इस्तीफा नहीं तो आंदोलन, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर से CJP का देशव्यापी प्रदर्शन

इस्तीफा नहीं तो आंदोलन, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर से CJP का देशव्यापी प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 2 अक्टूबर से चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी में है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा। अभिजीत दिपके ने यह भी सवाल उठाया कि जब ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं, तो पार्टी अदालत के फैसले का इंतजार क्यों नहीं कर रही है।

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सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाए सवाल

 

मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिपके से जब पूछा गया कि CJP सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का इंतजार क्यों नहीं कर रही, तो उन्होंने पश्चिम बंगाल में मतदाताओं से जुड़े मामलों में अदालत के रुख पर सवाल उठाया।

 

दिपके ने आरोप लगाया कि जिस सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल चुनाव में लाखों लोगों को वोट देने से रोकने से संबंधित मामले में हस्तक्षेप नहीं किया, और कथित तौर पर यह कहा कि अगर इस बार वोट नहीं दे सकते तो अगली बार वोट कर सकते हैं, उसी अदालत की भूमिका पर भी सवाल उठना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट भी जिम्मेदार है। ये दावे दिपके के हैं और उनके आरोपों के तौर पर ही सामने आए हैं।

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SIR को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना

 

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके पहले भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा चुके हैं। पार्टी ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी आपत्ति जताई है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। CJP ने पहले घोषणा की थी कि अगर ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से मुंबई से आंदोलन शुरू किया जाएगा और इसे देश के दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा।

 

मुंबई में प्रदर्शन को अनुमति नहीं मिलने का दावा

 

इस बीच, CJP की ओर से दावा किया गया है कि मुंबई पुलिस ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद दिपके ने मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने की घोषणा की है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी अनुमति की स्थिति को लेकर रिपोर्ट सामने आई है। CJP का कहना है कि उसका आंदोलन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के संशोधन और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर है।