Ram Mandir Donation Theft: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में में मचे महा-हड़कंप के बीच अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक 'सर्जिकल स्ट्राइक' होने जा रहा है। आस्था के केंद्र राम मंदिर में हुए 'चढ़ावा चोरी प्रकरण' के बाद अब सरकार एक्शन मोड में है और वित्तीय पारदर्शिता के लिए सीधे मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की तैयारी कर ली गई है। लेकिन असली विस्फोट तो SIT की जांच में हुआ है।
19 घंटे के महामंथन के बाद जांच की आंच अब दानपात्र से निकलकर CCTV सर्विलांस विंग, गेट चेकिंग और हवाई यात्राएं करने वाले रसूखदार पुजारियों तक पहुंच चुकी है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनके प्रोटोकॉल से ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय को दूर रखा गया है।
17 साल से नो ट्रांसफर! कैमरों का वो 'जादुई रिमोट' और RMO का रहस्य
जांच की परतें जैसे ही खुलीं, एक ऐसा चौंकाने वाला नाम सामने आया जिसने SIT के भी होश उड़ा दिए। यह नाम है रेडियो मेंटिनेंस ऑफिसर (RMO) का, जो पिछले 17 सालों से बिना किसी ट्रांसफर के राम मंदिर परिसर में अंगद की तरह पैर जमाए बैठा है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला, आस्था के केंद्र पर 'चंदा चोरी' का साया, SIT जांच से मचा हड़कंप
CCTV का रिमोट कंट्रोल : मंदिर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने वाले सीसीटीवी कैमरों का पूरा कंट्रोल इसी अधिकारी के पास था। कैमरा कब बंद हुआ, कब चालू, किसका फुटेज गायब हुआ—सब इसके इशारे पर होता था।
चंपत राय से सीधा कनेक्शन : सूत्रों के मुताबिक, आरोपी टिन्नू यादव का बेहद करीबी यह अफसर सीधे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को रिपोर्ट करता था और इसके लिए परिसर में एक स्पेशल रूम भी अलॉट था। इस बीच, खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के समय चंपत राय उनके प्रोटोकॉल में नहीं रहेंगे। ALSO READ: अयोध्या में रामलला को चढ़ाया सबसे महंगा आम, कीमत जानकर चौंक जाएंगे
संपत्ति की जांच शुरू : अब SIT ने इस 'रहस्यमयी' RMO की चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा तलब कर लिया है।
रडार पर 'हाई-फाई' पुजारी
चोरी के इस महा-जाल की आंच अब मंदिर के गर्भगृह और पुजारियों तक भी पहुंच गई है। सवाल उठ रहे हैं कि राम मंदिर के कुछ पुजारियों के पास अचानक इतना धन कहां से आ गया कि वे कई राज्यों की हवाई यात्राएं (Flight Travels) कर रहे हैं? क्या राम मंदिर के पुजारी होने का कोई अनुचित लाभ उठाया जा रहा है? SIT अब इन पुजारियों की भी कुंडली खंगालने की तैयारी में है।
19 घंटे का 'लाइव री-क्रिएशन' और रसूखदारों पर कसता शिकंजा
SIT की टीम ने लगातार दो दिनों तक कुल 19 घंटे तक राम मंदिर परिसर में डेरा डाले रखा। दानपात्र से पैसे निकालने से लेकर, गड्डियां बनाने और कैश काउंटिंग की पूरी प्रक्रिया का लाइव निरीक्षण किया गया। इस चक्रव्यूह में अब कई बड़े नाम फंसने वाले हैं। 5 साल से जमे राम मंदिर चौकी प्रभारी की खुफिया जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जिसकी मर्जी के बिना मंदिर का एक भी वीआईपी पास नहीं बन सकता था, वो मुख्य कर्मचारी भी अब रडार पर है।
मुख्य आरोपी टिन्नू यादव भले ही खुद को बेकसूर बता रहा हो, लेकिन 19 घंटे के इस महा-मंथन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि एक गहरा सिंडिकेट है। बहुत जल्द अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कई बड़े चेहरों से नकाब उतरने वाला है और एक बड़ा प्रशासनिक 'क्लीन-अप' देखने को मिलेगा!
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
