Mumbai Weather: मुंबई में आज गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अलर्ट, 60 kmph की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

Mumbai Weather: मंगलवार, 23 जून को मुंबई में आसमान बादलों से ढका रहा, क्योंकि शहर और आसपास के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश, बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश देखने को मिली। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, लोनावला में भी आज सुबह बारिश हुई, जिससे आसपास के इलाकों में मौसम सुहावना हो गया।

IMD का अलर्ट

इस बीच, मुंबई और रायगढ़ के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का हवाला देते हुए मंगलवार को मौसम को लेकर एक नया अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, हल्की से मध्यम बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

IMD ने मुंबई और रायगढ़ के लिए आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अचानक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और जोरदार बारिश होने की उम्मीद है।

मुंबई में जल्द पहुंचेगा मॉनसून

इससे पहले, IMD ने कहा था कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून महाराष्ट्र के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और अगले 48 घंटों में मुंबई समेत और भी इलाकों में इसके पहुंचने की संभावना है।

रीजनल मौसम केंद्र (RMC) के मुताबिक, मॉनसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ गया है। साथ ही, इसने कर्नाटक के बाकी हिस्सों को भी कवर कर लिया है और छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में भी फैल गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल है। इस दौरान मानसून मध्य अरब सागर के बाकी हिस्सों, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य इलाकों, तेलंगाना और ओडिशा के शेष भागों, साथ ही छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के और क्षेत्रों में पहुंच सकता है।

IMD के अनुसार, पश्चिमी हवाओं के मजबूत होने और मानसून के लगातार आगे बढ़ने की वजह से आने वाले दिनों में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना है।

बता दें कि 22 जून से 26 जून के बीच कोंकण क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने इसी दौरान मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने, तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की भी भविष्यवाणी की है।

मराठवाड़ा के लिए, 22 जून से 24 जून के बीच बिजली कड़कने, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की उम्मीद है।

IMD ने दक्षिण महाराष्ट्र-गोवा तट के मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है और उन्हें सलाह दी है कि खराब मौसम के कारण 22 जून से 26 जून तक समुद्र में न जाएं। इस दौरान हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है, और हवा के झोंके 60 किमी प्रति घंटा तक हो सकते हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों और शहरों में जलभराव, अचानक बाढ़, सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाओं में रुकावट, खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान और तट के पास समुद्र की स्थिति खराब होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, कमजोर या जर्जर इमारतों और पेड़ों से दूर रहें, तूफान के दौरान जलाशयों के पास न जाएं और खराब मौसम में सुरक्षित जगहों पर शरण लें।

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Mumbai Water Crisis: मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले वॉटर रिजर्वायर में अब सिर्फ 10% स्टॉक! इन चीजों पर तो पड़ने लगा फौरन असर

Mumbai Water Crisis: मुंबई में पीने के पानी की सप्लाई करने वाले सात प्रमुख जलाशयों (वॉटर रिजर्वायर) में पानी का स्टॉक घटकर कुल उपयोगी क्षमता का सिर्फ 10.01 प्रतिशत रह गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने में हो रही देरी के बीच मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने पानी की भारी किल्लत से निपटने के लिए बड़े और कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पानी की इस भारी कमी का सीधा और फौरन असर मुंबई के कई सेक्टरों पर दिखने लगा है। इसमें कंस्ट्रक्शन से लेकर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और स्विमिंग पूल्स तक शामिल हैं।

जलाशयों में पानी की ताजा स्थिति (बुधवार तक के आंकड़े)

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को सातों झीलों में कुल उपयोगी भंडारण क्षमता का केवल 10.01 प्रतिशत यानी 144918 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध था। हालांकि, यह स्टॉक पिछले दो वर्षों की इसी अवधि की तुलना में थोड़ा बेहतर है। पिछले साल इसी दिन 141510 मिलियन लीटर (9.78%) पानी था। 2024 में यह आंकड़ा 77851 मिलियन लीटर (5.38%) दर्ज किया गया था।

आपको बता दें कि मुंबई को रोजाना करीब 4000 मिलियन लीटर पीने के पानी की सप्लाई करने वाली सातों झीलों की कुल उपयोगी भंडारण क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है। वर्तमान में विभिन्न झीलों में पानी की स्थिति इस प्रकार है:-

भातसा (ठाणे जिला- सबसे बड़ा स्रोत): 66,627 मिलियन लीटर (उपयोगी क्षमता का 9.29%)

मोदक सागर: 37,933 मिलियन लीटर (29.42%)

मिडल वैतरणा: 20,008 मिलियन लीटर (10.34%)

विहार (मुंबई के भीतर): 42.11% क्षमता

तुलसी (मुंबई के भीतर): 23.06% क्षमता

(नोट: सातों झीलों में भातसा, अपर वैतरणा, मिडल वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी शामिल हैं।)

