आज का मौसम 19 June: IMD ने बिहार समेत इन 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान का तांडव

Aaj Ka Mausam 19 June: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता और मजबूत वायुमंडलीय प्रणालियों के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 जून के लिए विशेष राष्ट्रीय बुलेटिन जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक, आज बिहार और असम समेत देश के 12 राज्यों/क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का कड़ा अलर्ट है। दूसरी ओर राजस्थान से लेकर दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा तक भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और थंडरस्क्वाल का तांडव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं आज देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 19 जून का पूरे देशभर का वेदर मैप

बिहार समेत इन 12 राज्यों में होगी भारी बारिश बिहार समेत इन 12 राज्यों में होगी भारी बारिश

मानसून प्रोग्रेस: अगले 4-5 दिनों में यहां होगी एंट्री

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 4-5 दिनों के भीतर मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

बिहार, बंगाल, असम समेत 12 राज्यों में भारी बारिश का कड़ा अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज देश के 12 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश आफत बन सकती है। आज असम व मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। आज बिहार, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा आज तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अच्छी बारिश दर्ज की जाएगी।

बिहार और राजस्थान में 80 Kmph का महातूफान, धूलभरी आंधी

आज कुछ राज्यों में हवाओं की रफ्तार बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच सकती है, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका है। आज इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से गंभीर थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) आएगा, जिसके झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। झारखंड, ओडिशा, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में आज 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल की चेतावनी है। इसके अलावा आज पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में भीषण धूलभरी आंधी भी चलेगी।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य इलाकों में आंधी-बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक और तेज हवाओं का येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, नई दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और केरल व माहे में आज 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलने, बिजली कड़कने और गरज-चमक की चेतावनी है। उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) में भी आंधी का असर दिखेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा में आज 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में सिर्फ आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है।

पहाड़ों पर ओलावृष्टि की चेतावनी

उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में आज मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ा रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण आज हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने की गंभीर आशंका है।

यूपी और इन 3 राज्यों में हीट वेव

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा आंधी और बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों में भीषण गर्मी का टॉर्चर जारी रहेगा। आज उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी दोनों) में लू की स्थिति बनी रहेगी, जो 24 जून तक जारी रह सकती है। इसके अलावा आज महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ) और तेलंगाना के अलग-अलग पॉकेट्स में भी लू का प्रकोप रहेगा। गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में आज अत्यधिक उमस और चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान करेगी।

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दुनिया के मशहूर शेफ गॉर्डन रामसे को भाया झारखंड की ‘लाल चींटी की चटनी’ का स्वाद, यहां के 5 और अनोखे ट्राइबल व्यंजन को जानिए

टेलीविजन के बड़े-बड़े फूड शोज अक्सर आलीशान होटलों, फैंसी डाइनिंग रूम और मशहूर शेफ द्वारा विदेशी स्वादों की तलाश के इर्द-गिर्द घूमते रहे हैं। लेकिन आज झारखंड के जंगलों से निकली एक साधारण सी आदिवासी चटनी पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रही है। असल में ये मामला झारखंड पर्यटन विभाग के एक इंस्टाग्राम रील से वायरल हुआ। इस रील के बाद इस अनोखे आदिवासी भोजन को लेकर वैश्विक स्तर पर उत्सुकता बढ़ा दी है। इस रील में दुनिया के सबसे मशहूर सेलिब्रिटी शेफ गॉर्डन रामसे को झारखंड की इस तीखी और खास ‘लाल चींटी की चटनी’ का स्वाद चखते और उसकी तारीफ करते हुए देखा जा सकता है।

गॉर्डन रामसे ने बताया स्वादिष्ट और यादगार

इसी महीने की शुरुआत में झारखंड पर्यटन ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक रील साझा की थी। पर्यटन विभाग ने इस डिश की खासियत को बयां करते हुए लिखा कि लाल बुनकर चींटियों से बनी और पीढ़ियों से आदिवासी समुदायों द्वारा पसंद की जाने वाली यह तीखी-चटपटी चटनी कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। असल में गॉर्डन का ये कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं है। झारखंड, ओडिशा और पड़ोसी वन क्षेत्रों के आदिवासी समुदायों के लिए लाल चींटी की चटनी कोई नई या हैरान करने वाली चीज नहीं है बल्कि यह उनकी दैनिक जीवनशैली, पारिवारिक परंपराओं और स्वदेशी ज्ञान का एक अहम हिस्सा है। स्थानीय स्तर पर इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। यह चटनी अपने तीखे, खट्टे और हल्के साइट्रस (नींबू जैसे) स्वाद के लिए काफी मशहूर है। फूड इतिहासकारों के मुताबिक इस चटनी का तीखा और तीक्ष्ण स्वाद प्राकृतिक रूप से चींटियों में मौजूद फॉर्मिक एसिड के कारण आता है।

मशहूर शेफ गॉर्डन रामसे ने खुद इस अनूठी रेसिपी की सराहना की है और इसके स्वाद को स्वादिष्ट और यादगार बताया है। उनके इस जुड़ाव ने उस रेसिपी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद की है।

