ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हारने वाले फ्लावियो बोल्सोनारो गिरफ्तारी के डर से परिवार के साथ अमेरिका पहुंच गए। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसमें उनकी मदद की। यह पूरा ऑपरेशन 3 देशों से होते हुए 72 घंटे में हुआ। फ्लावियो पत्नी और दो बेटियों के साथ ब्राजील से पहले अर्जेंटीना पहुंचे। वहां से इक्वाडोर होते हुए 28 अक्टूबर को अमेरिका के मियामी पहुंच गए। इसके लिए बोल्सोनारो ने इटली के पासपोर्ट का इस्तेमाल किया। फ्लावियो के अमेरिका पहुंचने के बाद की तस्वीरें… फ्लावियो के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच फ्लावियो के खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी समेत कई मामलों में जांच चल रही है। इनमें उनके पिता की जिंदगी पर फिल्म बनाने के लिए पैसे जुटाने से जुड़ा मामला भी शामिल है। फ्लावियो ने माना था कि उन्होंने पूर्व बैंकर डेनियल वोरकारो से फिल्म के लिए करीब 1.2 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश की थी। हालांकि, उन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। उन पर एक ऐसे वकील से संबंध होने की जांच चल रही है, जिस पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए 1 अरब डॉलर से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इसके तहत पुलिस ने उन्हें 24 घंटे के अंदर अपना पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था। फ्लावियो ने गिरफ्तारी के डर से देश छोड़ने का फैसला किया। इस काम में उनके छोटे भाई एडुआर्डो बोल्सोनारो ने मदद की। एडुआर्डो टेक्सास में रहते हैं और ट्रम्प प्रशासन के करीबी माने जाते हैं। ट्रम्प ने अमेरिका में आने की मंजूरी दी, जेट की व्यवस्था भी कराई अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रम्प ने फ्लावियो और उनके परिवार को अमेरिका में प्रवेश की मंजूरी दी थी। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 27 अक्टूबर को परिवार को वीजा देने की बात कही थी। ट्रम्प प्रशासन ने उन्हें अमेरिका में एक साल तक रहने की इजाजत देने वाला ‘ह्यूमैनिटेरियन पैरोल’ भी दिया। यह एक खास अनुमति होती है, जो मानवीय कारणों या किसी बड़े सार्वजनिक हित के लिए दी जाती है। इसके तहत कोई व्यक्ति कुछ समय तक अमेरिका में रह सकता है लेकिन उसे स्थायी नागरिकता नहीं मिलती। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, फ्लावियो के लिए प्राइवेट जेट की व्यवस्था भी कराई गई थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि फ्लावियो आगे चलकर अमेरिका में स्थायी रूप से रहने के लिए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। उनके छोटे भाई एडुआर्डो को भी जुलाई में ग्रीन कार्ड दिया गया था। वैन से अर्जेंटीना पहुंचे, 40 मिनट बाद प्राइवेट जेट से निकले ट्रम्प ने कहा था- बोल्सोनारो का अमेरिका में स्वागत है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 27 अक्टूबर को कहा था कि बोल्सोनारो अमेरिका आना चाहें तो वे इसकी मंजूरी दे देंगे। ट्रम्प ने उन्हें अच्छा इंसान बताया और ब्राजील के चुनाव को अजीब और बेहद खराब करार दिया। ट्रम्प ने इससे पहले ब्राजील के चुनाव नतीजों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने बिना सबूत चुनाव में धांधली का दावा किया। फ्लावियो ने अपने चुनाव अभियान के दौरान अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत करने का वादा किया था। वहीं, लूला ने ट्रम्प पर ब्राजील के चुनाव में दखल देने का आरोप लगाया है। मियामी पहुंचकर खुद को ब्राजील का ‘वैध राष्ट्रपति’ बताया अमेरिका पहुंचने के बाद फ्लावियो ने खुद को ब्राजील का वैध राष्ट्रपति बताया था। हालांकि, बाद में यह बयान हटा दिया और दोबारा जारी बयान में खुद को ब्राजील का ‘नेता’ कहा। सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक उत्पीड़न के कारण देश छोड़कर आए हैं। उन्होंने ट्रम्प और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति का आभार भी जताया। फ्लावियो ने बिना कोई ठोस सबूत दिए चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने ब्राजील की न्यायपालिका पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें निशाना बनाने का भी आरोप लगाया। चुनाव में 44 लाख वोटों से हारे थे फ्लावियो फ्लावियो 25 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने 44 लाख वोटों से हारे थे। नतीजा काउंटिंग के दूसरे चरण में आया जिसमें फ्लावियो को 48% और लूला को 52% वोट मिले। पहले चरण में किसी को भी 50% वोट नहीं मिले थे। हार के बाद फ्लावियो ने नतीजों को स्वीकार नहीं किया था।
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