खड़गे के घर सियासी घमासान: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आएगा ‘जन महाभियोग’, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का अनोखा दांव

खड़गे के घर सियासी घमासान: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आएगा 'जन महाभियोग', CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का अनोखा दांव

jan mahabhiyog

दिल्ली की सियासत आज एक बार फिर गरमाई हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आज विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का अनूठा ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ लाया जाएगा। ALSO READ: CJP नेता सौरभ दास की हाई-प्रोफाइल दिवाली पार्टी, 75 मेहमानों की लिस्ट में इन दिग्गजों का नाम?

विपक्ष के जन महाभियोग कार्यक्रम में कई पार्टियां शामिल होगी। इंडिया गठबंधन के नेता करीब ढाई बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर जुटेंगे। इस आयोजन में एसआईआर , वोट चोरी और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगी। खड़गे खुद ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगे तो राहुल समापन भाषण देंगे।

 

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान ज्ञानेश कुमार ने जो गलत काम किए हैं, उनके खिलाफ पर्याप्त ठोस आंकड़े और दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं। हमारा सबसे बुनियादी अधिकार वोट देने का अधिकार है। अगर मतदाता सूची से 13.3 करोड़ लोगों के नाम हटा दिए गए हैं, तो यह हमारे वोट देने के अधिकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। ALSO READ: रन फॉर यूनिटी मैराथन में बवाल, प्रतिभागियों ने तोड़ी कुर्सियां, सर्टिफिकेट के लिए छीना-झपटी

 

क्या है ‘जन महाभियोग’?

‘जन महाभियोग’ मुख्य रूप से विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में उठाया गया एक अनूठा और प्रतीकात्मक राजनीतिक कदम है। इस सांकेतिक महाभियोग के जरिए विपक्ष सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी एकजुटता और आक्रामक रुख को जनता के सामने रखना चाहता है। संसद के भीतर लाए गए महाभियोग प्रस्ताव खारिज या सीमित हो जाते हैं, इसलिए विपक्ष ने इस लड़ाई को सीधे जनता की अदालत में ले जाने के लिए इसे ‘जन महाभियोग’ का नाम दिया।

 

CTI की नेताओं विपक्षी नेताओं को चिट्‍ठी

उधर, दिल्ली के कारोबारियों ने राहुल, सोनिया गांधी के बाद अब अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और उद्धव ठाकरे समेत विपक्षी नेताओं को चिट्ठी लिखकर 1 नवंबर को रैली टालने 

 

की अपील की है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक, रैली में 10 लाख लोगों और 15 से 20 हजार वाहनों के पहुंचने का अनुमान है। इस दिन रैली हुई तो दिल्ली के 20 बड़े थोक और रिटेल बाजारों में 10 से 12 हजार करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो सकता है।