इंदौर महापौर की अफसरों को फटकार, कहा- आप काम नहीं करते हो, इमेज सरकार की खराब होती है

इंदौर महापौर की अफसरों को फटकार, कहा- आप काम नहीं करते हो, इमेज सरकार की खराब होती है

इंदौर में नगर निगम के अधिकारियों की लेटलतीफी और फाइलों में अटके विकास कार्यों को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने गुरुवार सुबह अधिकारियों को फटकार लगाई। सुदामा नगर सेक्टर-डी के औचक निरीक्षण के दौरान बाउंड्रीवॉल का टेंडर होने के बावजूद वर्कऑर्डर जारी नहीं होने का मामला सामने आया। इस पर महापौर ने मौके से ही संबंधित अधिकारियों को बुलाकर जवाब मांगा।

महापौर ने नाराजगी जताते हुए कहा, “आप लोग कागज-कागज खेलते रहते हो और यहां जनता परेशान होती रहती है। आपके कारण सरकार की छवि खराब होती है।” निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद जीतू राठौर भी उनके साथ थे। महापौर ने क्षेत्र में निर्माण कार्यों की स्थिति देखी और स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली।

टेंडर हुआ तो वर्कऑर्डर क्यों नहीं निकला : निरीक्षण के दौरान ए सेक्टर के बगीचे की बाउंड्रीवॉल का टेंडर होने के बाद भी वर्कऑर्डर की फाइल लंबे समय से लंबित होने की बात सामने आई। इस पर महापौर ने संबंधित फाइल और अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव सहित अधिकारियों को मौके पर बुलवाकर जवाब तलब किया।

अपर आयुक्त को किया जवाब तलब : बाउंड्रीवॉल के मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए महापौर ने मौके पर ही संबंधित फाइल और अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव सहित अधिकारियों को बुलवाकर जवाब तलब किया। महापौर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब काम होना ही नहीं था, तो उसका प्रस्ताव कैसे बन गया? टेंडर किस आधार पर हुआ और वर्कऑर्डर तक प्रक्रिया कैसे पहुंची? उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि देरी के लिए जिम्मेदार कौन है।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी प्रकरणों की सूची तैयार की जाए, जिनकी फाइलें बिना उचित कारण लंबित हैं। इन मामलों की जांच कराकर नगर निगम आयुक्त के समक्ष रखा जाए और फिर एमआईसी में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।