DA Hike Projection: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर है। हाल ही में 28 अक्टूबर 2026 को सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की बढ़ोतरी कर इसे 60% से बढ़ाकर 63% 1 जुलाई 2026 से प्रभावी कर दिया है।
अब कयास लगाए जा रहे हैं कि 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाली अगली किस्त में DA 63% से बढ़कर 67% हो सकता है। मुंबई में आयोजित 8वें वेतन आयोग के पैनल की हालिया बैठक, मौजूदा इन्फ्लेशन ट्रेंड और 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के आधार पर यह 7th CPC के तहत आखिरी डीए बढ़ोतरी साबित हो सकती है, जिसके बाद नया पे-स्ट्रक्चर लागू होगा।
जनवरी 2027 में कैसे 67% पहुंचेगा DA? समझें पूरा गणित
महंगाई भत्ते का आकलन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के 12 महीने के औसत आंकड़ों पर निर्भर करता है। जुलाई 2025 से जून 2026 के आंकड़ों से 63% डीए तय हुआ था, वहीं जनवरी 2027 की किस्त जनवरी से दिसंबर 2026 के इंडेक्स पर तय होगी।
AICPI-IW (2016=100) के आंकड़े और अनुमान
- जनवरी: 148.6
- फरवरी: 148.5
- मार्च: 149.1
- अप्रैल: 149.9
- मई: 150.8
- जून: 151.9
- जुलाई: 153.2
- अगस्त: 154.4
- सितंबर: 155.5
- अक्टूबर (अनुमानित): 155.5
- नवंबर (अनुमानित): 155.5
- दिसंबर (अनुमानित): 155.5
- 12 महीने का औसत: 152.36
(नोट: सितंबर 2026 का आंकड़ा 30 अक्टूबर को जारी हुआ था, अक्टूबर-दिसंबर का मान अनुमानित है।)
7वें वेतन आयोग का DA गणना फॉर्मूले के अनुसार 4.85% की बढ़ोतरी दिख रही है। सरकार दशमलव अंकों को राउंड-ऑफ करके लागू करती है, जिससे अनुमानित तौर पर 4% का इजाफा होगा और कुल डीए 67% पर पहुंच जाएगा।
क्या 7वें वेतन आयोग के तहत यह आखिरी DA Hike होगी?
इसकी पूरी संभावना है कि यह 7th CPC के तहत अंतिम डीए रिवीजन हो। दरअसल 8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में 18 महीने की समयसीमा के साथ किया गया था। आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आने की उम्मीद है।
जब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आधिकारिक रूप से लागू होंगी, तब तक जमा हुआ सारा डीए (67%) कर्मचारियों की बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाएगा और नए पे-स्ट्रक्चर के साथ DA की गिनती फिर से शून्य से शुरू हो सकती है।
कर्मचारी यूनियनों की प्रमुख मांगें
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने बिना राउंड-ऑफ किए पॉइंट-टू-पॉइंट डीए देने और डीए/डीआर के 25% पार करते ही बेसिक पे में मर्ज करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही भारत पेंशनर्स समाज ने 3 महीने के औसत के आधार पर हर तिमाही डीए/डीआर रिवीजन की मांग की है।

