बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ीं? ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सत्र कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान

बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ीं? ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सत्र कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान

Brijbhushan sharan singh

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को निचली अदालत से मिली राहत के खिलाफ अब महिला पहलवानों ने कानूनी कदम उठाया है। यौन उत्पीड़न के मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दी गई है। याचिका में निचली अदालत के आदेश को अनुमान और अटकलों पर आधारित बताया गया है।

 

याचिका में उठाए गए मुख्य बिंदु

महिला पहलवानों की ओर से दायर अपील में कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में स्थापित कानूनी सिद्धांतों को सही ढंग से लागू नहीं किया गया। उनका यह भी आरोप है कि फैसले के कुछ हिस्से पीड़िताओं के व्यवहार को लेकर पुरानी और पूर्वाग्रह से ग्रसित धारणाओं पर आधारित हैं। पहलवानों का तर्क है कि अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों का चुनिंदा और गलत आकलन किया है, जिसके चलते यह फैसला कानून की नजर में टिकाऊ नहीं है।

 

शनिवार को हो सकती है सुनवाई

इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए मामलों) दिग विनय सिंह की अदालत में शनिवार, 26 सितंबर को होने की संभावना है। पहलवानों की कानूनी टीम इस अपील पर जल्द सुनवाई की मांग कर रही है।

 

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद वर्ष 2023 में तब सुर्खियों में आया था जब देश की कई नामी महिला पहलवानों ने WFI के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर 2016 से 2022 के बीच अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह इन सभी आरोपों को शुरू से खारिज करते आए हैं।

इसके बाद, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार की अदालत ने 3 अगस्त 2026 को बृजभूषण शरण सिंह और विनोद ताेमर को इस मामले में बरी कर दिया था। अब इस फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दिए जाने के बाद मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है।