Gold Rate Today in India: सोने-चांदी के भाव में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। पहले गोल्ड की बात करें तो 24 अक्टूबर को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹100 और 22 कैरट वाला भी ₹100 ऊपर चढ़ा था लेकिन अगले ही दिन आज ये स्थिर हैं। वहीं इससे पहले एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹3600 और 22 कैरट वाला ₹3300 सस्ता हुआ था। अब चांदी की बात करें तो इंडस्ट्रियल डिमांड की सुस्ती के बीच दो दिनों में एक किलो चांदी के भाव ₹10000 गिरने के बाद लगातार दो दिनों में इसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सिटीवाइज गोल्ड के भाव
देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…
| शहर | 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव | 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव | 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव |
| दिल्ली | ₹1,42,730 | ₹1,30,850 | ₹1,07,090 |
| मुंबई | ₹1,42,580 | ₹1,30,700 | ₹1,06,940 |
| कोलकाता | ₹1,42,580 | ₹1,30,700 | ₹1,06,940 |
| चेन्नई | ₹1,42,580 | ₹1,30,700 | ₹1,06,950 |
| बेंगलुरू | ₹1,42,580 | ₹1,30,700 | ₹1,06,940 |
| हैदराबाद | ₹1,42,580 | ₹1,30,700 | ₹1,06,940 |
| लखनऊ | ₹1,42,730 | ₹1,30,850 | ₹1,07,090 |
| पटना | ₹1,42,630 | ₹1,30,750 | ₹1,06,990 |
| जयपुर | ₹1,42,730 | ₹1,30,850 | ₹1,07,090 |
| अहमदाबाद | ₹1,42,630 | ₹1,30,750 | ₹1,06,990 |
लगातार दूसरे दिन स्थिर चांदी
चांदी आज लगातार दूसरे दिन स्थिर है। इससे पहले लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद दो दिनों में यह ₹10000 नीचे आई थी और छह दिनों की स्थिरता से पहले 15 अक्टूबर को यह ₹5000 नीचे आई थी यानी कि 11 दिनों में एक किलो चांदी ₹15000 सस्ती हुई है। अब आज की बात करें तो आज दिल्ली में एक किलो चांदी बिना किसी बदलाव के ₹2,20,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों में मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है।
सोना-चांदी पर दबाव क्यों, आगे किस बात पर रहेगी नजर
लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के मुताबिक कच्चे तेल के उबाल ने सोने-चांदी पर दबाव बनाया है। ब्रेंट क्रूड के प्रति बैरल $112 के पार जाने से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। ऊंची ब्याज दरें सोने और चांदी पर दबाव डाल सकती हैं, क्योंकि इनसे कोई ब्याज नहीं मिलता है तो ब्याज देने वाले अन्य एसेट्स की तुलना में सोने-चांदी का क्रेज कम हो सकता है।
गौरव के मुताबिक निवेशकों की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर है, जिसमें ब्याज दरों के भविष्य को लेकर संकेत मिल सकता है। उनका कहना है कि कच्चे तेल में उबाल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रा पर हमले के चलते वैश्विक सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं पर आया है।
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