Raihan Vadra: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा ने बुधवार (21 अक्टूबर) को कहा कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी सोलो (एकल) प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले दिल्ली में हालिया विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी उनकी कई तस्वीरें हटा दीं। प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ का प्रिव्यू बुधवार को हुआ। यह प्रदर्शनी गुरुवार (22 अक्टूबर) से आम लोगों के लिए खुलेगी। रेहान ने कहा कि उन्हें बुधवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बताया गया कि अगर तस्वीरें शाम पांच बजे तक नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। रेहान ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और प्रारूप बीकानेर हाउस मैनेजमेंट के साथ काफी पहले शेयर कर दिया था, इसके बावजूद प्रशासन ने कई तस्वीरें हटा दीं।
रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी में शुरू में वन्यजीवन, अमूर्त कला और भारत में युवाओं के हालिया प्रदर्शनों की तस्वीरें समेत 100 से अधिक तस्वीरें शामिल थीं, जिनमें से 70 से अधिक तस्वीरें हटा दी गई हैं। जबकि करीब 40 तस्वीरें अभी प्रदर्शित हैं। उन्होंने कहा कि हटाई गई तस्वीरों में किसी तरह का राजनीतिक संदेश नहीं था। वे पिछले छह महीने के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शनों का केवल दृश्य दस्तावेजीकरण थीं।
प्रदर्शनी शुरू होने से पहले तस्वीरें हटाने का आरोप
रेहान वाड्रा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में दावा किया कि प्रदर्शनी के उद्घाटन से करीब पांच घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उनके शो में प्रदर्शित अधिकांश कलाकृतियों को हटाने के लिए कहा। उनके अनुसार, इन तस्वीरों में दिल्ली में हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शनों को दर्ज किया गया था। रेहान का कहना है कि प्रबंधन ने इन तस्वीरों की सामग्री को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया गया। हालांकि, उन्होंने तिरंगे की तस्वीरें हटाने से इनकार कर दिया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि प्रदर्शनी उस समय उपलब्ध तस्वीरों के साथ जारी रहेगी। यदि जरूरत पड़ी तो वह किसी अन्य स्थान पर पूरी प्रदर्शनी लगाने और विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी सभी तस्वीरों को प्रदर्शित करने का विकल्प भी तलाशेंगे। रेहान ने पीटीआई से कहा, “एक भारतीय कलाकार के तौर पर मुझे लगा कि जो कुछ हो रहा है, उसका दस्तावेजीकरण करना मेरा कर्तव्य है। वे कलाकारों के काम को सेंसर कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि वे किस बात से डरे हुए हैं। उन्होंने भारतीय ध्वज की तस्वीर तक हटा दी।”
मौजूदा राजनीतिक माहौल का दिया हवाला
रेहान ने दावा किया कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने तस्वीरें हटाने के पीछे मौजूदा राजनीतिक माहौल का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी तस्वीरों को प्रदर्शित करने का यह सही समय नहीं है। रेहान ने कहा, “मैंने तर्क दिया कि आप यह नहीं कह सकते कि राजनीतिक कला प्रदर्शित न करें, क्योंकि सारी कला राजनीतिक होती है। राजनीति के बिना कोई कला नहीं है।”
प्रियंका गांधी ने जताई आपत्ति
रेहान की मां और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने तस्वीरें हटाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह हास्यास्पद है। वे देशभर के युवाओं की आवाज को दबा रहे हैं। इसलिए यह स्वाभाविक ही है कि वे किसी के साथ भी ऐसा करेंगे।”
प्रियंका ने कहा, “विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी उसकी (रेहान) तस्वीरों में न तो कोई टिप्पणी थी और न ही किसी के खिलाफ कुछ अपमानजनक था। वे सिर्फ विरोध-प्रदर्शन का दृश्य के जरिये किया गया दस्तावेजीकरण थीं। स्पष्ट रूप से यही उनका (सरकार) तरीका है। अब लोकतंत्र नहीं रहा। आज यह उसके साथ हुआ है, कल किसी और कलाकार के साथ होगा।”
बीकानेर हाउस का बयान