झारखंड के 5 और अनोखे ट्राइबल व्यंजन

लाल चींटी की चटनी के अलावा झारखंड के जंगलों और पारंपरिक रसोइयों में कई ऐसे अनोखे आदिवासी व्यंजन मौजूद हैं, जो स्वाद के शौकीनों को जरूर आजमाने चाहिए:

1. धुस्का

यह झारखंड का सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक स्नैक (नाश्ता) है। धुस्का को भीगे हुए चावल और दालों को पीसकर बनाए गए बैटर (घोल) से तैयार किया जाता है और फिर इसे सुनहरा होने तक डीप-फ्राई किया जाता है। बाहर से क्रिस्पी और अंदर से बेहद सॉफ्ट होने वाले इस व्यंजन को आमतौर पर तीखे आलू की सब्जी या चटनी के साथ परोसा जाता है। झारखंड के किसी भी स्थानीय बाजार से गुजरते समय इसकी खुशबू को नजरअंदाज करना नामुमकिन है। मशहूर शेफ सारांश गोइला ने भी एक बार इंस्टाग्राम पर इस डिश को साझा किया था।

2. रुगड़ा करी

इसे अक्सर झारखंड का फॉरेस्ट मशरूम खजाना कहा जाता है। रुगड़ा मुख्य रूप से मानसून के मौसम में उगने वाले जंगली खाद्य मशरूम हैं। इन्हें स्थानीय मसालों और सरसों के तेल के साथ पकाया जाता है। कई फूड लवर्स इसे राज्य के सबसे कीमती और दुर्लभ आदिवासी व्यंजनों में से एक मानते हैं।

3. हांडिया मुर्गा

हांडिया, चावल से तैयार होने वाला एक पारंपरिक फर्मेंटेड ड्रिंक है, जो लंबे समय से आदिवासी उत्सवों के केंद्र में रहा है। इसकी एक बेहद लोकप्रिय रेसिपी है’हांडिया मुर्गा’। इसमें चिकन को इस फर्मेंटेड राइस ब्रू (हांडिया) के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है। इससे चिकन में एक अनोखा स्मोकी और हल्का खट्टा स्वाद आ जाता है, जिसे स्थानीय लोग त्योहारों और सामुदायिक दावतों का मुख्य हिस्सा मानते हैं।

4. चिलका रोटी

बनाने में बेहद साधारण लेकिन स्वाद में लाजवाब, चिलका रोटी को चावल के आटे और चने के आटे (बेसन) का उपयोग करके तैयार किया जाता है। पारंपरिक रूप से इसे त्योहारों और पारिवारिक समारोहों के दौरान बनाया जाता है। इसे आमतौर पर मटन करी, चने की चटनी या मौसमी सब्जियों के साथ परोसा जाता है।

5. बैम्बू शूट करी

झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में ताजे बांस के कोपलों का बड़े पैमाने पर सेवन किया जाता है। इन बांस के कोपलों को पहले उबाला जाता है, फिर मसालेदार बनाकर करी के रूप में पकाया जाता है। कई बार इसे अन्य सब्जियों और मीट के साथ मिलाकर भी तैयार किया जाता है। जंगलों की जड़ों से जुड़े इस व्यंजन का स्वाद हल्का मीठा और सोंधा होता है।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में मौसम हुआ सुहाना, IMD ने 21 जून तक जारी किया आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

Delhi Weather Today: राष्ट्रीय राजधानी में हुई बारिश की वजह से भीषण गर्मी से राहत मिल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान लगाया है कि मॉनसून के आधिकारिक तौर पर आने से पहले, 21 जून तक दिल्ली में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की उम्मीद है।

बुधवार को दिल्ली का मौसम काफी सुहावना रहा, हालांकि दिन का तापमान थोड़ा बढ़ गया था। एक दिन पहले यानी मंगलवार को दिल्ली में जून महीने का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया था, इसलिए तापमान में हल्की बढ़ोतरी के बावजूद लोगों को मौसम आरामदायक लगा।

IMD के अनुसार, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम था।

पूरे शहर में तापमान ज्यादातर मौसम के औसत से कम रहा। पालम में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लोधी रोड पर यह 38 डिग्री सेल्सियस रहा। रिज सबसे गर्म इलाका रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और अयानगर में तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

वहीं, बुधवार सुबह 8.30 बजे तक के 24 घंटों के दौरान दिल्ली में हल्की बारिश भी हुई। पालम में सबसे ज्यादा 9.1mm बारिश दर्ज की गई, इसके बाद सफदरजंग में 2.8mm, अयानगर में 2.5mm और लोधी रोड पर 1.2mm बारिश हुई।

IMD के अनुमान के मुताबिक, 18 जून से 21 जून के बीच बारिश के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। अभी तक मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

आने वाले दिनों का मौसम का अनुमान इस प्रकार है:

  • 18 जून: 38°C/26°C, बारिश के साथ आंधी-तूफान
  • 19 जून: 39°C/28°C, बारिश के साथ आंधी-तूफान
  • 20 जून: 37°C/29°C, बारिश के साथ आंधी-तूफान
  • 21 जून: 38°C/30°C, बारिश के साथ आंधी-तूफान
  • 22 जून: 38°C/31°C, आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे

इस बीच, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार शाम को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 92 रहा, जो इसे ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रखता है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में नमी बने रहने से अगले कुछ दिनों तक तापमान नियंत्रण में रहने की संभावना है, जबकि 21 जून के बाद इसमें धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

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