दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण की समस्या भी शुरू हो गई है। वहीं राजधानी में पिछले कुछ दिनों से AQI 200 के पार पहुंच गया था। वहीं 30 अक्टूबर शुक्रवार को बारिश की वजह से दिल्ली की हवा में थोड़ा सुधार हुआ और AQI मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया। इससे पहले 28 और 29 अक्टूबर को AQI 200 के पार पहुंच गया था, जिससे हवा खराब श्रेणी में आ गई थी। वहीं 31 अक्टूबर तक हवा की स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन 1 नवंबर से प्रदूषण फिर बढ़ सकता है। इसके बाद अगले छह दिनों तक हवा की गुणवत्ता और खराब होने की आशंका है।
केंद्र सरकार ने उठाए सख्त कदम
इसी बीच दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। 5 से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के साथ सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों को ही बुलाने का निर्देश दिया गया है। वहीं, बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा, ताकि बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाया जा सके। सरकार ने पाबंदियां लगाने की वजह बताते हुए कहा कि, पिछले कई सालों के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर के मध्य में दिल्ली-NCR में प्रदूषण सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। इस दौरान कई बार हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है और AQI गंभीर से भी ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। ऐसे में लोगों को प्रदूषण से बचाने और हवा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए पहले से ही जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने दिया ये आदेश
आदेश में कहा गया कि हर साल नवंबर के दौरान प्रदूषण बढ़ने का यह सिलसिला दिखाता है कि हवा की गुणवत्ता ज्यादा खराब होने से पहले और उस दौरान प्रदूषण फैलाने वाले कारणों को कम करने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाना बेहद जरूरी है। सरकार ने कुछ जरूरी कामों को इस रोक से बाहर रखा है। इनमें रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय बस अड्डों, अस्पतालों, पानी की सप्लाई और सफाई से जुड़े निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा से जुड़े कामों और देश के लिए अहम मानी जाने वाली परियोजनाओं को भी जारी रखने की अनुमति दी गई है।
निर्माण कार्यों पर लगी रोक
सरकार ने कुछ जरूरी निर्माण कार्यों को इस रोक से छूट दी है। इनमें रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय बस अड्डे, अस्पताल, पानी की सप्लाई और सफाई से जुड़े काम शामिल हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और देश के लिए जरूरी परियोजनाओं का काम भी जारी रहेगा। हालांकि, हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली की लाइनें, पाइपलाइन और दूरसंचार से जुड़े निर्माण कार्यों पर रोक लागू रहेगी। वहीं, वर्क फ्रॉम होम के नियम दिल्ली के साथ-साथ आसपास के पांच जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में भी लागू होंगे। इन इलाकों के सरकारी और निजी दफ्तरों को 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम करना होगा, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे।
वहीं जरूरी सेवाओं और ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों को इस नियम से छूट दी गई है, जहां कर्मचारियों का घर से काम करना संभव नहीं है। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को दिल्ली-NCR में प्रदूषण फैलाने वाले नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

