
Uttarakhand Ardh Kumbh 2027: उत्तराखंड में साल 2027 में आयोजित होने वाले अर्द्धकुंभ को ऐतिहासिक, भव्य और दिव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इस महाआयोजन के मद्देनजर देवभूमि आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुगमता और अध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए ऋषिकेश के विश्व प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट का कायाकल्प किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने त्रिवेणी घाट को एक आधुनिक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 156 करोड़ का विशेष बजट स्वीकृत किया है।
बनेगा नया 'गंगा कॉरिडोर'
इस विशेष योजना के तहत ऋषिकेश में एक भव्य गंगा कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर न केवल त्रिवेणी घाट की सुंदरता में चार चांद लगाएगा, बल्कि यहां आने वाले तीर्थयात्रियों को आध्यात्मिकता का एक बिल्कुल नया, सुगम और सुरक्षित अनुभव प्रदान करेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के बावजूद इस पूरे क्षेत्र के पौराणिक और धार्मिक स्वरूप को अक्षुण्ण रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami जी के नेतृत्व में अर्द्धकुंभ 2027 को अत्यंत भव्य और दिव्य बनाया जायेगा। ₹156 करोड़ के विशेष बजट से ऋषिकेश के प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट को एक आधुनिक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह नया गंगा कॉरिडोर श्रद्धालुओं को… pic.twitter.com/y5f2wFLSfJ
— BJP Uttarakhand (@BJP4UK) June 22, 2026
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- आधुनिक धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र : त्रिवेणी घाट को वैश्विक स्तर के सांस्कृतिक हब के रूप में री-डेवलप किया जाएगा, जहां भव्य गंगा आरती के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
- श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग : अर्द्धकुंभ के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उनके आवागमन को आसान बनाने के लिए कॉरिडोर के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
- 156 करोड़ का विशेष प्रावधान: इस भारी-भरकम बजट से घाटों का विस्तार, सौंदर्यीकरण, रोशनी की आधुनिक व्यवस्था और स्वच्छता प्रबंधन के कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, राज्य सरकार अर्द्धकुंभ 2027 को भव्यता के नए शिखर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह नया इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल कुंभ के दौरान काम आएगा, बल्कि भविष्य में ऋषिकेश में पर्यटन और तीर्थाटन को एक नई ऊंचाई देगा।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

