PoK में गृहयुद्ध जैसे हालात, मुजफ्फराबाद में हिंसा, फायरिंग और आंसू गैस के गोले से हड़कंप, धारा 144 लागू

PoK में गृहयुद्ध जैसे हालात, मुजफ्फराबाद में हिंसा, फायरिंग और आंसू गैस के गोले से हड़कंप, धारा 144 लागू

shahbaz sharif at UNGA

पाकिस्तान के कब्जे में वाले जम्मू कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में आम लोगों और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच जमकर झड़प देखने में आई है। इसके साथ ही आगजनी की घटना भी सामने आई है। इस दौरान फायरिंग और आंसू गैस के गोले से लोगों में हड़कंप मच गया है।

बता दें क‍ि बीते 3 दिन से रावलाकोट में पाकिस्तानी सेना की तरफ से गोलीबारी, ड्रोन अटैक और आरपीजी-7 रॉकेट से हमला करके प्रदर्शन स्थलों को खाली करवाने की कार्रवाई के खिलाफ मुजफ्फराबाद में शनिवार को आम लोग मुंह पर कपड़ा बांध कर सड़कों पर उतरे हैं और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है।

राजधानी तक पहुंचीं विद्रोह की आग से निपटने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स और पीओके पुलिस मुजफ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों पर गोली चल रही है। आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। साथ ही रावलाकोट में जारी क्लीयरेंस ऑपरेशन का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने अपर प्लेट और चेला बंदी इलाके में टायरों में आग लगा कर आगजनी भी की। फिलहाल पूरे मुजफ्फराबाद में धारा 144 लगी हुई है और पाकिस्तानी अर्धसैनिक बल, पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने सामने हैं। इलाके में दुकानें बंद है।

रावलाकोट में जारी विद्रोह : बीते 150 दिन से रावलाकोट में जारी विद्रोह को खत्म करने और धरना स्थल खाली करवाने के लिए गुरवार को शुरू किया गया, पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी का क्लीयरेंस ऑपरेशन लगातार जारी है। जहां एक धरना स्थल रावलाकोट बस टर्मिनल को एफसी और रेंजर्स ने अपने कब्जे में ले लिया है, तो दूसरे धरना स्थल उमर फारूक चौक पर रुक रुक कर फायरिंग की जा रही है। तीन दिन की फायरिंग और हमलों में 9 लोगो की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी 20 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी गोलीबारी और ड्रोन अटैक के बीच भी धरना स्थल पर डटे हुए हैं।