
INDvsZIM भारतीय महिला टीम ने श्री चरणी (23 रन देकर चार विकेट) के करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बाद प्रतिका रावल (नाबाद 100) के तीसरे वनडे शतक और शेफाली वर्मा (नाबाद 64) के अर्धशतक से शुक्रवार को पहले महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जिम्बाब्वे पर 22.5 ओवर रहते नौ विकेट की आसान जीत दर्ज की।
पारी का आगाज करने के लिए भेजी गई प्रतिका ने 96 गेंद की पारी के दौरान 15 चौके लगाए और शेफाली ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 32 गेंद की पारी में चार चौके और चार छक्के जड़े। इन दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 106 रन की अटूट साझेदारी से भारत ने 27.1 ओवर में एक विकेट पर 200 रन बनाकर तीन मैच की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली।भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना (32 रन) आउट होने वाली एकमात्र बल्लेबाज रहीं।
इससे पहले श्री चरणी ने 10 ओवर में 23 रन देकर चार विकेट झटककर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जिससे जिम्बाब्वे की टीम 49.5 ओवर में 197 रन पर सिमट गई।प्रतिका ने बल्लेबाजी के लिए मुफीद पिच पर बिना कोई जोखिम लिए बेहतरीन शॉट्स लगाए। आसान पिच और जिम्बाब्वे की कमजोर गेंदबाजी के सामने भारतीय टीम ने तेज शुरुआत की।
हालांकि 16वें ओवर में मंधाना का विकेट गिर गया। वह ओलिंडर चारे की गेंद पर लांग ऑन पर खड़ी बिलव्ड बीजा को कैच थमा कर पवेलियन पहुंची। हालांकि तब तक मंधाना और प्रतिका ने पहले विकेट के लिए 94 रन जोड़ लिए थे।फिर क्रीज पर उतरी शेफाली ने आक्रामक बल्लेबाजी कर चारे की गेंद पर लगाकार छक्के लगाते हुए 29 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया।
प्रतिका के लगातार चौके से शतक पूरा करने के बाद शेफाली ने चौका लगाकर मैच का समापन किया।इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे के लिए बिलव्ड बीजा ने 62 रन की अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन इसके बावजूद टीम 200 रन के अंदर सिमट गई।
भारतीय गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट चटकाकर जिम्बाब्वे की पारी को झकझोर दिया। क्रांति गौड़ (42 रन देकर तीन विकेट) ने भी उनका अच्छा साथ निभाया। दोनों ने यहां कोटांबी के बल्लेबाजी के मुफीद विकेट पर जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।
: Maiden WC hundred : ODI Century No. A day to cherish for Pratika Rawal #TeamIndia | #INDvZIM | @mflone_ | @RawalPratika https://t.co/Zfn59RosNI
— BCCI Women (@BCCIWomen) October 23, 2026
बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिकवा (25) और चिपो मुगेरी टिरिपानो (21) को आउट करके जिम्बाब्वे को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद उन्होंने न्याशा ग्वांजुरा (13) और खतरनाक दिख रही मिशेल मावुंगा को पवेलियन भेजकर भारत का दबदबा बनाए रखा।
वहीं क्रांति ने शुरुआती ओवरों में दो कैच छूटने के बावजूद अपना ध्यान नहीं भटकने दिया और तीन विकेट हासिल किए। इनमें बीजा का अहम विकेट भी शामिल था।जिम्बाब्वे की चौथे नंबर की बल्लेबाज बीजा ने सतर्कता और आक्रामकता का अच्छा मिश्रण दिखाया। उन्होंने एक छोर संभालते हुए 92 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 62 रन बनाए। पर दूसरे छोर पर उन्हें साथ नहीं मिला।
भारत ने भले ही मैदान पर दबदबा बनाया हो लेकिन एक बार फिर खराब क्षेत्ररक्षण देखने को मिला और टीम ने कुछ आसान कैच टपका दिए। जिम्बाब्वे की सलामी बल्लेबाज मुपाचिकवा और तीसरे नंबर की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो को जीवनदान मिले।
तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर गौड़ की ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बाएं हाथ की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो ने ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर पीछे गई। विकेटकीपर ऋचा घोष आसान कैच पकड़ने में नाकाम रहीं।
आठवें ओवर में मुपाचिकवा ने गौड़ की वाइड गेंद पर जोरदार शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर दूसरी स्लिप में खड़ी दीप्ति शर्मा (44 रन देकर दो विकेट) के पास चली गई। हालांकि दीप्ति ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटक गई।
बाद में जब मावुंगा तेजी से रन बना रही थीं, तब 40वें ओवर में दीप्ति की गेंद पर उन्हें जीवनदान मिला। क्रांति गौड़ के पास डीप मिडविकेट पर उनका जोरदार शॉट लपकने का मौका था, लेकिन वह यह मुश्किल कैच नहीं पकड़ सकीं।इन दोनों टीम के बीच इससे पहले खेली गई तीन मैच की टी20 सीरीज में भारत ने क्लीन स्वीप किया था।

