Smit Machchhar : फ्लाईदुबई के ‘हीरो’ भारतीय पायलट स्मित मच्छार की हालत में सुधार, UAE में भारतीय राजदूत ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

Smit Machchhar : फ्लाईदुबई के 'हीरो' भारतीय पायलट स्मित मच्छार की हालत में सुधार, UAE में भारतीय राजदूत ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

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फ्लाईदुबई विमान में हुए खौफनाक कॉकपिट घटनाक्रम के दौरान बहादुरी दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हालत अब बेहतर है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर घायल पायलट और उनके परिवार से मुलाकात की। भारतीय दूतावास के मुताबिक, कैप्टन स्मित की सेहत अच्छी है और वह तेजी से रिकवर कर रहे हैं।

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भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की। दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा और आवश्यक देखभाल मिलती रहे।

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कौन हैं भारतीय पायलट स्मित मच्छार?

कैप्टन स्मित मच्छार पिछले करीब चार साल से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने स्पाइसजेट में करीब 10 साल तक सेवाएं दीं। उनके पास 17 साल से अधिक का उड़ान अनुभव है। एक पॉडकास्ट कार्यक्रम Bonafide Banter with Zalak Mehta में स्मित ने बताया था कि पायलट बनना उनकी शुरुआती योजना का हिस्सा नहीं था। स्कूल के बाद उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था, क्योंकि यह उनके परिवार के कारोबार से जुड़ा हुआ था। इसके बाद उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की, ताकि पारिवारिक कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद कर सकें।

 

लेकिन करीब 19 साल की उम्र में एक एविएशन सेमिनार ने उनके करियर की दिशा बदल दी। स्मित के मुताबिक, इसी दौरान उन्हें एविएशन इंडस्ट्री के बारे में विस्तार से जानकारी मिली और उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया।

 

मां इस फैसले से डर गई थीं

स्मित ने बताया था कि एविएशन में करियर बनाने के उनके फैसले को लेकर परिवार में भी चिंता थी। उनकी मां इस फैसले से डर गई थीं। उनका कहना था कि 15-17 साल पहले एविएशन आज की तरह आम लोगों के लिए परिचित क्षेत्र नहीं था। वहीं, उनके पिता ने इस फैसले को लेकर अपेक्षाकृत सहज रुख अपनाया और उन्हें अपने पायलट प्रशिक्षण के लिए सही रास्ता चुनने की सलाह दी। स्मित के मुताबिक, उस समय उनकी पायलट ट्रेनिंग पर करीब 16-17 लाख रुपये खर्च हुए थे। परिवार ने उनका साथ दिया और उन्होंने एविएशन में अपना करियर शुरू किया।

फ्लाईदुबई कॉकपिट में क्या हुआ था?

 

फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कॉकपिट में एक गंभीर घटना सामने आई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित पर हमला किया और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इस दौरान स्मित घायल हो गए, लेकिन उन्होंने स्थिति को संभालने और विमान को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई। घटना के बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया और वहां लैंड कराया गया।

 

पीएम मोदी ने भी की कैप्टन स्मित की तारीफ

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस घटना के दौरान भारतीय पायलट ने धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। पीएम मोदी ने कहा कि इस घटना में कैप्टन स्मित के प्रदर्शन ने देश को गर्व महसूस कराया। उन्होंने इजराइल के प्रधानमंत्री की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें घटना को 9/11 जैसी संभावित त्रासदी से जोड़ा गया था।