अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर शिकंजा, कानपुर में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी मामले में साइबर पुलिस ने तीन लोगों पर शिकंजा कसा। सपा नेता की शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। 

खिलाड़ी से लेकर कोच तक राणा जी का जवाब नहीं, पिता हैं सैनिक

अमूमन देखा जाता है कि कोई खिलाड़ी अगर मैदान पर अव्वल होता है तो कोचिंग में वह कमाल नहीं दिखा पाता। वहीं बेहतरीन कोच शायद एक औसत खिलाड़ी रहा हो। लेकिन जसपाल राणा एक बेहतरीन खिलाड़ी होने के साथ साथ बेहतरीन कोच भी रहे।उनके पिता नारायण सिंह राणा एक पूर्व सैनिक थे और यह कारण था कि उन्होंने निशानेबाजी का खेल तब चुना जब इसको लेकर भारतीय जनमानस अन्विज्ञ था।

28 जून 1976 को उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जन्मे जसपाल राणा भारत के बेहतरीन पिस्टल शूटर्स में से एक बनकर उभरे और शूटिंग में उनका करियर लगभग दो दशक तक शानदार रहा। उन्होंने पहली बार 1994 में मिलान में 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल इवेंट में जूनियर वर्ल्ड टाइटल जीतकर दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाई।

12 वर्ष की उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले राणा भारत के सबसे कामयाब शूटर्स में से एक बने; उन्होंने 1994 से 2006 के बीच चार कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक जीते, जिनमें नौ स्वर्ण पदक शामिल थे। उनकी सफलता एशियन गेम्स में भी जारी रही, जहां उन्होंने 1994 से 2006 के बीच आठ पदक जीते, जिनमें से चार स्वर्ण थे।

एशियन गेम्स में उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 2006 के दोहा गेम्स में रहा, जहां उन्होंने तीन स्वर्ण मेडल जीते और अपने पसंदीदा 25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल स्पर्धा में उस समय के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। राणा को 1994 में अर्जुन अवॉर्ड मिला और उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें 1997 में भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में से एक, पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्हें वर्ष 2020 में खेल जगत के सर्वोच्च कोचिंग सम्मान ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।

प्रतियोगी निशानेबाजी से संन्यास लेने के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग शुरू की और मनु भाकर का करियर संवारने में अहम भूमिका निभाई। 2018 से 2021 के बीच उनके साथ काम करने के बाद, वे पेरिस 2024 ओलंपिक्स से पहले इस स्टार शूटर के साथ फिर से जुड़े। राणा की देखरेख में, भाकर आज़ादी के बाद के दौर में ओलंपिक के एक ही संस्करण में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।

उन्होंने पेरिस में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कांस्य पदक जीते। पिछले साल फरवरी में, राणा को 25 मीटर पिस्टल इवेंट के लिए भारत का हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया गया था और वे अपने आखिरी दिनों तक शूटर्स की अगली पीढ़ी को तैयार करने के लिए समर्पित रहे।

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राणा ने जूनियर राष्ट्रीय टीम कोच और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनर के रूप में भारतीय निशानेबाजी टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कोच के रूप में उनके योगदान में मनु भाकर को प्रशिक्षण देना शामिल है। उनकी देखरेख में मनु भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में दो जीते थे।

रोहित शर्मा ने नेट्स पर पसीना बहाकर साबित की अपनी फिटनेस

अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला में खेले जाने वाले पहले एकदिवसीय मैच से पहले रोहित शर्मा ने नेट्स पर पसीना बहाकर फिटनेस संबंधी समस्याओं को दरकिनार कर दिया है। रोहित शर्मा इंडियन प्रीमियर लीग के कई मैचों से बाहर थे और इस सीरीज में भी उनका चयन फिटनेस साबित करने पर ही होना था।

रोहित ने सबसे पहले तेज़ गेंदबाज़ों का सामना किया। नीतीश कुमार रेड्डी की पहली गेंद ऑफ़ स्टंप के गुड लेंथ से अंदर आई और उनके पैड पर लगी। इसके बाद उन्होंने अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ की बाहर जाती गेंदों को बल्ला उठाकर जाने दिया। इसके बाद प्रिंस यादव की गेंद को वह पहली बार बल्ले से छू पाए, हालांकि यह भी बल्ले पे मिडल नहीं हुआ था और अंदरूनी किनारा लेकर मिडविकेट की ओर गया।

