क्या AAP में भी होगी बड़ी टूट? रामदास अठावले के दावे से गरमाई सियासत

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तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी में बगावत के बाद एनडीए से जुड़े दलों ने एनडीए को सपा और आम आदमी पार्टी से जुड़े सांसदों के भी समर्थन का दावा किया है। मोदी सरकार में मंत्री रामदास अठावले ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के लोकसभा सदस्य भी भविष्य में उनके साथ जुड़ सकते हैं। इसी तरह की अटकलें समाजवादी पार्टी के लिए भी लगाई जा रही है।

 

मोदी के मंत्री के दावे से देश की सियासत गरमा गई। हालांकि आप ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लोकसभा में आम आदमी पार्टी के 3 सांसद राजकुमार छब्बेवाल, गुरमीत सिंह हायर और मलविंदर सिंह कांग है। इससे पहले अप्रैल 2026 में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ी थी। इन सभी सांसदों ने दल-बदल कानून के नियमों के तहत अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर लिया था।

 

उद्धव ने 2019 में की बड़ी गलती

अठावले ने दावा किया कि इसकी जड़ 2019 में उद्धव ठाकरे द्वारा लिया गया वह फैसला है, जब उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के बजाय अलग रास्ता चुना था। अठावले ने कहा कि उस समय उद्धव ठाकरे को देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने में समर्थन देना चाहिए था और खुद उपमुख्यमंत्री बन सकते थे। उनके मुताबिक, आज उसी फैसले का असर दिख रहा है, क्योंकि शिवसेना (UBT) के 9 सांसदों में से 6 सांसद अब एकनाथ शिंदे के साथ आ चुके हैं। 

 

उन्होंने कहा कि डीएमके ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़ लिया है और ममता बनर्जी की पार्टी के कई सांसद भी एनडीए के साथ आ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के लोकसभा सदस्य भी भविष्य में उनके साथ जुड़ सकते हैं। महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर बोलते हुए अठावले ने विश्वास जताया कि मोदी सरकार इस बार संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सकती है।

 

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सदस्यों ने बगावत कर एनसीपीआई का दामन थाम लिया। इसके बाद शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। बुधवार को सुभासपा नेता और योगी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया था कि पूरी समाजवादी पार्टी भाजपा में शामिल होना चाहती है। इसके लिए रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी भी लिखी है।

edited by : Nrapendra Gupta