
आंध्र प्रदेश सेंट्रल पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एपीसीपीडीसीएल) के अधिकार क्षेत्र वाले कई इलाकों, विशेष रूप से प्रकाशम और बापटला जिलों में चक्रवात ‘मुरासू’ के कारण बिजली वितरण बुनियादी ढांचे को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है।
एपीसीपीडीसीएल के सीएमडी पी पुल्ला रेड्डी ने मंगलवार को यहां मीडिया को बताया कि चक्रवात ‘मुरासू’ के प्रभाव से 211 ’33/11′ केवी सबस्टेशन, 106 ’33 केवी’ फीडर, 270 ’33 केवी’ बिजली के खंभे, 825 ’11 केवी’ फीडर, 1,530 ’11 केवी’ बिजली के खंभे और 950 ‘एलटी’ बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गये हैं।
श्री पुल्ला रेड्डी ने जानकारी दी कि चक्रवात के कारण कुल 1,367 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। अब तक 597 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि बाकी बचे 770 गांवों में बहाली का काम जारी है। बापटला और प्रकाशम जिलों के अलावा मंगलवार दोपहर से हो रही तेज हवाओं और बारिश ने सीआरडीए क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चिलकलुरीपेट इलाके को भी प्रभावित किया है।
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श्री पुल्ला रेड्डी ने बताया कि इस इलाके में 33/11 केवी नेटवर्क के 32 सबस्टेशनों में समस्या आने की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि इनमें से 13 सबस्टेशनों को ठीक कर चालू कर दिया गया है, जबकि लगातार हो रही बारिश के कारण बाकी 19 सबस्टेशनों में काम रुका हुआ है। बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए एपीसीपीडीसीएल के तहत प्रकाशम और बापटला जिलों में बिजली विभाग के लगभग 1,500 कर्मचारी तैनात हैं। ये टीमें क्षतिग्रस्त खंभों, बिजली की लाइनों और अन्य वितरण उपकरणों की मरम्मत में लगातार जुटी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द बिजली बहाल करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जा रहा है।
एपीसीपीडीसीएल के सीएमडी ने निदेशक (तकनीकी) मुरलीकृष्ण यादव के साथ मिलकर संबंधित अधिकारियों के साथ चक्रवात प्रभावित प्रकाशम और बापटला जिलों में बिजली बहाली कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
सीएमडी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाकी बचे सभी गांवों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जाये। उन्होंने बिना किसी देरी के काम में तेजी लाने के लिए आवश्यक जनशक्ति और सामग्री के उचित समन्वय व तैनाती पर जोर दिया। उन्होंने आम जनता से अपील की कि बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं और बिजली कटौती की शिकायत तुरंत टोल-फ्री नंबर 1912 पर दर्ज करायें।
Pic Credit : UNI

