 नेता ऐसे हैं जो ट्रम्प से भी ज्यादा उम्र के हैं। पूरी खबर पढ़ें