
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली करने जा रहा है। मीडिया खबरों के मुताबिक ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आयोजित होने वाली इस रैली की तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार सुबह मैदान में बड़े तिरंगे रंग के टेंट लगाए जा रहे थे। मंच तैयार किया जा रहा था, प्लास्टिक की कुर्सियां पहुंचाई जा रही थीं और लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जा रही थी।
रैली में कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। रैली को लेकर कांग्रेस ने दावा किया है कि करीब 10 लाख लोग जुट सकते हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार कार्यक्रम में लगभग 50 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए करीब 3,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
रामलीला मैदान में दो मंच, टेंट और बैरिकेडिंग की तैयारी
1 नवंबर को होने वाली रैली के लिए रामलीला मैदान में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्य मंच पर विपक्षी नेताओं के बैठने की व्यवस्था होगी, जबकि INDIA गठबंधन के विभिन्न राज्यों के घटक दलों के लिए अलग मंच तैयार किया जा रहा है।
मैदान के आसपास सफेद छतरी वाले टेंट लगाए गए हैं। मिनी ट्रकों के जरिए प्लास्टिक की कुर्सियां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा, लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए धातु के बैरिकेड लगाए जा रहे हैं। रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। कांग्रेस विभिन्न राज्यों में अपने संगठन के नेताओं के साथ बैठकें कर कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने में जुटी है।
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राहुल गांधी ने छात्रों और सामाजिक संगठनों से की अपील
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोगों, छात्रों और नागरिक समाज से जुड़े संगठनों से रैली में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने इस आयोजन को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चलाए जा रहे आंदोलन के रूप में पेश किया है।
कांग्रेस ने दिल्ली के आसपास के राज्यों के नेताओं से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जुटाने के लिए कहा है। पार्टी और गठबंधन के अन्य दल चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, ये विपक्षी दलों के आरोप हैं।
सुरक्षा के लिए 3,500 पुलिसकर्मी और 200 से ज्यादा CCTV कैमरे
दिल्ली पुलिस ने रैली के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विस्तृत योजना तैयार की है। पुलिस के मुताबिक, कार्यक्रम स्थल पर 200 से अधिक CCTV कैमरों, बॉडी-वॉर्न कैमरों और निगरानी उपकरणों से लैस वाहनों के जरिए नजर रखी जाएगी।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मैदान को 14 जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर का अधिकारी करेगा। इनमें से दो जोन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Additional DCP) स्तर के अधिकारियों के जिम्मे होगी। इसके अलावा, रिजर्व पुलिस बल की 10 कंपनियां भी तैनात की जाएंगी। पुलिस ने आयोजकों से प्रमुख स्थानों पर हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाने और निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा है।
सफेद कपड़े पहनकर ‘भूत’ के रूप में पहुंचेंगे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता
भारतीय युवा कांग्रेस के मुताबिक, रैली में शामिल होने वाले कुछ कार्यकर्ता सफेद कपड़े पहनकर ‘भूत’ के रूप में नजर आएंगे। संगठन का कहना है कि यह प्रतीक उन मतदाताओं को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें कथित तौर पर मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिया गया या जिनके नाम हटा दिए गए हैं। संगठन ने यह भी बताया कि कुछ प्रतिभागी बैटमैन के मुखौटे पहन सकते हैं। यह कार्यक्रम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ विपक्ष के अभियान का हिस्सा है।
आयोजकों को पानी, शौचालय और पार्किंग की व्यवस्था के निर्देश
पुलिस के अनुसार, आयोजकों से रैली में शामिल होने वाले आमंत्रित लोगों, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों को लाने वाली बसों की जानकारी मांगी गई है। उन्हें पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने, पीने के पानी की व्यवस्था करने और महिलाओं के लिए अलग शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। वाहनों की पार्किंग को लेकर यातायात पुलिस के साथ समन्वय करने को कहा गया है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोजन स्थल पर रात में रुकने की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को अनुशासन बनाए रखने और ऐसे भाषणों या गतिविधियों से बचने की हिदायत दी गई है, जिनसे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। कांग्रेस को 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान बुक करने की अनुमति से संबंधित आधिकारिक पत्र 17 अक्टूबर को जारी किया गया था। हालांकि, आयोजन भूमि के स्वामित्व वाले प्राधिकरण की अनुमति और निर्धारित शर्तों के पालन के अधीन है।
30 अक्टूबर को भी विपक्ष का कार्यक्रम
1 नवंबर की महारैली से पहले INDIA गठबंधन 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जनता की महाभियोग प्रक्रिया’ जैसा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है। अन्य स्थानों पर अनुमति संबंधी अड़चनों के बाद विपक्षी नेताओं ने यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के राजाजी मार्ग स्थित आवास पर करने का फैसला किया है।
कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य दलों ने चुनाव आयोग पर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। यह मुद्दा भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष के राजनीतिक अभियान का प्रमुख हिस्सा बन गया है।


