दिलजीत के शो को खराब करने की पन्नू की साजिश नाकाम, ये है खालिस्तान समर्थक नारे लिखने की पूरी कहानी

दिलजीत के शो को खराब करने की पन्नू की साजिश नाकाम, ये है खालिस्तान समर्थक नारे लिखने की पूरी कहानी

दिलजीत दोसांझ के ‘ऑरा इंडिया टूर 2026’ को बाधित और रद्द कराने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के प्रमुख और खालिस्तानी चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू की तरफ से सिंगर के शोज को लेकर लगातार धमकियां दी जा रही थीं। दिलजीत दोसांझ का ‘ऑरा इंडिया टूर 2026’  लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। 30 अक्टूबर को दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट का आगाज हुआ।

बता दें कि दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से दिलजीत दोसांझ ने अपने ऑरा इंडिया टूर का आगाज किया, जिसे लेकर पहले खतरे के बादल मंडरा रहे थे। कई रुकावटों के बाद आखिरकार दिलजीत का दिल्ली कॉन्सर्ट पूरा हुआ। इस बीच इस कॉन्सर्ट को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है।

ग्रैफिटी लिखने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी लिखने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का संपर्क प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े लोगों से था। उन्हें मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने के बदले मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। पुलिस अब इस साजिश के पीछे मौजूद हैंडलर्स और दूसरे लोगों की तलाश कर रही है।

दो मेट्रो स्टेशनों को किया टारगेट : दिल्ली में खालिस्तान समर्थक नारे लिखकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दो मामले सामने आए थे। 29 अक्टूबर 2026: जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास फर्श पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिले। 30 अक्टूबर 2026: शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 की सीढ़ियों की अंदरूनी दीवार पर इसी तरह की ग्रैफिटी मिली। दोनों जगह अंग्रेजी में लिखा गया था- “DILJIT SINGH QUAM D GADDAR KHOON D BADLA SFJ KHALISTAN” इस नारे के जरिए SFJ और खालिस्तान विचारधारा का समर्थन करने की कोशिश की गई थी। मेट्रो स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगहों पर इस तरह के नारे लिखकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।

तीन आरोपी गिरफ्तार : इस मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज ने जांच शुरू की। इंस्पेक्टर अनुकूल पंवार और इंस्पेक्टर परवीन कुमार की टीम ने एसीपी राहुल कुमार सिंह की निगरानी में कार्रवाई की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। इसके बाद तकनीकी जांच के जरिए सबसे पहले सुमीत उर्फ रफ्तार की पहचान की गई। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में दो अन्य साथियों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने पंजाब में कार्रवाई करते हुए सुमित कुमार उर्फ काका और गुरप्रीत को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली मेट्रो स्टेशनों में प्रो-खालिस्तानी नारे लिखने के मामले में जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें सुमीत उर्फ रफ्तार (30 साल) – निवासी गांधी कॉलोनी, समालखा, पानीपत, हरियाणा, सुमित कुमार उर्फ काका (22 साल) – निवासी डेरा बाबा नानक, जिला गुरदासपुर, पंजाब और गुरप्रीत (22 साल) – निवासी गांव माहिलपुर, जिला होशियारपुर, पंजाब शामिल हैं। तीनों आरोपियों को SFJ के सदस्य ने ग्रैफिटी लिखने का टास्क दिया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि सुमित कुमार उर्फ काका इस पूरे मामले में मुख्य भूमिका निभा रहा था।

किसने कहने पर लिखे नारे : पुलिस के मुताबिक, घटना से करीब एक सप्ताह पहले सुमीत लुधियाना गया था। इसके बाद तीनों टैक्सी से दिल्ली आए और 29 अक्टूबर को कश्मीरी गेट ISBT पहुंचे, जिसके बाद सुमित के निर्देश पर उसने जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखे। सुमित कुमार उर्फ काका पंजाब के गुरदासपुर का रहने वाला है और उसने 12वीं तक पढ़ाई की है। पुलिस के मुताबिक, पढ़ाई के बाद वह नशे के सेवन और असामाजिक गतिविधियों में शामिल हो गया था। करीब चार साल पहले उसकी मुलाकात गुरप्रीत से हुई थी। उस समय गुरप्रीत हरियाणा के समालखा में एक होटल में काम करती थी। बाद में दोनों साथ रहने लगे। सुमीत उर्फ रफ्तार से उसकी मुलाकात एक साझा परिचित के जरिए हुई थी।