मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड पर ईडी की छापेमारी, दिल्ली, मुंबई और करजत में पड़ी रेड

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। 23 अक्तूबर को ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ मुंबई और दिल्ली में रेड की है। इस दौरान करोड़ों रुपये की विदेशी और भारतीय करेंसी बरामद की गई है। कंपनी के दफ्तर और निदेशकों के घरों पर तलाशी अभियान जारी है। शुक्रवार को ED ने मुंबई और दिल्ली में कंपनी के करीब आधा दर्जन ठिकानों पर एक साथ रेड की है।

कई ठिकानों पर एक साथ हुई रेड

जानकारी के मुताबिक ED की टीमें 23 अक्टूबर की सुबह से दिल्ली, मुंबई और महाराष्ट्र के करजत में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कंपनी के ऑफिस, उसके एक डॉयरेक्टर के घर और करजत स्थित एक फार्महाउस की तलाशी ली जा रही है। ED ने इस कार्रवाई के लिए करीब छह ठिकानों को जांच के दायरे में लिया है। तलाशी अभियान देर शाम तक जारी रहने और जरूरत पड़ने पर अगले दिन तक चलने की संभावना है।

जांच के घेरे में जुड़ी ये कंपनियां

ED के मुताबिक, इस मामले में मुंबई के कारोबारी और सलाहकार हरीश देढिया की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों, जिनमें हरीश देढिया और उनकी पत्नी धारा देढिया शामिल हैं। वहीं दुबई और सिंगापुर में मौजूद कुछ संदिग्ध कंपनियों से विदेशी मुद्रा के रूप में बड़ी रकम मिली थी। जांच के दौरान ऐसे सबूत मिलने का दावा किया गया है, जिनसे पता चलता है कि हरीश देढिया ने अपने कर्मचारियों और दूसरे लोगों को नाम के लिए निदेशक बनाकर कई कंपनियां बनाई थीं। अब ईडी इन कंपनियों के कामकाज और उनमें हुए पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।

शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों के लेनदेन का आरोप

जांच एजेंसी को शक है कि इन कंपनियों के बनने के एक साल के भीतर ही इनके बैंक खातों में सैकड़ों करोड़ रुपये जमा हुए। इसके बाद इस रकम को कई दूसरी कंपनियों के खातों में अलग-अलग चरणों में भेजा गया। ED को शक है कि इस पूरे मामले में कई ऐसी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, जो केवल पैसों के लेनदेन के लिए बनाई गई थीं।

फॉरेन करेंसी, कैश और कीमती सामान मिलने की जानकारी

ED के इस रेड के दौरान फॉरेन करेंसी, कैश और कई करोड़ रुपये की कीमती सामान मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, बरामद की गई फॉरेन करेंसी, कैश और कीमती सामान की कुल कीमत को लेकर अभी जानकारी सामने आना बाकी है। इसके अलावा, वित्तीय लेनदेन से जुड़े पूरे मामले में ईडी की जांच जारी है।