हालांकि इसके बाद वह थोड़ी लय में आते दिखे। कुछ गेंदों पर उन्होंने रक्षात्मक और कुछ गेंदों पर आक्रामक शॉट लगाए। इस दौरान उनके बल्ले से ड्राइव, हुक, पुल, फ़्लिक, कट सहित अन्य सभी शॉट निकले, जिसमें प्रिंस के ऊपर लगाया गया उनका पसंदीदा पुल शॉट सबसे दर्शनीय था। तेज गेंदबाज़ों का सामना करने के बाद रोहित ने स्पिनरों का भी सामना किया, जिसमें भारतीय टीम में शामिल हुए युवा हर्ष दुबे सहित अन्य स्थानीय नेट्स स्पिनर शामिल थे।

रोहित ने लगभग एक घंटे तक बल्लेबाज़ी का अभ्यास किया। उनके साथ श्रेयस और किशन अलग-अलग नेट्स पर बल्लेबाज़ी करते नज़र आए। जहां श्रेयस को रोहित की तरह लय में आने में समय लगा, वहीं किशन ऐसे लगा कि वह अपनी आईपीएल की फ़ॉर्म को जैसे लेकर आए हों। उन्होंने सबसे पहले स्पिनरों का सामना किया और सीधे, आड़े सभी तरीकों से मैदान के चारों तरफ़ शॉट लगाए। आगे निकलकर गेंदबाज़ के ऊपर से लगाया गया सीधा शॉट और पैर तोड़कर लगाए गए स्लॉग स्वीप उनके कुछ दर्शनीय शॉट थे।

जहां एक घंटे के बाद रोहित और श्रेयस वापस लौट गए, वहीं किशन ने अपनी बल्लेबाज़ी आधे घंटे और जारी रखी। स्पिनरों के बाद उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ों का सामना किया और फिर थ्रोडाउन भी लिया। इस दौरान यशस्वी जायसवाल भी बगल के नेट्स में अपने टेस्ट मैचों वाले सफ़ेद और चौड़े पैड के साथ बल्लेबाज़ी करते नज़र आए।

सोमवार को समाप्त हुए टेस्ट के भारतीय एकादश में शामिल वह एकमात्र क्रिकेटर थे, जो इस अभ्यास सत्र में नज़र आए। बाक़ी के खिलाड़ियों में कप्तान शुभमन गिल, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने इस अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। युवा स्पिन ऑलराउंडर हर्ष ने गेंदबाज़ी के साथ-साथ बल्लेबाज़ी का भी अभ्यास किया और स्पिनरों पर कुछ शानदार शॉट्स लगाए।

गेंदबाज़ी में बराड़ ने अपनी लंबाई का फ़ायदा उठाते हुए कुछ बेहतरीन गेंदें की और रोहित को परेशान किया। वहीं प्रिंस यादव ने भी अपने सटीक लाइन और लेंथ से बल्लेबाज़ों को बांधे रखा। बराड़ और प्रिंस में से किसी एक का डेब्यू धर्मशाला वनडे में हो सकता है।

FIFA WC में पहले ही दिन खुला एशिया का खाता, द.कोरिया ने चेकिया को 2-1 से हराया (Video Highlights)

ह्वांग इन-बिओम और ओह हियोन-ग्यू के शानदार गोलों की बदौलत दक्षिण कोरिया ने शुक्रवार को फीफा विश्वकप 2026 ग्रुप ए मुकाबले में चेकिया को 2-1 से हराया।मैच के पहले हाफ में दक्षिण कोरिया और चेकिया संघर्षपूर्ण मुकाबले के बावजूद गोल करने में विफल रहे।

पहले हाफ की तरह ही, दूसरे हाफ के बीच में भी दोनों टीमों को हाइड्रेशन ब्रेक दिया गया। हालांकि गर्मी में यह ब्रेक अच्छा रहेगा, लेकिन दक्षिण कोरिया के लिए शायद यह सही समय पर न हो, क्योंकि वे अपने मोमेंटम का फायदा उठाने के लिए लगातार खेलना चाह रहे होंगे।

