
दक्षिण गुजरात में मानसून के रौद्र रूप के कारण वलसाड, डांग और तापी सहित कई जिलों में भीषण जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य की 213 तहसीलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इनमें सबसे अधिक 35.67 इंच बारिश अकेले उमरगाम में दर्ज की गई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे पूरे दक्षिण गुजरात में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा है।
राज्य की 213 तहसीलों में बारिश और प्रमुख क्षेत्रों के आंकड़े
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य भर में जमकर बारिश हुई है। सबसे अधिक उमरगाम में 35.67 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कपराड़ा में 28.78 इंच, नाना पोंढा में 25.31 इंच, धरमपुर में 19.65 इंच, पारडी में 17.64 इंच, बांसदा में 17.13 इंच, वापी में 16.26 इंच, वलसाड में 15.87 इंच, डोलवण में 14.88 इंच, वाघई में 14.53 इंच और खेरगाम में 14.09 इंच बारिश हुई है। इसके अलावा वालोड में 10.08 इंच, उमरपाड़ा में 9.84 इंच, व्यारा में 9.49 इंच, अंबिका में 8.74 इंच, पलसाना में 8.23 इंच, चिखली में 7.91 इंच, गणदेवी में 7.72 इंच, सोनगढ़ में 7.48 इंच, जलालपुर में 7.24 इंच, महुवा में 7.09 इंच, नवसारी में 6.93 इंच, बारडोली में 6.89 इंच, डांग में 6.22 इंच, सूरत शहर में 5.04 इंच, कामरेज में 4.84 इंच और उकाई में 4.25 इंच बारिश दर्ज की गई है।

वलसाड में औरंगा नदी के उफान से शेठिया नगर जलमग्न
वलसाड में हो रही मूसलाधार बारिश से औरंगा नदी उफान पर है और इसका पानी शहर के रिहाइशी इलाकों में घुस गया है। वलसाड के शेठिया नगर में नदी का पानी भर जाने से चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। कई इमारतों की पहली मंजिल तक पानी भर चुका है, जिससे लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। पिछले 24 घंटों में औसत 23 इंच बारिश से वलसाड की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है और नदी के प्रचंड बहाव के आगे स्थानीय प्रशासन भी बेबस नजर आ रहा है।
वापी और धरमपुर में बारिश का कहर
वापी में 17 इंच और धरमपुर में 20 इंच से अधिक बारिश होने से निचले इलाके पूरी तरह डूब चुके हैं। वापी के गुंजन, छरवाड़ा और नामधा क्षेत्रों में जलभराव के कारण सड़कों पर खड़े वाहन और सोसायटियों की पार्किंग पानी में समा गई हैं। दूसरी ओर, धरमपुर में औरंगा नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण काश्मीरा नगर और बरूड़ियावाड़ के निवासियों को आधी रात को सायरन बजाकर अलर्ट किया गया और उन्हें सुरक्षित स्थान रामलला मंदिर में स्थानांतरित किया गया।

भारी बारिश से 365 सड़कें बंद, यातायात ठप
भीषण बारिश और कॉजवे के जलमग्न हो जाने के कारण वलसाड जिले की कुल 365 सड़कों को यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, पारडी में 74, वलसाड में 74, कपराड़ा में 65, धरमपुर में 65, नाना पोंढा में 59, उमरगाम में 25 और बांसदा में 3 सड़कें बंद हैं। मार्ग बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डांग और तापी जिले में बाढ़ की स्थिति और हाईवे पर जाम
डांग जिले में अंबिका, पूर्णा, खापरी और गिरा नदियों में बाढ़ जैसे हालात हैं और जगह-जगह पेड़ गिरने से कई मुख्य मार्ग बंद हो गए हैं। तापी जिले के डोलवण में 14.88 इंच बारिश दर्ज होने के बाद सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके अलावा, व्यारा-उनाई नेशनल हाईवे पर पानी भर जाने से गड़त गांव के पास 1 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे कई वाहन चालक सड़कों पर ही फंस गए।
प्री-मानसून तैयारियों पर उठे सवाल, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
व्यारा शहर के मिशन नाका और आयल सर्कल जैसे प्रमुख इलाकों में जलभराव के कारण नगर पालिका की प्री-मानसून तैयारियों की पोल खुल गई है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से नदियों, नालों और जलमग्न क्षेत्रों के पास न जाने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

