Freddy Francis: सोशल मीडिया पर वायरल इन्फ्लुएंसर फ्रेडी फ्रांसिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की केरल इकाई से अलग होने का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार (25 अक्टूबर) को जारी बयान में ऐलान किया कि अब वह संगठन से किसी भी आधिकारिक भूमिका में जुड़े नहीं रहेंगे। फ्रांसिस ने अपने फैसले के पीछे संगठन की फंड जुटाने की प्रक्रिया, कुछ राजनीतिक बयानों और कई फैसलों को लेकर गंभीर मतभेदों का हवाला दिया है।
फ्रांसिस के इस फैसले से संगठन की केरल इकाई में हलचल पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि वह संगठन के कुछ फैसलों का समर्थन नहीं कर सकते और न ही भविष्य में उसकी गतिविधियों की जिम्मेदारी लेना चाहते हैं। उनके अनुसार, कुछ फैसले केरल की धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
फंडिंग और राजनीतिक बयानों पर जताई असहमति
फ्रेडी फ्रांसिस ने अपने बयान में अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली CJP की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फंड जुटाने के तरीकों, कुछ अपरिपक्व राजनीतिक बयानों और कुछ फैसलों को लेकर उनकी गंभीर असहमति है। उन्होंने कहा कि जिन गतिविधियों और फैसलों से वह सहमत नहीं हैं, उनका समर्थन करना उनके लिए संभव नहीं है। इसी वजह से उन्होंने संगठन से अपनी आधिकारिक भूमिका समाप्त करने का निर्णय लिया।
फ्रांसिस ने अपने बयान में कहा कि वह संगठन के ऐसे फैसलों, बयानों या भविष्य की गतिविधियों का समर्थन नहीं कर सकते, जिनसे उनके विचारों और सिद्धांतों के विपरीत परिस्थितियां पैदा हों। हालांकि, उनके बयान में फंड जुटाने के किन तरीकों पर आपत्ति थी और किन राजनीतिक बयानों को लेकर मतभेद पैदा हुए, इसका डिटेल्स नहीं दिया गया है।
संगठन के साथियों को दिया धन्यवाद
पार्टी से अलग होने का फैसला लेने के बावजूद फ्रांसिस ने संगठन के साथ काम करने वाले लोगों के योगदान को स्वीकार किया। उन्होंने उन समर्थकों और सहयोगियों का आभार जताया, जो बाढ़, प्रदर्शनों और अन्य पहलों के दौरान टीम के साथ खड़े रहे। फ्रांसिस के अनुसार, संगठन के सदस्यों ने मिलकर जो काम किया, उसने आंदोलन को मौजूदा स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि टीम के रूप में किए गए सामूहिक प्रयासों और इसमें योगदान देने वाले लोगों पर उन्हें गर्व है। उनकी यह टिप्पणी दिखाती है कि संगठन से अलग होने के बावजूद वह अपने साथियों के योगदान को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे हैं।
‘संगठन छोड़ रहा हूं, अपने सिद्धांत नहीं’
फ्रेडी फ्रांसिस ने स्पष्ट किया कि CJP की केरल इकाई से अलग होने का अर्थ यह नहीं है कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत सिद्धांतों को छोड़ दिया है। उन्होंने लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही भारतीय नागरिकों को संविधान से मिले अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए खड़े रहने की बात कही। फ्रांसिस ने कहा कि संगठन से दूरी बनाने का उनका फैसला उनके मूल्यों से दूरी बनाने का फैसला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी वह इन सिद्धांतों के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
कौन हैं फ्रेडी फ्रांसिस?
फ्रेडी वी. फ्रांसिस केरल के रहने वाले सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने वाले इन्फ्लुएंसर हैं। केरल की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के आलोचक रहे हैं। वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की केरल इकाई और उसके युवा आंदोलन को शुरुआती दौर में आगे बढ़ाने वालों में शामिल थे। फ्रेडी फ्रांसिस उन शुरुआती लोगों में शामिल थे, जिन्होंने केरल में Cockroach Janata Party और उसके युवा आंदोलन को खड़ा करने में भूमिका निभाई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में पार्टी की केरल इकाई ने अपनी संगठित गतिविधियों का विस्तार करना शुरू किया था। संगठन से जुड़े समन्वयकों ने राज्य के सभी जिलों में अपनी मौजूदगी स्थापित करने और स्थानीय सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर काम करने की योजना की घोषणा की थी। ऐसे समय में फ्रांसिस का संगठन से अलग होना उसके लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शनों में भी थे सक्रिय
‘केरल कौमुदी’ की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रेडी फ्रांसिस उन प्रदर्शनों में भी सक्रिय रूप से शामिल थे, जिनके चलते पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। इससे केरल में संगठन की राजनीतिक गतिविधियों और आंदोलनों में उनकी भागीदारी का पता चलता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन प्रदर्शनों के पूरे घटनाक्रम और फ्रांसिस की व्यक्तिगत भूमिका का डिटल्स नहीं दिया गया है।