दूसरे हाफ का खेल शुरू होते ही चेकिया ने आक्रमण शुरू किया और उसे 59वें मिनट में सफलता मिली। चेकिया के लिए लाडिसलाव क्रेजसी ने पहला गोल दागा। कौफल ने छह-यार्ड बॉक्स के किनारे तक एक लंबा थ्रो फेंका, जहाँ बिना किसी रुकावट के क्रेजसी ने सही समय पर छलांग लगाई और बेबस किम सेउंग-ग्यू को छकाते हुए गोल कर दिया। कप्तान के इस गोल से चेकिया ने 1-0 से बढ़त बना ली।

लेकिन यह बढ़त आठ मिनट तक ही कायम रही और दक्षिण कोरिया के हांग इन बियोम ने 67वें मिनट में गोलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके दो मिनट बाद ही दक्षिण कोरिया के ओह हियोन ग्यू ने 80वें मिनट में गोल कर टीम को 2-1 से बढ़त दिला दी।30 अधिक विश्वकप मैच खेलने वाली टीमों में दक्षिण कोरिया का जीत का रेट सबसे कम है।

उन्होंने अपने 38 मैचों में से सात जीते हैं – यानी 18.4 प्रतशित का रेट। हालांकि, उन्होंने यूरोपीय टीमों के खिलाफ़ अपने पिछले दोनों मैच जीते हैं। 2018 में जर्मनी के खिलाफ़ 2-0 से और 2022 में पुर्तगाल के खिलाफ 2-1 से।

Under 19 टीम में हुआ पूर्व कोच और कप्तान राहुल द्रविड़ बेटे का चयन

भारत के पूर्व कप्तान और प्रमुख कोच राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे, अन्वय द्रविड़ को अगले महीने श्रीलंका के दौरे के लिए इंडिया अंडर-19 की वनडे टीम में शामिल किया गया है। इस पूरे दौरे पर तीन वनडे मैच और दो चार-दिवसीय मैच खेले जाएंगे।अन्वय दाएं हाथ के बल्लेबाज़ और विकेटकीपर हैं।

जिन्होंने नवंबर 2025 में बेंगलुरु के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में वनडे ट्राई-सीरीज़ के हिस्से के रूप में अफ़ग़ानिस्तान अंडर-19 के ख़िलाफ़ इंडिया B अंडर-19 के लिए एक मैच खेला है। उस मैच में वह पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट हो गए थे और विकेट के पीछे दो कैच लपके थे।

अन्वय ने हाल ही में वीनू मांकड़ ट्रॉफ़ी के क्वार्टर फ़ाइनल में कर्नाटक की अंडर-19 टीम की कप्तानी की थी। उन्होंने इस टूर्नामेंट में छह पारियों में 55.00 की औसत से 220 रन बनाए जो उनकी टीम की ओर से दूसरे सबसे ज़्यादा रन थे।

आगामी दौरे के लिए चुनी गई दोनों अंडर-19 टीमों की कप्तानी मध्य प्रदेश के यशवर्धन सिंह चौहान करेंगे, जबकि उत्तराखंड के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी को उप-कप्तान नियुक्त किया गया है। 17 वर्षीय रायचंदानी पहले ही अपना फ़र्स्ट-क्लास डेब्यू कर चुके हैं और उन्होंने 2025-26 रणजी ट्रॉफ़ी सीज़न में पांच पारियों में तीन अर्धशतक बनाए हैं।

दौरे की शुरुआत तीन वनडे मैचों से होगी, जो 4, 6 और 9 जुलाई को हंबनटोटा में स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे से खेले जाएंगे। पहला चार-दिवसीय मैच 13 से 16 जुलाई तक गॉल में और दूसरा 20 से 23 जुलाई तक कोलंबो में खेला जाएगा।

द्रविड़ के बड़े बेटे, समित द्रविड़, जो 20 वर्ष के हैं उन्हें भी 2024 में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के ख़िलाफ़ खेलने के लिए इंडिया अंडर-19 टीम में चुना गया था, लेकिन घुटने की चोट के कारण वह बाहर हो गए थे। समित ने कर्नाटक की टी20 लीग, महाराजा टी20 ट्रॉफ़ी में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अंडर-19 टीम में जगह बनाई थी।

