
Mecca Drone Attack : पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल मक्का को निशाना बनाने की एक और बड़ी हिमाकत की है। मंगलवार शाम हूती विद्रोहियों ने ड्रोन के जरिए मक्का पर हमला करने की कोशिश की, जिसे सऊदी अरब की एयर डिफेंस सिस्टम ने प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही हवा में नाकाम कर दिया और ड्रोन को नष्ट कर दिया। ALSO READ: कच्चे तेल में आग लगने से पाकिस्तान का बुरा हाल! पेट्रोल बचाने के लिए लागू हो सकता है 'लॉकडाउन'
यह पहली बार नहीं है जब मक्का को निशाना बनाया गया है। सऊदी गठबंधन ने इस घटना का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि इससे पहले 27 जुलाई 2017 को भी मक्का की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की कोशिश की गई थी।
सऊदी गठबंधन की दो टूक: “यह हमारी रेड लाइन है”
इस खतरनाक हमले की साजिश सामने आने के बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बुधवार को गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इस पूरी घटना को 'दुश्मनी भरा और आतंकवादी कृत्य' करार दिया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां आने वाले लाखों जायरीनों (श्रद्धालुओं) की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए 'रेड लाइन' है। गठबंधन ने यह भी साफ कर दिया कि संयुक्त सेना हूती आंदोलन के इस प्रकार के दुस्साहस का जवाब देने के लिए सभी जरूरी और निवारक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। ALSO READ: US Space Weapons : चीन-रूस से बढ़ते तनाव के बीच नई Space War की तैयारी, अमेरिका के अंतरिक्ष हथियार कितने खतरनाक हैं?
हूती विद्रोहियों का पलटवार और आरोप
दूसरी तरफ, इस पूरी घटना के बीच हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने मंगलवार को टेलीग्राम पर एक बयान जारी कर उल्टा सऊदी अरब पर ही हमले करने का गंभीर आरोप लगाया।
हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी युद्धक विमानों ने उनके ठिकानों पर 52 हवाई हमले किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अल-जौफ, अल-बायदा, सादा और अमरान प्रांतों में भी सऊदी गठबंधन द्वारा लगातार हमले किए जाने का दावा किया है।
इस घटना के बाद से पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों के सुरक्षा समीकरणों में तनाव एक बार फिर से काफी बढ़ गया है।


