
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर शनिवार को नैनी में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन उस समय हंगामे में बदल गई, जब अव्यवस्थाओं से नाराज प्रतिभागियों ने हंगामा शुरू कर दिया। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी निर्धारित नियमों और औपचारिकताओं का पालन किए बिना दौड़ शुरू कराए जाने से नाराज युवा प्रतिभागियों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके चलते कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया। गुस्साए प्रतिभागियों ने आयोजकों और पुलिस की गाड़ियों को घेर लिया। बामुश्किल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। ALSO READ: यूपी MLC चुनाव से BJP के लिए सबक, कट सकते हैं 50% से ज्यादा विधायकों के टिकट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मैराथन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने पहले से पंजीकरण कराया था। दौड़ने पहुंचे लोगों को उम्मीद थी कि निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक दौड़ विधिवत झंडी दिखाकर दौड़ शुरू होगी, लेकिन आरोप है कि बिना झंडी दिखाये की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। जिसके चलते वहां मौजूद प्रतिभागी नाराज हो गए। 5 से 6 हजार लोगों की भीड़ के बीच सबके बिगड़े हालात को संभालने के लिए पुलिस को मोर्चा लेना पड़ा।
मंच पर चढ़कर की नारेबाजी, कुर्सियां तोड़ीं
विरोध बढ़ने के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर हंगामा शुरू हो गया। बड़ी संख्या में दौड़ने आयेंं युवाओं ने आयोजकों और पुलिस की गाड़ियों को घेर लिया। इसी हंगामे के मध्य कुछ प्रतिभागी मंच पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। गुस्साए लोगों कार्यक्रम स्थल पर रखी कुर्सियां तोड़ दी गईं। माहौल बिगड़ता देख पुलिसकर्मियों ने भीड़ के बीच में घुसकर हंगामा कर रहे लोगों को शांत करवाते हुए वहां से हटाया।
सर्टिफिकेट के लिए मची छीना-झपटी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो और फोटो में साफतौर पर दिखाई दे रहा है कि मैराथन के दौरान सर्टिफिकेट बांटने के लिए भी विवाद हो गया। सर्टिफिकेट लेने के लिए मंच पर चढ़कर प्रतिभागियों ने प्रमाण पत्र अपने हाथों में ले लिए, जिसके बाद दौड़ने पहुंचे युवाओं में खींचतान और छीना -झपटी शुरू हो गई। इससे कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी और बढ़ गई। ALSO READ: दीपोत्सव से पहले चमकी रामनगरी, 90% होटल-होमस्टे फुल, श्रद्धालुओं के स्वागत को अयोध्या तैयार
अनुमान से कहीं अधिक पहुंची भीड़
बताया जा रहा है कि भाजपा यमुनापार की ओर से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर नैनी में पांच किलोमीटर की मैराथन आयोजित की गई थी। आयोजकों को लगभग 5 हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन मौके पर करीब पांच से 6 हजार लोगों की भीड़ पहुंच गई। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बावजूद व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं थीं। भीड़ प्रबंधन, दौड़ की शुरुआत और प्रमाणपत्र वितरण को लेकर उचित इंतजाम नहीं होने से स्थिति बिगड़ती चली गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर रहे प्रतिभागियों को हटाया और हालात को नियंत्रित किया। राष्ट्रीय एकता और अनुशासन का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम अव्यवस्थाओं और हंगामे के भेंट चढ़ गया।