भारत पुरुष Under-19 वनडे टीम:सागर विर्क, लक्ष्य रायचंदानी (उप-कप्तान), यशवर्धन सिंह चौहान (कप्तान), विनीत वी के, अर्जुन राजपूत, कुशाग्र ओझा, रजत बघेल (विकेटकीपर), अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), अनमोलजीत सिंह, वुटकुर यशवीर गौड़, रोहित अनिल यादव, शाविन वी, काव्य पारस पटेल, मोहित उल्वा, ईशान सूद।

भारत पुरुष Under-19 चार दिवसीय टीम:सागर विर्क, लक्ष्य रायचंदानी (उप-कप्तान), यशवर्धन सिंह चौहान (कप्तान), पटेल कुश, मनाल चौहान, कुशाग्र ओझा, मानव कृष्णा (विकेटकीपर), आर्यन संदेश सकपाल (विकेटकीपर), हेमचुडेशन जे, बीके किशोर, रोहित अनिल यादव, काव्य पारस पटेल, प्रियंशु सिंह, प्रणव राघवेंद्र, चिगुरुपति वेंकट।

2 गोल और 3 रेड कार्ड, जबरदस्त हंगामें से शुरु हुआ FIFA WC का आगाज (Video)

FIFA World Cup

मेक्सिको ने एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम में खेले गये फीफा विश्वकप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका पर 2-0 से शानदार जीत दर्ज। मैच का अंत तीन रेड कार्ड और काफी हंगामे के साथ हुआ, जिसमें मेक्सिको ने दूसरे हाफ में कुछ बिखरे हुए खेल के बावजूद अपनी श्रेष्ठता साबित की।हाफ-टाइम तक मेक्सिको 1-0 से आगे था। जूलियन क्विनोन्स ने नौवें मिनट में गोल किया।

उन्होंने याया सिथोले की एक बड़ी गलती का फायदा उठाते हुए रोनवेन विलियम्स के पैरों के बीच से गेंद को गोल में पहुंचा दिया। मेक्सिको ने शुरुआती दौर में दबदबा बनाए रखा और राउल जिमेनेज और क्विनोन्स के जरिए कई मौके बनाए, जबकि दक्षिण अफ्रीका की ओर से हमले के नाम पर केवल फोस्टर का एक कमजोर हेडर देखने को मिला।

दूसरा हाफ भी इसी तरह शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही खेल में अफरातफरी मच गई। सिथोले के लिए रात और खराब हो गई जब उन्हें 49वें मिनट में गोल करने का एक साफ मौका रोकने के कारण रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया, जिससे दक्षिण अफ्रीका के पास केवल दस खिलाड़ी रह गए। हालांकि, मेक्सिको शुरू में इसका पूरा फायदा नहीं उठा सका; लगातार दबाव के बावजूद कुछ समय तक विलियम्स को कोई खास बचाव नहीं करना पड़ा।

आखिरकार 67वें मिनट में दूसरा गोल हुआ। क्विनोन्स, रेयेस और जिमेनेज के बीच बने एक शानदार मूव के बाद, ‘वॉल्व्स’ के स्ट्राइकर ने विलियम्स को छकाते हुए गोल किया। यह उनका पहला विश्व कप गोल था, जिससे मेक्सिको की बढ़त दोगुनी हो गई और मैच का नतीजा लगभग तय हो गया।

लेकिन मैच अनुशासनहीनता देखी गई। 83वें मिनट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों की संख्या घटकर नौ रह गई, जब जवाने को रेड कार्ड दिखाया गया। वीएआर की जांच में पाया गया कि उन्होंने अल्वारो के चेहरे पर हाथ मारा था, जिसे खतरनाक खेल माना गया। मेहमान टीम के लिए स्थिति और खराब हो गई जब 94वें मिनट में मुदाऊ को भी मोंटेस के खिलाफ फाउल करने के कारण बाहर भेज दिया गया, जिससे उनकी टीम का अनुशासन पूरी तरह बिखर गया।

रुकावटों के कारण स्टॉपेज टाइम सात मिनट से भी लंबा खिंच गया और आखिरकार 97वें मिनट में मैच खत्म होने की सीटी बजी। मेक्सिको ने न केवल तीन अंक हासिल किए, बल्कि यह जीत ऐसे मैच में मिली जिसमें दो गोल हुए, तीन रेड कार्ड दिखाए गए और सह-मेजबान टीम के नियंत्रण और दक्षिण अफ्रीका के बिखरते हुए अनुशासन के बीच साफ़ फ़र्क देखने को मिला।

घर संभालने वाली महिलाओं को 30 हजार; पर ‘हाउस हसबैंड्स’ का क्या?

