
Death anniversary of former Prime Minister Indira Gandhi : भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि हर साल 31 अक्टूबर को मनाई जाती है। इसी दिन वर्ष 1984 में उनके सरकारी आवास परिसर में उनकी हत्या कर दी गई थी। भारतीय राजनीति के इतिहास में यह तारीख एक महत्वपूर्ण और दुखद घटना के रूप में दर्ज है। वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने 1966 से 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री के रूप में काम किया। इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि केवल एक पूर्व प्रधानमंत्री को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह भारतीय इतिहास की उन घटनाओं पर विचार करने का अवसर भी है, जिन्होंने देश की राजनीति और सामाजिक परिस्थितियों को प्रभावित किया।
इंदिरा गांधी की मृत्यु कब और कैसे हुई थी?
31 अक्टूबर 1984 की सुबह इंदिरा गांधी अपने सरकारी आवास 1 सफदरजंग रोड, नई दिल्ली से पास के कार्यालय 1 अकबर रोड की ओर जा रही थीं। सुबह करीब 9:10 बजे जब वह आवास परिसर के रास्ते से गुजर रही थीं, तभी उनके दो सुरक्षा कर्मियों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने उन पर गोलियां चला दीं।
हमले में इंदिरा गांधी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। हालांकि कई घंटे के उपचार के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इंदिरा गांधी की हत्या की वजह क्या थी?
इंदिरा गांधी की हत्या के पीछे जून 1984 में चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार को प्रमुख कारण माना जाता है। इस सैन्य अभियान के दौरान भारतीय सेना अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में दाखिल हुई थी। अभियान का उद्देश्य वहां मौजूद सशस्त्र चरमपंथियों को बाहर निकालना था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले में भी दर्ज है कि इंदिरा गांधी के दोनों सुरक्षाकर्मी इस सैन्य कार्रवाई से नाराज थे और उन्हें इसके लिए जिम्मेदार मानते थे। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने उनकी हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। यह स्पष्ट रखना जरूरी है कि हत्या 2 व्यक्तियों ने की थी। इस अपराध के लिए पूरे सिख समुदाय को जिम्मेदार ठहराना गलत है।
इंदिरा गांधी कब बनीं देश की पहली महिला प्रधानमंत्री?
लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद 24 जनवरी 1966 को इंदिरा गांधी ने भारत की प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने 1966 से 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री के रूप में काम किया।
वर्ष 1977 के चुनाव में उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 1980 में वह दोबारा सत्ता में लौटीं। उनका दूसरा कार्यकाल 14 जनवरी 1980 से 31 अक्टूबर 1984 तक रहा। इस तरह उन्होंने दो अलग-अलग अवधियों में देश का नेतृत्व किया।
इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि केवल एक पूर्व प्रधानमंत्री को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह भारतीय इतिहास की उन घटनाओं पर विचार करने का अवसर भी है, जिन्होंने देश की राजनीति और सामाजिक परिस्थितियों को प्रभावित किया। इस दिन उनके राजनीतिक फैसलों, उपलब्धियों और विवादों का मूल्यांकन किया जाता है।
हत्या के बाद देश में क्या हुआ था?
इंदिरा गांधी की हत्या की खबर से पूरे देश में शोक और तनाव का माहौल बन गया। इंदिरा गांधी का अंतिम संस्कार 3 नवंबर 1984 को नई दिल्ली में किया गया था। उनका समाधि स्थल शक्ति स्थल के नाम से जाना जाता है। यह राजघाट के निकट स्थित है। बाद में उनके बेटे राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वह 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।


