घूसखोर पुलिसवालों पर गाज! किसी की नौकरी गई तो कोई सस्पेंड, जानें CM विजय के एक्शन की पूरी इनसाइड स्टोरी

घूसखोर पुलिसवालों पर गाज! किसी की नौकरी गई तो कोई सस्पेंड, जानें CM विजय के एक्शन की पूरी इनसाइड स्टोरी

CM Vijay Thalapathy

Tamil Nadu Police action: तमिलनाडु में रिश्वतखोरी के खिलाफ पुलिस महकमे ने अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। मात्र एक हफ्ते के भीतर 5 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है— किसी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया तो किसी को सस्पेंड। 1000 की मामूली रिश्वत ‘गूगल पे’ से मांगने वाले हेड कांस्टेबल से लेकर 10,000 ऐंठने वाले सब-इंस्पेक्टर तक, विजिलेंस सेल की जांच में दोषी पाए गए किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं गया। तमिलनाडु पुलिस का यह ‘रियल एक्शन’ राज्य में एक नई नजीर पेश कर रहा है।

रील से रियल एक्शन

सुपरस्टार थलपति विजय अपनी फिल्मों में अकसर भ्रष्ट तंत्र और रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज उठाते नजर आए हैं। हाल ही में राजनीति में कदम रखने और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ के जरिए भ्रष्टाचार मुक्त तमिलनाडु का वादा करने वाले विजय का प्रभाव राज्य के जनमानस में गहरा है। अब ठीक उसी ‘रील लाइफ’ की तर्ज पर राज्य के प्रशासनिक तंत्र में ‘रियल लाइफ’ एक्शन देखने को मिल रहा है। विजिलेंस सेल की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि खाकी वर्दी की आड़ में कटमनी लेने वालों की अब कोई जगह नहीं है। ALSO READ: CM Vijay : CM विजय का इशारा, तमिलनाडु विधानसभा में मचा हंगामा, थलापति को क्यों देनी पड़ी सफाई, पढ़िए क्या है मामला

1000 की रिश्वत और ‘गूगल पे’ कांड

तिरुनेलवेली शहर के मेलापालयम थाने में तैनात हेड कांस्टेबल सोर्ना राज ने चेकिंग के दौरान एक बाइकर को कागजात पूरे न होने पर पकड़ा। आरोप है कि सोर्ना राज ने सहूलियत देने के नाम पर 1000 रुपए की रिश्वत मांगी और पैसे ट्रांसफर कराने के लिए बाकायदा अपना गूगल पे (Google Pay) नंबर शेयर कर दिया। डिजिटल सबूत और विजिलेंस की शुरुआती जांच के आधार पर उसे तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।

चोरी की बाइक छोड़ने के बदले 10,000 की डील

इसी तरह चेन्नई के नॉर्थ बीच थाने के सब-इंस्पेक्टर सिवराज और कांस्टेबल विवेक पर चोरी की दोपहिया गाड़ी को छोड़ने के एवज में 10,000 रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा। शिकायत के बाद हुई जांच में दोनों की संलिप्तता सही पाई गई और महकमे ने दोनों को निलंबित कर दिया। ALSO READ: विजय के ‘पीएम दांव’ पर सियासत गर्माई : DMK और कांग्रेस का तंज, क्या 2029 में विजय बनेंगे प्रधानमंत्री?

माधवरम और पुज्हल थाने में बड़ी कार्रवाई

माधवरम थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। विजिलेंस सेल की रिपोर्ट के बाद उसे भी सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, पुज्हल थाने के सब-इंस्पेक्टर मरीश्वरन को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मरीश्वरन पर 2024 में अन्ना नगर थाने में तैनाती के दौरान बार-बार रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप थे। विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने उसे नौकरी से ही निकाल दिया।

क्यों अचानक जागा पुलिस प्रशासन?

दरअसल, तमिलनाडु में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस अचानक बढ़ी सख्ती के पीछे राज्य पुलिस प्रमुख का वो आदेश भी है, जो उन्होंने इस साल फरवरी में दिया था। इसमें लंबे समय से निलंबित चल रहे और भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल अधिकारियों के मामलों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए थे।

 

तिरुनेलवेली से लेकर चेन्नई तक फैली इस कार्रवाई से साफ है कि चाहे 1000 का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हो या फिर हजारों की डील, तमिलनाडु पुलिस अपने बेड़े से ‘काले भेड़ों’ को बाहर निकालने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। तमिलनाडु में इन दिनों भ्रष्टाचार पर चौतरफा वार हो रहा है। आम जनता के लिए यह राहत भरी खबर है कि छोटी से छोटी रिश्वतखोरी की शिकायत पर भी खाकी की साख बचाने के लिए प्रशासन अब कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हट रहा है।