Homemakers

11 जून 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मोटर वाहन दुर्घटना दावा मामलों में एक क्रांतिकारी फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गृहिणियों (Homemakers) को “नेशन बिल्डर्स” (राष्ट्र निर्माता) का दर्जा देते हुए उनके घरेलू योगदान (Loss of Domestic Care) के लिए न्यूनतम 30,000 मासिक की नोशनल इनकम (Notional Income) तय कर दी है। यह सिर्फ एक मुआवजा नहीं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक बदलाव है:
 
10% की बढ़ोतरी: यह तय राशि हर तीन साल में 10% बढ़ेगी।

अतिरिक्त लाभ: अगर कोई महिला कामकाजी (Working Woman) भी है, तो यह राशि उसकी सैलरी के अतिरिक्त जोड़ी जाएगी।

फैसले की इनसाइड स्टोरी: क्यों बदलना पड़ा पुराना नियम?
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की बेंच ने 2001 के एक पुराने मामले पर सुनवाई करते हुए यह ऐतिहासिक सिद्धांत स्थापित किया।

कोर्ट की तीखी टिप्पणी: “यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि गृहिणी को कमाने वाले सदस्यों पर निर्भर माना जाता है, जबकि हकीकत यह है कि पूरा घर उन्हीं के दम पर चलता है। सच तो यह है कि बाहर कमाने वाले सदस्य खुद गृहिणी पर निर्भर होते हैं।”

पहले अदालतों में गृहिणियों के काम को 'अकुशल श्रम' (Unskilled Labour) मानकर महज 3,000 जैसी मामूली रकम पर मुआवजा आंका जाता था। कोर्ट ने साफ किया कि महिलाएं देश की GDP में 15-17% का अनपेड योगदान देती हैं और पुरुषों से कहीं ज्यादा वक्त घर के कामों में बिताती हैं।

क्या है 'Loss of Domestic Care' का नया फॉर्मूला?
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह 30,000 एक 'बेसिक मिनिमम' (Stand-in) है। अब मुआवजे की गणना में 'घरेलू देखभाल का नुकसान' एक अलग हेड होगा, जिसके तहत निम्नलिखित को शामिल किया जाएगा:

घर का सुचारू संचालन और प्रबंधन।
बच्चों की मातृत्व देखभाल (Maternal Care)।
जीवनसाथी (Spouse) को मानसिक और व्यावहारिक समर्थन।

सकारात्मक पहलू: यह फैसला सदियों से अदृश्य रहे महिलाओं के घरेलू श्रम को आर्थिक मूल्य और सम्मान देता है। ग्रामीण और मध्यम वर्ग के परिवारों को दुर्घटना के वक्त इससे बहुत बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

ओपिनियन: 'माई लॉर्ड'… पुरुष गृहस्थों (House Husbands) का ख्याल कौन रखेगा?

फैसले की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कोर्ट ने माना कि 'Homemaker' शब्द सुनते ही अक्सर महिला की छवि दिमाग में आती है, लेकिन पुरुष भी इस भूमिका में हो सकते हैं—चाहे मर्जी से या मजबूरी से। कोर्ट ने पुरुष होममेकर्स के प्रयासों की सराहना तो की, लेकिन पूरा फैसला पारंपरिक ढांचे (यानी महिला होममेकर) पर ही केंद्रित रहा। 

यहाँ एक बड़ा सवाल उठता है: क्या कानून और मुआवजे का यह सिद्धांत 'जेंडर-न्यूट्रल' नहीं होना चाहिए?

