संत प्रेमानंद के शिष्य की रहस्यमयी मौत, कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर, प्राइवेट पार्ट कटा हुआ मिला

संत प्रेमानंद के शिष्य की रहस्यमयी मौत, कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर, प्राइवेट पार्ट कटा हुआ मिला

Deepak Premanand Maharaj

Vrindavan Sadhu Death: धर्मनगरी वृंदावन के वाराहघाट स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम से एक हैरान कर देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है। संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित 25 वर्षीय युवा साधु दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की चार मंजिला इमारत से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद आश्रम में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में मामला सिर्फ छलांग लगाने भर का नहीं लग रहा, क्योंकि घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों ने पुलिस को भी उलझा दिया है।

 

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम को साधु के कमरे से खून से सना एक ग्राइंडर मिला है। मृतक साधु का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ पाया गया, जिससे यह मामला सामान्य आत्महत्या से इतर एक गहरे रहस्य की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस इस बिंदु पर भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि प्राइवेट पार्ट साधु ने स्वयं काटा या इसके पीछे किसी और की भूमिका है। 

 

CCTV फुटेज में दीपक इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल से छलांग लगाता हुआ तो दिख रहा है, लेकिन उसने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया, यह फिलहाल रहस्य बना हुआ है। पुलिस जांच के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा।

जबलपुर से नर्मदा परिक्रमा और फिर वृंदावन का रुख

मूल रूप से जबलपुर (मध्य प्रदेश) के रहने वाले दीपक पटेल ने कॉलेज तक शिक्षा प्राप्त की थी। धार्मिक रुझान के चलते उन्होंने नर्मदा परिक्रमा भी की थी। जबलपुर में मन न लगने पर वह करीब दो साल पहले वृंदावन आए और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर ‘रसिक दुलारी शरण’ बन गए। वह वाराहघाट स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में रह रहे थे, जहां केवल संत प्रेमानंद के दीक्षित शिष्य ही निवास करते हैं।

क्या कहा परिजनों ने? 

घटना की जानकारी मिलने के बाद जबलपुर स्थित परिवार में कोहराम मच गया। दीपक की मां लोंग बाई पटेल ने बताया कि पुलिस ने उन्हें केवल यह सूचना दी थी कि बेटे की तबीयत खराब है। मृतक के भाई मनीष पटेल के अनुसार, साधु बनने के बाद दीपक से परिवार की बातचीत काफी सीमित हो गई थी। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह और सीओ संदीप सिंह ने बताया कि सर्वोदय हॉस्पिटल से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं।

 

पुलिस ने मृतक साधु का मोबाइल फोन और उनकी व्यक्तिगत डायरी अपने कब्जे में ले ली है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से डायरी के पन्नों और मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं, ताकि मौत के पीछे छिपे वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।