शेयर बाजार के लिए क्यों शुभ है यह दिवाली? जानें कैसे बदली बाजार की चाल?

शेयर बाजार के लिए क्यों शुभ है यह दिवाली? जानें कैसे बदली बाजार की चाल?

share market and diwali

Share Market and Diwali : 2026 के पहले 10 माह में संघर्ष कर रहे भारतीय शेयर बाजारों के लिए नवंबर का पहला हफ्ता जबरदस्त रहा। दिवाली से ठीक पहले अमेरिका में हुए मिडटर्म इलेक्शन में ट्रंप की करारी हार ने भारतीय शेयर बाजार में नई जान फूंक दी। वैसे तो हर वर्ष ही दिवाली पर शेयर बाजार में उत्साह का माहौल रहता है लेकिन इस वर्ष माहौल में अचानक आए सकारात्मक परिवर्तनों ने बाजार में बुझे हुए निवेशकों के चेहरों पर अचानक खुशियों की चमक बिखेर दी। आइए जानते हैं भारतीय शेयर बाजार के लिए क्यों शुभ है यह दिवाली?

 

नवंबर के पहले हफ्ती में बदली बाजार की चाल

2026 के पहले 10 माह में सेंसेक्स 10728 अंक गिर गया तो निफ्टी में भी 3093 अंकों की गिरावट थी। हालांकि अक्टूबर में सेंसेक्स 1980 अंक बढ़ा तो निफ्टी में भी 430 अंकों से ज्यादा की बढ़त रही। लेकिन नवंबर के पहले हफ्ते में बाजार की चाल पूरी तरह बदली नजर आई। इस हफ्ते सेंसेक्स में 6569 अंकों की तूफानी तेजी दिखाई दी तो निफ्टी भी तेज रफ्तार से 1976 अंक चढ़ गया।

 

ट्रंप-नेतन्याहू की हार से बदला माहौल

मिडिल ईस्ट को युद्ध में झोंकने वाले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू दोनों को ही अपने अपने देशों में बड़े चुनावी झटके लगे। ट्रंप की पार्टी ने दोनों सदनों में बहुमत खो दिया तो नेतान्याहू का गठबंधन भी बहुमत से दूर रहा। इससे वैश्विक तनाव से परेशान दुनियाभर के देशों ने राहत की सांस ली। देखते ही देखते क्रूड की कीमतों में भारी कमी आई और यह 2 माह के नीचले स्तर पर पहुंच गया। इससे भारत समेत दुनिया भर के शेयर बाजारों को नई ऊर्जा मिली।

 

सेबी ने की LTCG हटाने की सिफारिश 

विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार से लगातार हो रही बिकवाली के बीच सेबी ने सरकार को विदेशी निवेशकों के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स हटाने की सिफारिश की है। इससे पिछले 2 वर्षों में करीब 64 अरब डॉलर निकाल चुके विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर सेंसेक्स, निफ्टी में बढ़ गई। भारत में सूचीबद्ध शेयरों पर फिलहाल 20 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और 12.5 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स के अलावा सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) भी लगाया जाता है। सरकार आगामी बजट में इस पर फैसला ले सकती है।

 

रिलायंस ने तोड़ा कमाई का रिकॉर्ड

वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। जियो प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती कमाई और ऑयल-केमिकल कारोबार के रिकॉर्ड प्रदर्शन ने कंपनी के नतीजों को मजबूती दी। रिलायंस का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.8 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है। कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू भी 27.8 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 3,62,268 करोड़ रुपए हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में रिलायंस का कुल शुद्ध मुनाफा पहली बार 50 हजार करोड़ के पार जा पहुंचा। इस खबर ने शेयर बाजार में नई ऊर्जा का संचार किया और 2 नवंबर को सेंसेक्स 1233 अंक उछला और निफ्टी में भी 387 अंकों की तेजी दिखाई दी।

 

जियो का सबसे बड़ा आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स ने 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर धमाकेदार एंट्री की। दोनों ही जगह इसकी लिस्टिंग 1,119 के IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले 1,358 रुपए पर हुई। इससे निवेशकों को 21.36% का लिस्टिंग गेन मिला। मजबूत लिस्टिंग के बाद भी कंपनी के शेयर ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया और देखते ही देखते यह 1400 के पार पहुंच गया। इसने भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी को बढ़ाने में मदद की।

 

म्यूचुअल फंड्स में भी बरसा पैसा

शेयर बाजार में आई बहार का असर म्यूचुअल फंड्स मार्केट पर भी दिखाई दिया। देखते ही देखते निवेशकों के पोर्टफोलियो ने एक बार उम्मीदों को बढ़ा दिया और बताया कि सब्र का फल मीठा होता है। हालांकि जिन लोगों ने मुश्किल समय में अपने फंड्स से पैसा निकाला था, वे हाथ मलते रह गए।  

 

दिवाली पर शेयर बाजार में नए संवत की शुरुआत

पारंपरिक हिंदू कैलेंडर के अनुसार, दिवाली के दिन से ही नए वित्तीय वर्ष यानी ‘संवत वर्ष’ (Samvat) की शुरुआत होती है। व्यवसाई और व्यापारी इस दिन को अपने नए बही-खाते शुरू करने का सबसे शुभ दिन मानते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शेयर बाजार में भी नए संवत की शुरुआत की जाती है। दिवाली के दिन BSE और NSE द्वारा एक विशेष घंटे के लिए ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सत्र का आयोजन किया जाता है।