
UP Chunav 2027: उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के लिए भाजपा (BJP) ने अपना चुनावी गियर बदल दिया है। राजधानी लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में 30 और 31 अक्टूबर को भाजपा की दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और रणनीतिक गुरुमंत्र से होगा, जबकि समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
3000 दिग्गज रणनीति को देंगे अंतिम रूप
403 विधानसभा और 80 लोकसभा सीटों वाले देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए BJP पूरी ताकत झोंकने जा रही है। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में पार्टी के लगभग 3000 प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटेंगे।
बैठक में कौन-कौन रहेगा शामिल?
राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश प्रभारी व सह-प्रभारी, सभी सांसद, राज्यसभा सदस्य और 2024 के लोकसभा प्रत्याशी, 2022 के विधानसभा व MLC प्रत्याशी, महापौर, जिला पंचायत व नगर पालिका अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधानसभा प्रभारी व विस्तारक, सोशल मीडिया, मीडिया पैनलिस्ट, प्रवक्ता, मोर्चा व प्रकोष्ठों के संयोजक आदि बैठक में शामिल होंगे।
2017 से भी बड़ी जीत’ का लक्ष्य
बैठक के दौरान संगठन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ आगामी चुनाव के लिए एक मजबूत राजनीतिक प्रस्ताव लाया जाएगा। बैठक में सरकार के कामकाज, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना शामिल है। अमित शाह, जिन्होंने 2014 और 2017 के चुनावों में पार्टी के प्रबंधन को नया आयाम दिया था, एक बार फिर कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरेंगे। बताया जा रहा है कि बैठक में हाल के एमएलसी चुनाव परिणामों पर भी चर्चा हो सकती है।
बीजेपी नेता मनीष शुक्ला का कहना है कि हमारा लक्ष्य 2027 में 2017 से भी बड़ी और प्रचंड जीत दर्ज करना है, जिसके लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जा रही है। प्रदेश महामंत्री राजेश चौधरी ने भरोसा जताया कि संगठन और सरकार के बेहतर समन्वय से भाजपा लगातार तीसरी बार प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी।
सपा का तंज : बनेगी PDA सरकार
भाजपा के इस शक्ति प्रदर्शन पर समाजवादी पार्टी (SP) ने करारा हमला बोला है। सपा का दावा है कि भाजपा सरकार के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है। सपा नेता दीपक रंजन ने कहा कि अगर सरकार ने 10 साल में वाकई काम किया होता, तो इन्हें इतनी बैठकों और कसरतों की जरूरत नहीं पड़ती। अब ये कितनी भी बैठकें कर लें, जनता केवल वोट का बटन दबाकर इन्हें बेदखल करने और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की सरकार लाने का इंतज़ार कर रही है।
एक तरफ जहां भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की इस विशाल बैठक से 2027 की सियासी जमीन मजबूत करने में जुटी है, वहीं विपक्षी दल जनता की कथित नाराजगी को ढाल बनाकर BJP के विजय रथ को रोकने का दावा कर रहे हैं। लखनऊ का यह दो दिवसीय महामंथन यूपी की भावी राजनीति का रुख तय करने वाला साबित होगा।


