
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक कारणों से फसलों में नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए शीघ्र ही बड़ा पैकेज लाने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के तीन करोड़ किसान परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार जल्द ही विशेष पैकेज लेकर आएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों और श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश की प्रमुख मंडियों और श्रमिक अड्डों पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मंडी में अपनी उपज लेकर आने वाले किसान को अब गुड़-पानी के सहारे नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वह टोकन मनी देकर सम्मान के साथ दो रोटी और भरपेट भोजन कर सकेगा। इसी तरह निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए बनाए जा रहे श्रमिक अड्डों पर भी अन्नपूर्णा भोजनालय के माध्यम से सस्ते भोजन की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर व्यक्ति को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ जीवन जीने का अवसर मिले। हर नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि वह विकास और खुशहाली की व्यवस्था का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी वितरित करने के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 1,500 करोड़ रुपये की धनराशि से प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को दीपावली का उपहार प्रदान किया।
किसानों के लिए अलग पैकेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अल नीनो और असमय आने वाले चक्रवातों के कारण किसानों को अतिवृष्टि, अनावृष्टि और ओलावृष्टि जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 15 दिनों में दो बार भारी बारिश, आंधी और तूफान से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। सरकार प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा दे रही है और उनके लिए अलग से राहत पैकेज भी लेकर आएगी। इस पैकेज से प्रदेश के तीन करोड़ किसान परिवार लाभान्वित होंगे।
महिलाओं के लिए जल्द आएगा विशेष पैकेज
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की माताओं और बहनों को आश्वस्त किया कि सरकार सुरक्षा और नारी गरिमा की रक्षा के साथ उनके सम्मान एवं आर्थिक स्वावलंबन के लिए भी पूरी तत्परता से काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार जल्द ही एक विशेष पैकेज लेकर आएगी। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे मानसिक रूप से तैयार रहें और तय करें कि उन्हें कौन-सा काम शुरू करना है। सरकार उनके साथ खड़ी होगी। उन्होंने कहा कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार का संबल बने, बच्चों को अच्छी शिक्षा दे और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने, यही सरकार का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी और बीसी सखी योजनाओं की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज महिलाएं उद्योगों में नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं। प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दे रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और पीआरडी जवानों का मानदेय बढ़ाया गया है। अन्य वर्गों के मानदेय में वृद्धि की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
सिलेंडर के लिए अब लाभार्थियों को नहीं करना होगा भुगतान
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में एक घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 983 रुपए 45 पैसे है। इसमें केंद्र सरकार 335 रुपए 40 पैसे की सब्सिडी देती है और लाभार्थी को 648 रुपए 55 पैसे अपनी जेब से देने पड़ते हैं। दीपावली के अवसर पर राज्य सरकार ने लाभार्थियों की ओर से यह राशि सीधे संबंधित गैस कंपनियों को उपलब्ध करा दी है। अब पात्र परिवार अपनी गैस एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे और उन्हें इसके लिए अपनी ओर से कोई भुगतान नहीं करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे परिवारों की लगभग 650 रुपए की बचत होगी। इस बचत से गरीब परिवार दीपावली के लिए मिठाई और दीपक खरीद सकेंगे। इससे उनके घरों में त्योहार की खुशियां और रोशन होंगी।
2014 से पहले गैस कनेक्शन के लिए लगानी पड़ती थी दौड़
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 से पहले रसोई गैस का कनेक्शन प्राप्त करना भी बड़ी चुनौती था। लोगों को अनेक परेशानियों से गुजरना पड़ता था और एक कनेक्शन के लिए 25 हजार, 30 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक ब्लैक में देने पड़ते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश की धरती बलिया से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने गरीब माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने और गैस कनेक्शन के नाम पर होने वाली घूसखोरी बंद करने का संकल्प लिया। गरीब परिवारों को निशुल्क कनेक्शन उपलब्ध कराए गए और गैस सब्सिडी सीधे खातों में पहुंचाई जाने लगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सुशासन है, जब शासन की योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। पहले जो पैसा घूसखोरी और अनावश्यक खर्चों में चला जाता था, वही अब गरीब परिवारों की बचत बन रहा है। उन्होंने वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में 46 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठकर सामान्य और खुशहाल जीवन जीने की स्थिति में पहुंचे हैं।
2017 से पहले दंगे और कर्फ्यू, आज बाजारों में रौनक
मुख्यमंत्री ने सपा-कांग्रेस के शासनकाल और वर्तमान व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में भ्रष्टाचार और घोटालों का बोलबाला था। कभी कॉमनवेल्थ घोटाला, कभी 2जी और कभी कोयला घोटाला सामने आता था। प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार और घोटालों पर प्रभावी रोक लगाई तथा जनता का विश्वास मजबूत किया। इसी विश्वास का परिणाम था कि 2017 में उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की सरकार बनी।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में त्योहारों के समय भी उत्सव का माहौल नहीं होता था। पर्व आने से पहले ही उपद्रव, दंगे, कर्फ्यू और अराजकता शुरू हो जाती थी। न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी। बाजार वीरान रहते थे और लोग डर के कारण घरों में दुबके रहते थे। आज दीपावली पर बाजारों की रौनक और चहल-पहल प्रदेश में आए बदलाव का प्रमाण है। अब कोई राह चलती बेटी या बहन से छेड़छाड़ करने, व्यापारी से जबरन वसूली करने अथवा दंगा करने का साहस नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का वातावरण बना है, इसलिए समाज में उत्सव और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हुआ है।
गरीब, नौजवान और श्रमिकों के लिए योजनाओं की श्रृंखला
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि पर्व और त्योहारों की खुशहाली समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। गरीबों को रसोई गैस, बिजली, सड़क, पेयजल, उपचार और आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। नौजवानों के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। श्रमिकों के बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में श्रमिकों के बच्चों को उनकी योग्यता के अनुरूप शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। श्रमिकों के लिए श्रमिक अड्डे विकसित किए जा रहे हैं, जहां भोजन की सुविधा भी होगी।
आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश से विकसित भारत का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी आत्मनिर्भर होगी तो उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा। आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। दीपावली पर उज्ज्वला लाभार्थियों को सिलेंडर रिफिल सब्सिडी देना इसी दिशा में एक शुरुआत है। आने वाले समय में जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की एक और श्रृंखला शुरू की जाएगी, जिससे समाज के हर वर्ग को खुशहाली और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, खाद्य और रसद विभाग के मंत्री मनोज कुमार पांडे, विभाग के राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य लाल जी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायकगण योगेश शुक्ला, अमरेश कुमार, जय देवी और ओपी श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला लाभार्थियों को सौंपे सब्सिडी के प्रतीकात्मक चेक
दीपावली के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1 करोड़ 89 लाख लाभार्थी परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी उपलब्ध कराने के महाअभियान का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभारंभ किया। इस अभियान पर प्रदेश सरकार करीब 1,500 करोड़ रुपये व्यय करेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लाभार्थियों को सब्सिडी की धनराशि के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। इनमें लाभार्थी शांति, स्वाति शर्मा, तबस्सुम जैदी, आशा गुप्ता, किरण, सबा, बबली रावत, कुशमा, मानसी और राबिया बानो शामिल रहीं।