बीकानेर हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। बीकानेर हाउस के सीसीए भवन की पहली मंजिल पर स्थित दो बड़े कमरों की दीवारों से करीब 74 तस्वीरें हटाए जाने के बाद वहां तस्वीरों की जगह लगी कीलें नजर आ रही थीं। दीवारों पर संविधान की प्रस्तावना अंकित थी। प्रदर्शनी रविवार तक जारी रहेगी और तस्वीरें हटाए जाने के बावजूद इसका आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है।
74 कलाकृतियां हटाने का दावा, कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि बीकानेर हाउस से प्रदर्शनी की 74 कलाकृतियां हटाई गईं, जो उनके मुताबिक कुल प्रदर्शनी का लगभग आधा हिस्सा थीं।
खेड़ा ने सवाल उठाया कि यदि तस्वीरों में केवल विरोध प्रदर्शनों का दस्तावेजीकरण किया गया था। उनमें कोई अपमानजनक या भड़काऊ सामग्री नहीं थी, तो उन्हें हटाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब तिरंगे की तस्वीर भी सेंसरशिप के दायरे में आ जाए, तो सवाल कला का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है जिसके तहत ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं।
खेड़ा ने यह भी दावा किया कि हटाई गई तस्वीरों के बीच तिरंगे की तस्वीर को प्रदर्शनी में बनाए रखने के लिए रायहान को संघर्ष करना पड़ा। उनके अनुसार, तस्वीरें हटाए जाने के बाद प्रदर्शनी की दीवारों पर केवल लोहे की कीलें दिखाई दे रही थीं। उन्होंने इसे सेंसरशिप का प्रतीक बताया।
कार्ति चिदंबरम ने भी जताई नाराजगी
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी कथित कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीकानेर हाउस के प्रबंधन के व्यवहार को ‘चाइल्डिश’ और ‘ऑब्ट्यूज’ यानी अनुचित तथा समझ से परे बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। इस मामले में कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि पार्टी इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कलात्मक अभिव्यक्ति से जुड़े सवाल के रूप में उठा रही है।
यूथ कांग्रेस की लीगल सेल ने क्या कहा?
भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) की लीगल सेल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। संगठन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आप फ्रेम को सेंसर कर सकते हैं, लेकिन सच्चाई को नहीं।” पोस्ट में आगे ‘साहेब डरा हुआ है’ टिप्पणी भी की गई। इस बयान के जरिए संगठन ने प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने के कथित फैसले पर राजनीतिक सवाल उठाए।
क्या है पूरा मामला?
पूरा विवाद रेहान वाड्रा की ‘नो आइडिया इज फाइनल’ फोटो प्रदर्शनी से जुड़ा है, जिसमें उनके अनुसार युवाओं के विरोध प्रदर्शनों और अन्य प्रदर्शनों की तस्वीरें शामिल थीं। रेहान ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने इन तस्वीरों को आपत्तिजनक बताते हुए हटाने के लिए कहा। उन्होंने तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के निर्देश का भी दावा किया। लेकिन उन्हें हटाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद पवन खेड़ा, कार्ति चिदंबरम और युवा कांग्रेस की लीगल सेल ने कथित कार्रवाई पर सवाल उठाए। फिलहाल, उपलब्ध डिटेल्स में बीकानेर हाउस प्रबंधन का विस्तृत आधिकारिक जवाब सामने नहीं है। ऐसे में तस्वीरें हटाने के कारणों और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए मैनेजमेंट का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
रेहान वाड्रा क्या करते हैं?
रेहान राजीव वाड्रा (Raihan Rajiv Vadra) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा के बड़े बेटे हैं। वह एक विजुअल आर्टिस्ट (Visual Artist), फोटोग्राफर और क्यूरेटर हैं। रेहान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भांजे हैं। रेहान मुख्य रूप से फोटोग्राफी और इमर्सिव आर्ट इंस्टॉलेशन (Immersive Art Installation) के क्षेत्र में काम करते हैं।
उन्होंने वाइल्डलाइफ, स्ट्रीट और कमर्शियल फोटोग्राफी के साथ-साथ कई कला प्रदर्शनियों का आयोजन किया है। उन्होंने भारत के बड़े शहरों में अपनी कला और फोटोग्राफी की सोलो (एकल) प्रदर्शनियां लगाई हैं। इनमें ‘डार्क परसेप्शन’ (2021), ‘अनुमान’ (2022) और ‘उपमाना’ (2024) जैसी चर्चित प्रदर्शनियां शामिल हैं।

