कच्चे तेल में आग लगने से पाकिस्तान का बुरा हाल! पेट्रोल बचाने के लिए लागू हो सकता है ‘लॉकडाउन’

कच्चे तेल में आग लगने से पाकिस्तान का बुरा हाल! पेट्रोल बचाने के लिए लागू हो सकता है 'लॉकडाउन'

petrol diesel crisis in Pakistan

अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच हूतियों की सऊदी अरब के खिलाफ जंग से पश्चिम एशिया में हड़कंप की स्थिति है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब अदन की खाड़ी में भी तनाव बढ़ गया है, जिससे पाकिस्तान के हालात चरमराने लगे हैं। इससे पाकिस्तान में पेट्रोलियम पदार्थों का संकट गहराता जा रहा है। पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने के लिए यहां सरकार पेट्रोल पर लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रहा है। ALSO READ: तेल संकट पर ट्रंप की दो टूक: यूक्रेन बंद करे रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले, जेलेंस्की ने दिया यह जवाब

 

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

इस लड़ाई के चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 108 और WTI क्रूड 104.7 डॉलर प्रति बैरल हो गया। इंडियन बास्केट में कच्चा तेल 128.7 डॉलर प्रति बैरल हो गया। पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों का 70 फीसदी पेट्रोलियम खाड़ी देशों से ही से आयात करता है। खाड़ी क्षेत्र में आए बीते कई महीनों से जारी युद्ध संकट के बावजूद वह अपनी जरूरतों के मुताबिक पेट्रोलियम पदार्थों की खपत के दूसरे विकल्प नहीं तलाश पाया इसलिए भारी संकट में फंसता दिख रहा है।

 

पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर तनाव

पाकिस्तान का पहले से ही कम विदेशी मुद्रा भंडार उस पर ज्यादा दबाव बढ़ा रहा है। ऐसे में शहबाज शरीफ सरकार के सामने दो बड़ी चुनौतियां पैदा हो गई हैं। एक और उस पर वित्तीय बोझ को कम करने का दबाव है तो दूसरी तरफ ईंधन की खपत को भी नियंत्रित करना है। उसके पास सिर्फ 28 दिन का पेट्रोल रिजर्व ही बाकी रह गया है। ALSO READ: US Space Weapons : चीन-रूस से बढ़ते तनाव के बीच नई Space War की तैयारी, अमेरिका के अंतरिक्ष हथियार कितने खतरनाक हैं?

 

शहबाज शरीफ ने की हालात पर चर्चा

ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। इसमें इमर्जेंसी जैसे हालत को संभालने की योजना के ड्राफ्ट पर चर्चा की गई। सरकार अब ईंधन और बिजली की खपत को कम करने के लिए कड़े कदम उठाने पर विचार कर रही है। सरकार इन मुश्किल हालात में सरकारी और निजी सेक्टर के संस्थानों के लिए सप्ताह में 4 दिन काम करने का नियम लागू करने पर भी विचार कर रही है। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के ऑफिस, स्कूल और कॉलेजों को सप्ताह में 4 दिन खोलने और तीन दिन का वीकली अवकाश का ऐलान हो सकता है। इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों को तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट करने का भी प्रस्ताव है।

रात 8 बजे के बाद सब बंद की तैयारी

देश में बिजली की खपत कम करने के लिए बाजारों और शॉपिंग मॉल्स को रात 8 बजे के बाद बंद करने का भी प्रस्ताव है। कहा जा रहा है कि रेस्टोरेंट और मैरिज हॉल्स को रात 10 बजे तक बंद किया जा सकता है। सिर्फ मेडिकल स्टोर और अन्य आपातकालीन सुविधाओं को इस दायरे से बाहर रखे जाने का प्रावधान है।