
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में गुरुवार को तनाव और बढ़ गया। यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर ड्रोन से हमले और भारी हथियारों से गोलीबारी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। समिति ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल सैन्य अभियान रोकने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।
JAAC के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थलों के आसपास कई दिशाओं से ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। उन्होंने लोगों से रावलकोट पहुंचने और विदेशों में रहने वाले कश्मीरियों से इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
समिति की ओर से जारी अपील में कहा गया कि गुरुवार सुबह से भारी हथियारों से गोलीबारी शुरू हो गई थी और इलाके में अभियान चलाया जा रहा है। JAAC ने पाकिस्तानी प्रशासन से इसे तत्काल रोकने की मांग करते हुए कहा कि आम नागरिकों की और जान जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
रावलकोट को युद्ध का मैदान न बनाएं, बातचीत से निकालें रास्ता
JAAC नेता सरदार ज़हीम सदोजई ने पाकिस्तान सरकार से बल प्रयोग के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि रावलकोट को युद्ध का मैदान न बनाएं। बल प्रयोग के बजाय बातचीत का रास्ता चुनें।
समिति ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों, पाकिस्तानी पत्रकारों, मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय से भी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। JAAC ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया और पाकिस्तानी पत्रकार तुरंत रावलकोट पहुंचें और वहां के हालात को दुनिया के सामने लाएं।
इसके साथ ही समिति ने घायल प्रदर्शनकारियों के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उसका आरोप है कि इलाके में कई घंटों से हमले जारी हैं। हालांकि, घायलों की वास्तविक संख्या और नुकसान की स्थिति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रावलकोट में 3 लोगों की मौत, दर्जनों घायल होने का दावा
द एजादी टाइम्स की गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि रावलकोट में झड़पों के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हताहतों की संख्या और हिंसा की परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के ऊपर ड्रोन गतिविधियों से जुड़े दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन घटनाओं को लेकर सामने आ रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
कई महीनों से जारी है रावलकोट में तनाव
रावलकोट में पिछले कई महीनों से जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस आंदोलन में राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक अधिकारों और प्रशासन की ओर से किए गए वादों को लागू करने जैसी मांगें उठाई जा रही हैं।
समिति ने पाकिस्तानी प्रशासन पर अपने आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। वहीं, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अधिकारी पहले समिति और उसके समर्थकों पर हिंसा तथा सुरक्षा बलों पर हमले करने के आरोप लगा चुके हैं। जुलाई में भी JAAC के समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं। खबरों के मुताबिक इन झड़पों में 9 लोगों की मौत हुई थी।


