
वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। जियो प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती कमाई और ऑयल-केमिकल कारोबार के रिकॉर्ड प्रदर्शन ने कंपनी के नतीजों को मजबूती दी। रिलायंस का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.8 फीसदी बढ़कर ₹29,550 करोड़ पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है।
कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू भी 27.8 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ₹3,62,268 करोड़ हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में रिलायंस का कुल शुद्ध मुनाफा पहली बार ₹50 हजार करोड़ के पार पहुंचा है।
रिलायंस के इस प्रदर्शन में उसके ऑयल-केमिकल (O2C) कारोबार की बड़ी भूमिका रही। इस कारोबार का EBITDA पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 67.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ₹25,203 करोड़ पहुंच गया। O2C कारोबार का रेवेन्यू भी 44.2 फीसदी बढ़कर ₹2,31,601 करोड़ हो गया। परिवहन ईंधन के रिफाइनिंग मार्जिन में तेज बढ़ोतरी और पॉलिएस्टर कारोबार के मार्जिन का तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना इस प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में रहा।
इस दौरान रिलायंस ने कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का भी सामना किया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान के बावजूद कंपनी ने लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका और भूमध्यसागरीय क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की और रिकॉर्ड मात्रा में क्रूड प्रोसेसिंग की। इससे घरेलू ईंधन की मांग पूरी करने में मदद मिली।
रिलायंस के अन्य कारोबारों ने भी कंपनी के प्रदर्शन में योगदान दिया। जियो प्लेटफॉर्म्स के रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी हुई, जबकि रिलायंस रिटेल ने तिमाही के दौरान 303 नए स्टोर खोले और डिजिटल कॉमर्स को आगे बढ़ाया। जियोस्टार के रेवेन्यू में भी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, ऑयल एंड गैस कारोबार का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा, हालांकि CBM उत्पादन बढ़ा। इन सबके बीच रिलायंस का कंसोलिडेटेड EBITDA 23.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ₹62,409 करोड़ पहुंच गया। दूसरी तरफ कंपनी का न्यू एनर्जी परियोजनाओं में निवेश जारी है।


