eMudhra Share Price: सिक्योरिटी ब्रीच के मामले में ईमुद्रा के शेयर लगातार तीन कारोबारी दिनों में 19-22 अक्टूबर को करीब 38% टूट गए। चौथे कारोबारी दिन भी यह फिसलकर एक साल के निचले स्तर पर आ गया था लेकिन फिर यह संभला लेकिन फिर संभलते हुए ग्रीन जोन में पहुंचा। चार दिनों में यह 40% से अधिक टूटकर इस निचले स्तर तक आ गया था। अब आगे की बात करें तो रेटिंग एजेंसी इक्रा के भरोसे से इसे संभलने में मदद मिल सकती है लेकिन इक्रा ने सतर्क भी किया है। एक कारोबारी दिन पहले 23 अक्टूबर को बीएसई पर यह 2.35% की गिरावट के साथ ₹353.35 पर बंद हुआ था।
क्या है सिक्योरिटी ब्रीच का मामला
वेबसाइट सर्टिफिकेट को वेरिफाई करने वाली आठ इंटरमीडिएट अथॉरिटीज की सिक्योरिटी कीज जेनेरेट करने की प्रक्रिया में खामी मिली। इसके चलते ब्राउजर बनाने वाली कंपनियों ने इन अथॉरिटीज को ब्लॉक कर दिया और ईमुद्रा ने सर्टिफिकेट रद्द कर दिया। इसके बाद कंपनी के बोर्ड ने ग्लोबल सर्टिफिकेट बिजनेस से बाहर निकलने और अपने मुख्य एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और अन्य ट्रस्ट सर्विसेज पर फोकस करने का फैसला किया।
कंपनी का दावा है कि इस मामले में कोई डेटा लीक नहीं हुआ है और उसके इंडियन डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट और ई-साइन बिजनेसेज पर कोई असर नहीं पड़ा है। सीएनबीसी-टीवी18 से 22 अक्टूबर को बातचीत में कंपनी के को-फाउंडर कौशिक श्रीनिवासन ने साइबर सुरक्षा में चूक को ‘एक खराब दिन पर हुई एक अकेली घटना’ कहा।
eMudhra की रेटिंग ICRA ने क्यों रखी बरकरार
रेटिंग एजेंसी इक्रा ने 23 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट में ईमुद्रा की ₹35 करोड़ की अनआवंटित क्रेडिट लिमिट पर अपनी रेटिंग [ICRA]A (Stable)/[ICRA]A1 बरकरार रखी है। इक्रा का मानना है कि ग्लोबल सिक्योर सॉकेट्स लेयर/ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी (SSL/TLS) सर्टिफिकेट बिजनेस से बाहर निकलने से प्रत्यक्ष रूप से ईमुद्रा पर सीमित वित्तीय असर रह सकता है, क्योंकि इसकी कंपनी के कंसालिडेटेड रेवेन्यू में लगभग 1% की ही हिस्सेदारी है।
हालांकि इक्रा ने इस बात को लेकर सतर्क किया है कि इससे कंपनी की छवि पर असर पड़ा तो एंटरप्राइज सॉल्यूशंस बिजनेस में नए ग्राहक जोड़ने और मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। विदेशी बाजारों में भी इसका असर दिख सकता है। इससे कंपनी को झटका लग सकता है, क्योंकि इन बिजनेसेज और बाजारों से कंपनी को अपने रेवेन्यू का करीब 64% हिस्सा मिलता है।
इंक्रा का कहना है कि कंपनी को नेट डेट-फ्री स्थिति और मजबूत लिक्विडिटी से कंपनी को संभलने में मदद मिल सकती है। अब इक्रा की नजर आने वाली तिमाहियों में रेगुलेटरी रिव्यू, ईमुद्रा के बिजनेस की रफ्तार और नए ऑर्डर्स पर रहेगी।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल
ईमुद्रा के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है और महज एक महीने में ही निवेशकों की पूंजी आधे से अधिक घटा दी। ईमुद्रा के शेयर 16 सितंबर 2026 को ₹677.50 के भाव पर थे, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से एक ही महीने में यह 51.17% टूटकर 23 अक्टूबर 2026 को ₹330.85 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
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