बदलते भारत की हकीकत: आधुनिक भारत में 'रोल रिवर्सल' तेजी से बढ़ रहा है। आज कई पुरुष अपनी पत्नी के करियर को उड़ान देने के लिए खुद पूर्णकालिक (Full-time) घर संभालते हैं—बच्चों की परवरिश, खाना बनाना, सफाई और बजट संभालना। हालांकि सोशल मीडिया पर इस फैसले के बाद सवाल उठाए जा रहे हैं कि शीर्ष अदालत का यह फैसला उन पुरुषों पर भी लागू होना चाहिए, जो होममेकर की भूमिका में कामकाजी पत्नी की अनुपस्थिति में पूरा घर संभालते हैं।  

भेदभाव क्यों?: अगर एक पुरुष गृहस्थ की दुर्घटना में मौत होती है, तो उसे सिर्फ 'आश्रित' (Dependent) मानकर कम मुआवजा देना न्यायसंगत नहीं है। जो योगदान एक महिला का है, वही योगदान उस पुरुष का भी है।

रूढ़िवादिता तोड़ना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट ने 2021 और 2024 के फैसलों में भी पत्नी के घरेलू काम को पति के ऑफिस वर्क के बराबर माना था। अब समय आ गया है कि इस समानता को दोनों दिशाओं (महिला और पुरुष) में समान रूप से लागू किया जाए।

चुनौतियां और आगे की राह
चुनौती: इस फैसले को जमीनी स्तर पर लागू करने में एकरूपता (Consistency) लाना सबसे बड़ा काम होगा। इसके लिए मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल्स (MACT) को विशेष ट्रेनिंग और गाइडलाइंस देनी होंगी।

सुझाव: भविष्य में अदालतों को 'हाउस हसबैंड्स' के अधिकारों को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित करना होगा। इसके अलावा, होममेकर्स (चाहे महिला हो या पुरुष) के लिए सिर्फ मौत के बाद मुआवजे तक बात सीमित न रहे, बल्कि उनके लिए सामाजिक सुरक्षा और पेंशन जैसी योजनाएं भी सोची जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट का यह कदम बेहद प्रगतिशील और सराहनीय है। यह राष्ट्र निर्माण में घरेलू श्रम की गरिमा को पहचान देता है। लेकिन सच्ची समानता तभी आएगी, जब 'घर संभालने वाले' के जेंडर को दरकिनार कर, उसके काम को समान आर्थिक और सामाजिक मूल्य दिया जाएगा। उम्मीद है कि 'माई लॉर्ड' अगली बार हाउस हसबैंड्स की इस अदृश्य मेहनत पर भी न्याय की मुहर लगाएंगे। कानून का यह सफर तभी पूर्ण होगा! 

47 दिन चलेगा दक्षिण अफ्रीका में होने वाला ODI विश्वकप, पढ़े पूरा शेड्यूल

दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया की मेज़बानी में होने वाले 2027 वनडे विश्व कप का आयोजन 04 अक्टूबर से 21 नवंबर के बीच खेला जाएगा। ESPNcricinfo के मुताबिक इन तारीख़ों पर सहमति मई में अहमदाबाद में हुई ICC की बोर्ड मीटिंग के दौरान बनी थी और जुलाई में होने वाली वार्षिक बैठक में सूक्ष्म चीज़ों पर चर्चा होगी।

ऐसा माना जा रहा है कि दक्षिण अफ़्रीका के आठ मैदानों पर ही अधिकांश मैच खेले जाने हैं और 54 में से 41 मैच इसी देश में हो सकते हैं। ज़िम्बाब्वे में 8-10 और नामीबिया में तीन मैच खेला जा सकते हैं। शुरुआत में ज़िम्बाब्वे के दो मैदानों की ही बात हो रही थी, लेकिन अब इस साल के अंत तक विक्टोरिया फॉल्स पर बन रहा स्टेडियम भी बनकर तैयार हो जाएगा तो तीनों मैदानों का इस्तेमाल होगा। नए स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के लिए दक्षिण अफ़्रीका की टीम ज़िम्बाब्वे का दौरा करने वाली थी, लेकिन फिलहाल उस पर अधिक अपडेट नहीं है।

2003 के बाद यह दक्षिण अफ़्रीका में होने वाला पहला वनडे विश्व कप होगा। हालांकि, इस बीच में 2007 पुरुष T20 विश्व, 2009 चैंपियंस ट्रॉफ़ी और 2023 महिला T20 विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ़्रीका में हो चुका है। हाल ही में ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ़्रीका ने मिलकर पुरुष अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी की थी। पिछले दो संस्करणों में 10 टीमों के साथ खेले गए टूर्नामेंट की 14 टीमों के साथ वापसी होगी। टीमों को सात-सात के दो ग्रुप में बांटा जाएगा और फिर दोनों ग्रुप से टॉप-3 टीमें सुपर सिक्स में जगह बनाएंगी। दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे पहले ही अपनी जगह बना चुकी हैं, लेकिन नामीबिया क्वालिफ़िकेशन प्रक्रिया का हिस्सा होगी।