इन चीजों पर पड़ा फौरन और सीधा असर

पानी के गिरते स्तर को देखते हुए मंगलवार को एक समीक्षा बैठक बुलाई गई। इसके बाद बीएमसी ने पीने के पानी को सुरक्षित रखने के लिए कई बड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। बीएमसी ने निर्माण स्थलों के लिए नए पानी के कनेक्शन जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके साथ ही मौजूदा साइटों को दी जाने वाली सप्लाई में भी कटौती की गई है।

मुंबई में चल रहे सभी स्विमिंग पूल्स और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए पानी की सप्लाई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बीएमसी ने औद्योगिक, कमर्शियल और खेल प्रतिष्ठानों को दी जाने वाली पानी की सप्लाई में 20 प्रतिशत की कटौती लागू कर दी है। ये कटौती 17 जून से प्रभावी हो गई है। इसके पहले 15 मई से ही पूरे शहर में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू है।

सेंट्रल रेलवे, वेस्टर्न रेलवे, आरसीएफ, एचपीसीएल, बीपीसीएल, नेवी, एमआईडीसी और मुंबई पोर्ट अथॉरिटी जैसे बड़े प्रतिष्ठानों को सलाह दी गई है कि वे अपने परिचालन और माध्यमिक कार्यों के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित पानी का दोबारा उपयोग करें।

रियल एस्टेट और होम डिलीवरी पर संकट के बादल

बीएमसी द्वारा कंस्ट्रक्शन साइट्स के पानी पर रोक लगाने से मुंबई के रियल एस्टेट मार्केट में हड़कंप मच गया है। इससे नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की मंजूरियों और उनकी लॉन्चिंग पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। इससे इस साल पूरे होने वाले हजारों घरों की डिलीवरी समय पर होने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म ‘एनरॉक’ की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल मुंबई में लगभग 1.43 लाख घर बनकर तैयार होने वाले हैं। अगर पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की बात करें, तो करीब 2.07 लाख घर निर्माण के अंतिम चरण में हैं। एमएमआर में वर्तमान में लगभग 6.86 लाख आवास इकाइयां निर्माणाधीन हैं। इनमें से 75% से अधिक (लगभग 5.15 लाख इकाइयां) अकेले मुंबई में स्थित हैं।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी: रुक सकती है रफ्तार

एनरॉक के मुताबिक इस फैसले का तत्काल असर चल रहे निर्माण कार्यों के बजाय प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग और अप्रूवल पर अधिक महसूस होगा। निर्माण कार्य के लिए साइटें मुख्य रूप से भूजल और गैर-पेय स्रोतों पर निर्भर रहती हैं, जबकि बीएमसी के पानी का उपयोग मुख्य रूप से वहां काम करने वाले मजदूरों के कल्याण और पीने के लिए किया जाता है। इस पाबंदी से कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने की स्थिति और मजदूरों की उत्पादकता प्रभावित होगी, जो पहले से ही वैश्विक संघर्षों के कारण पैदा हुई अनिश्चितता और लेबर शॉर्टेज से जूझ रहे हैं।

यह पाबंदी मुंबई के कुछ खास माइक्रो-मार्केट्स के लिए स्थानीय जोखिम पैदा कर सकती है। इनमें दक्षिण मुंबई, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC), अंधेरी, बोरीवली और मुलुंड शामिल हैं। अगर मानसून की स्थिति और बिगड़ती है और एमएमआर के अन्य नगर निगम भी बीएमसी की राह पर चलते हैं तो पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण जारी सप्लाई चेन व्यवधानों के बीच साल 2026 में होम डिलीवरी पर गंभीर दबाव आ सकता है। यह स्थिति महामारी के दौर की याद दिला सकती है जब योजनाबद्ध घरों में से केवल 46% की ही वास्तविक डिलीवरी हो पाई थी।

नारेडको (NAREDCO) महाराष्ट्र के अध्यक्ष कमलेश ठाकुर ने भी चिंता जताते हुए कहा कि कंक्रीटिंग, क्योरिंग, प्लास्टरिंग और फिनिशिंग जैसे निर्माण कार्य पूरी तरह से पानी की विश्वसनीय आपूर्ति पर निर्भर होते हैं। लंबे समय तक होने वाला व्यवधान प्रोजेक्ट्स के शेड्यूल को प्रभावित कर सकता है, निर्माण लागत बढ़ा सकता है और घरों व इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी में देरी कर सकता है।

मानसून में देरी और अल नीनो का साया

मुंबई में आमतौर पर मानसून 10 जून के आसपास दस्तक दे देता है, लेकिन इस साल इसकी शुरुआत में देरी हुई है। पिछले साल मानसून मई में ही समय से काफी पहले आ गया था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस बार अल नीनो (El Niño) की स्थिति विकसित होने की संभावना जताई है, जिससे मानसून की रफ्तार और इसके वितरण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में मानसून मुंबई पहुंच सकता है जिससे बीएमसी और मुंबईकरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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