
भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि केरल विधानसभा में बड़ी जीत का श्रेय वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने एसआईआर को दिया था। राहुल गांधी इसी के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। अब भाजपा ने केरल के दिग्गजी कांग्रेस के विचार को ही आधार बना लिया है। ALSO READ: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी पर अड़ी कांग्रेस, देशभर में भारी प्रदर्शन, गुवाहाटी में नेता गिरफ्तार
प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर केरल के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि केरल में कांग्रेस का पुराना रुख: “हम एसआईआर (SIR) से प्यार करते हैं। एसआईआर ने फर्जी मतदाताओं को हटाने में मदद की। एसआईआर ने केरल विधानसभा चुनाव जीतने में हमारी मदद की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने एसआईआर पर राहुल गांधी की पोल खोल दी है। उनके इस दुष्प्रचार को जनता में कोई स्वीकार करने वाला नहीं है, यहां तक कि कांग्रेस में भी नहीं। ALSO READ: 10 महीने में 14 आपत्तियां और 13 करोड़ नाम हटने पर 2 चुनाव आयुक्तों ने ECI ज्ञानेश कुमार के फैसलों को ‘अवैध’ क्यों बताया?
Congress in Kerala in past: ” We love SIR. SIR helped remove bogus voters. SIR helped us win Kerala Assembly elections”.
Congress exposes Rahul Gandhi on SIR.
Their Propaganda has no takers in public, not even in Congress.
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी) (@pradip103) September 25, 2026
वीडियो ने रमेश चेन्निथला यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि केरल में एसआईआर बहुत ही ज्यादा मददगार साबित हुआ, क्योंकि हमारे पास जमीनी स्तर पर पार्टी संगठन है। पहले सीपीएम के लोग बोगस वोट करवाते थे। मरे हुए लोग वोट डालते थे। इन सभी को हटा दिया गया। केरल में यह हमारे लिए मददगार रहा। ALSO READ: ‘पीएम मोदी युवाओं से डरते हैं…’: Gen Z के वोट अधिकार को लेकर जयराम रमेश का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
गौरतलब है कि कांग्रेस आज CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन कर रही है। राहुल गांधी ने भी बुधवार को दावा किया था, ‘दोनों चुनाव आयुक्तों ने एक बुद्धिमानी वाला काम किया है। उन्होंने सच बता दिया है। ज्ञानेश कुमार को अपनी इस स्थिति को समझना चाहिए और गवाह बन जाएं…जो भी हुआ है, उसको लेकर प्रधानमंत्री और अमित शाह की जांच करवाई जाएगी। मोदी, शाह और भाजपा के लिए एंटी-इनकंबेंसी नहीं होती और अब हमें इसका जवाब मिल गया है।’