यह विश्व कप 2027-2031 के फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट होगा। यह नियम दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय समझौतों को नियंत्रित करता है और इस वर्ष के अंत में हांगकांग में ICC की बैठकों में इसे अंतिम रूप दिया जाना है। ऐसा माना जाता है कि कुछ प्रारंभिक चर्चाएं हो चुकी हैं, लेकिन FTP के निर्माण में मुख्य अड़चन विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप की संरचना और इसके संभावित विस्तार को लेकर है।

ICC इस बात पर अंतिम निर्णय लेने वाली है कि क्या सभी 12 फुल मेंबर्स को (वर्तमान में ज़िम्बाब्वे, आयरलैंड और अफ़ग़ानिस्तान WTC में शामिल नहीं हैं) शामिल किया जाए और क्या WTC के तहत एक टेस्ट मैच भी खेले जा सकते हैं। ESPNcricinfo को मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई में होने वाली वार्षिक आम बैठक में इस पर निर्णय लिया जा सकता है, जिसके बाद पूर्ण FTP को अंतिम रूप दिया जाएगा।

जाको राखे साइयां…चलती ट्रेन से ट्रैक पर गिरा युवक; 13 डिब्बे गुजर गए, बाल-बाल बचा

ललितपुर रेलवे स्टेशन पर झेलम एक्सप्रेस से गिरा यात्री दातार सिंह यादव ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया। उसके ऊपर से 13 डिब्बे गुजर गए, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से बच गया। जीआरपी ने उसे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

49 साल की उम्र में हुआ पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा का निधन, एक हफ्ते पहले डला था स्टेंट

ओलंपियन और भारत के पूर्व निशानेबाज जसपाल राणा का गुरुवार को यहां के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। भारतीय राष्ट्रीय रायफल संघ (NRAI) ने जसपाल राणा के निधन की पुष्टि करते हुए दुख व्यक्त किया है। भारत के सबसे कामयाब निशानेबाजों में से एक, राणा को हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में मई के आखिर में हुए आईएसएसएफ विश्व कप के दौरान सीने में तकलीफ हुई थी, जिसके बाद उनकी स्टेंट प्रक्रिया हुई थी। भारत लौटने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के बावजूद उनका निधन हो गया।

अस्पताल में भर्ती होने के बाद जसपाल राणा के भाई सुभाष राणा ने मीडिया को बताया था, “शुरुआत में उन्हें लगा कि यह तकलीफ एसिडिटी की वजह से है और उन्होंने अपनी यात्रा जारी रखी। हालांकि, भारत लौटते समय उन्हें फिर से तकलीफ हुई, जिसके बाद दिल्ली पहुंचने पर उन्हें तुरंत मेडिकल मदद लेनी पड़ी।”

म्युनिख से लौटते समय उड़ान में बीमार पड़ने के बाद राणा को डला स्टेंट

मशहूर निशानेबाजी कोच जसपाल राणा जर्मनी के म्युनिख में हुए आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल के साथ लौटते हुए उड़ान में बीमार हो गए थे जिसके बाद उन्हें चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था।भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में दो स्वर्ण और दो रजत पदक जीते थे।भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के एक सूत्र ने बताया था ,‘‘ जसपाल को विमान में अच्छा महसूस नहीं हो रहा था और दिल्ली पहुंचने के बाद वह सीधे अस्पताल गए जहां टेस्ट के बाद उन्हें एक स्टेंट डाला गया।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने जसपाल राणा के निधन पर दुख व्यक्त किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि यह भारतीय खेल जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

राणा का बृहस्पतिवार की रात को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था। वह 49 वर्ष के थे।मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘जसपाल राणा जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनका निधन भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि राणा ने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश को अपार गौरव बढ़ाया तथा एक कोच के रूप में युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।उन्होंने कहा, ‘‘उत्कृष्टता, अनुशासन और खेल जगत के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें अपार सराहना दिलाई। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और संपूर्ण खेल जगत के साथ हैं। ओम शांति।’’